संदीप कुमारी पर चार साल का प्रतिबंध

डिस्कस थ्रोअर (चक्का फेंक) एथलीट संदीप कुमारी पर वाडा (World Anti-Doping Agency- WADA) की ऐथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई ने डोपिंग परीक्षण में विफल होने पर चार साल का प्रतिबंध लगाया है। करीब दो साल पहले राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (NDTL) ने उनके नमूने को सही पाया था। एनडीटीएल प्रतिबंधित पदार्थ (स्टेरॉयड) का पता लगाने में विफल रही थी जो उनके नमूने में मौजूद था।
यह नमूना गुवाहाटी में जून 2018 में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैम्पियनशिप के दौरान नाडा अधिकारियों ने लिया था जहां संदीप कुमारी ने 58.41 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता था। वाडा ने कनाडा में मॉन्ट्रियल प्रयोगशाला में कुमारी के नमूने का परीक्षण करने का फैसला किया और नवंबर 2018 में यह एनाबोलिक स्टेराइड मेटेनोलोन का पॉजिटिव आया था।
सिर्फ संदीप कुमारी का ही नहीं बल्कि 2017 एशियाई चैम्पियन निर्मला श्योराण का भी नमूना एनडीटीएल की जांच में नेगेटिव आया था लेकिन मॉन्ट्रियल के परीक्षण में इसे पॉजिटिव पाया गया। जुमा खातून पर भी पिछले महीने चार साल का प्रतिबंध लगाया गया था।
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की स्थापना 1999 में की गई थी। इसका मुख्यालय मॉन्ट्रियल, कनाडा में है। वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा, एंटी-डोपिंग क्षमताओं का विकास करना और विश्व एंटी-डोपिंग संहिता (कोड) की निगरानी करना इस संगठन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल है। विश्व एंटी-डोपिंग संहिता (कोड) सभी खेलों एवं देशों में डोपिंग विरोधी नीतियों का सामंजस्य स्थापित करने वाला दस्तावेज़ है।

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