वोल्कान बोज़किर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)के अध्यक्ष चुने गए

तुर्की राजनयिक और राजनेता वोल्कान बोज़किर (Volkan Bozkır) को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 75वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। वह पश्चिमी यूरोपीय और अन्य राज्यों के बीच से समर्थित उम्मीदवार थे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें (मौजूदा) सत्र के अध्यक्ष नाइजीरिया के तिजानी मोहम्मद बाँडे हैं । उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly, UNGA) संयुक्त राष्ट्र के 6 अंगों में से एक है।
यह संयुक्त राष्ट्र की एकमात्र ऐसी अंग है जहां सभी सदस्य देशों को समान प्रतिनिधित्व मिला है। UNGA को दुनिया की लघु संसद भी कहा जाता है।
प्रत्येक वर्ष सितंबर के माह में न्यूयार्क (USA) स्थित यूएन मुख्यालय में इसका अधिवेशन होता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र वैश्च‍िक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण होता है। विभिन्न सदस्य देश इन अधिवेशनों में अपनी अपनी राय रखते हैं। इसका पहला अधिवेशन 10 जनवरी 1946 को लंदन के मेथोडिस्ट सेंट्रल हॉल में आयोजित हुआ था तब इसमें 51 सदस्य देश थे। आज सदस्‍य देशों की संख्‍या बढ़कर 193 हो चुकी है।
ऐसे तय होता है एजेंडा
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से ही अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति का एजेंडा तय होता है। इसकी संरचना, कार्य, शक्तियां, मतदान और प्रक्रियाएं संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय चार में निर्धारित की गई हैं। नियमों के अनुसार, इसके अधिवेशन के हर सत्र के लिए करीब सात माह पहले से ही एजेंडा तय कर लिया जाता है।
इसके कुल सदस्य देशों में विकासशील देशों की संख्‍या करीब दो तिहाई है। अक्‍सर देखा जाता है कि संख्‍याबल की वजह से विकासशील देश यूएनजीए के अधिवेशनों का एजेंडा तय करने में सफल हो जाते हैं।
ऐसे होता है प्रस्ताव पारित
महासभा के अधिवेशनों में सदस्य देशों के राष्टाध्यक्ष या शासन प्रमुख भाग लेते हैं। अधिवेशनों में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होती है। इसी के आधार पर प्रस्ताव रखे जाते हैं।
महासभा में प्रस्ताव को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्‍यकता होती है। हर सदस्‍य देश को एक मत देने का अधिकार होता है। हालांकि, महासभा द्वारा पारित प्रस्ताव (बजटीय उपायों के अलावा) सदस्य राष्ट्रों पर बाध्यकारी नहीं हैं।
अधिवेशनों में सदस्‍य देशों को खुलकर अ‍पनी बात निश्चित समय में रखने की छूट होती है। प्रतिनिधियों को अपनी बात को लिख‍ित दस्‍तावेज के तौर पर भी देना होता है।

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