चर्चा में क्यों?

  • अखिल भारतीय बाघ आकलन 2018 के चौथे चक्र ने विश्व का सबसे बड़ा कैमरा ट्रैप वन्यजीव सर्वेक्षण (WORLD’S LARGEST CAMERA TRAP WILDLIFE SURVEY) होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कैमरा ट्रैप मोशन सेंसर्स के साथ लगे हुए बाहरी फोटोग्राफिक उपकरण होते हैं जो किसी भी जानवर के गुजरने पर रिकॉर्डिंग शुरू कर देते हैं।
  • इनसे मिली तस्वीरों के माध्यम से, 2,461 बाघों (शावकों को छोड़कर) की पहचान की गई।
  • कैमरा ट्रैप का उपयोग करने के साथ-साथ, 2018 “स्टेटस ऑफ़ टाइगर्स इन इंडिया” (Status of Tigers in India) का मूल्यांकन व्यापक फुट सर्वेक्षण के माध्यम से भी किया गया।

अखिल भारतीय बाघ आकलन

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NCTA) द्वारा अखिल भारतीय बाघ आकलन (All India Tiger Estimation) को भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के द्वारा तकनीकी समर्थन के साथ चलाया जाता है और राज्य वन विभागों और भागीदारों द्वारा इसे कार्यान्वित किया जाता है।
  • 2018 के नवीनतम परिणामों से पता चलता है कि भारत में अब बाघों की कुल अनुमानित संख्या 2,967 है, जिनमें से 2,461 बाघों को व्यक्तिगत रूप से कैप्चर किया गया है, जो बाघों की संख्या का 83% है और सर्वेक्षण की व्यापकता की प्रकृति को रेखांकित करता है।
  • इस संख्या के साथ, भारत में बाघ वैश्विक संख्या का लगभग 75% निवास करते हैं और भारत द्वारा 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग में बाघों की संख्या दोगुनी करने वाले अपने संकल्प को निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2022 से बहुत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।
  • भारत में बाघों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) चलाया जा रहा है जिसकी शुरूआत 9 बाघ अभयारण्यों के साथ की गई थी और इसे वर्तमान में 50 बाघ अभयारण्यों में चलाया जा रहा है।
  • बाघ संरक्षण में भारत ने अपने नेतृत्व की भूमिका मजबूती के साथ स्थापित कर ली है, जिसके बेंच मार्किंग प्रथाओं को दुनिया भर में स्वर्ण मानक के रूप में देखा जाता है।

प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger)

  • देश में बाघों को विलुप्त होने से बचाने के लिए भारत सरकार ने 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया।
  • इस प्रयास के तहत टाइगर रिजर्व बनाए गए. 1973-74 में जहां नौ टाइगर रिजर्व थे अब इसकी संख्या बढ़कर 50 हो गई है।
  • पर्यावरण मंत्रालय ने 2005 में नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी (NCTA) का गठन किया जिसको प्रोजेक्ट टाइगर के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना वर्ष 2006 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों में संशोधन करके की गई। प्राधिकरण की पहली बैठक नवंबर 2006 में हुई थी।