वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर पड़ सकता है गहरा प्रभाव: WFP

कोरोना वायरस महामारी के तेजी से बढ़ते प्रकोप का अब तक वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है। लेकिन, चिंता से ग्रस्त बड़े खाद्य निर्यातक यदि संकट में आए, तो यह स्थिति बहुत जल्द बिगड़ सकती है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme, WFP) ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि मूल अनाजों के लिए वैश्विक बाजार पूरी तरह भरे-पूरे हैं और कीमतें आमतौर पर कम हैं।
हालांकि खाद्य उत्पादन एवं आपूर्ति की वैश्वीकृत प्रकृति को देखते हुए इन सामग्रियों को उत्पादन के मुख्य केंद्र से निकालकर वहां तक पहुंचाने की जरूरत है, जहां इनकी खपत है। डब्ल्यूएफपी के अनुसार अभी तक किसी तरह की कमी नहीं है। खाद्य आपूर्ति पर्याप्त है और बाजार अपेक्षाकृत स्थिर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनाज भंडार सहज स्तर पर है और गेहूं तथा अन्य मुख्य अनाजों की संभावना भी पूरे साल सकारात्मक नजर आ रही है। लेकिन, बहुत जल्द हमें आपूर्ति श्रृंखला में दरार पड़ती दिख सकती है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP)

  • विश्व खाद्य कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता शाखा है, यह भुखमरी को समाप्त करने के लिए तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्व का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है। यह संगठन उन लोगों के लिए कार्य करता है जो स्वयं खाद्यान्न का उत्पादन नहीं कर सकते और भोजन प्राप्त करने में असमर्थ हैं।
  • यह संगठन संयुक्त राष्ट्र विकास समूह का सदस्य है तथा इसकी कार्यकारी समिति का अध्यक्ष है। इसकी स्थापना 1961 में की गयी थी।
  • इसका मुख्यालय इटली के रोम में स्थित है। इसके कार्यालय विश्व के 80 देशों में है।
  • यह संगठन विश्व भर में 75 देशों में प्रतिवर्ष 80 मिलियन लोगों को खाद्य सहायता उपलब्ध करवाता है।भारत में इसकी उपस्थिति 1963 से है।
  • WFP खाद्य के अंतिम लक्ष्य के साथ भूख और कुपोषण को खत्म करने का प्रयास करता है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र विकास समूह का सदस्य है और इसकी कार्यकारी समिति का हिस्सा है।

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