संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पारित किए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 30 मार्च 2020 को पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। कोरोना महामारी के चलते गत 12 मार्च से सुरक्षा परिषद के सदस्य देश वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही बैठक कर रहे हैं। जो चार प्रस्ताव पारित किए गए, उनमें शामिल हैं-

  • उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंध की अवधि अप्रैल, 2021 तक बढ़ाई गई।
  •  सोमालिया और दारफुर में यूएन मिशन की अवधि क्रमश: जून और मई तक के लिए बढ़ाई गई।
  • यूएन शांति मिशन में तैनात सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर ऐतिहासिक प्रस्ताव।
  • सुरक्षा परिषद ने इस बैठक में युद्धग्रस्त देश सीरिया में काेराेना महामारी के संभावित विनाशकारी असर पर चिंता जताई गई।

ऐतिहासिक संकल्प 2518 पास
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सर्वसम्मति से संकल्प 2518 को पास किया है। यूएनएससी ने पहली बार इस तरह का संकल्‍प पास किया है। यूएनएससी ने इस प्रकार का संकल्‍प कोरोना महामारी से उपजे संकट को ध्‍यान में रखते हुए लिया है।
यह संकल्‍प दुनिया के विभिन्‍न देशों में तैनात शांति सैनिकों की कोरोना से बचाव व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने की कोशिश करता है। शांति सैनिकों के लिए इस तरह का प्रस्ताव पहली बार पास किया गया है।
इस प्रस्ताव को चीन ने रखा जबकि इटली, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, रूस, स्पेन, तुर्की और वियतनाम सहित 43 देशों ने समर्थन किया। यूएन के शांति अभियानाें में अभी दुनियाभर में 95,000 से ज्यादा शांति सैनिक तैनात हैं।
यूएनएससी ने कहा है कि इन ऑपरेशनों में शांति सैनिकों की चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। शांति सैनिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे थे। ऐसे में यह फैसला लेना जरूरी था।
सुरक्षा परिषद (United Nation Security Council) –
सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का महत्वपूर्ण अंग है। इसे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत सुरक्षा परिषद अस्तित्व में लाया गया है। इसका गठन द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1945 में हुआ था।
गठन एवं संरचना

  • मूल रूप से सुरक्षा परिषद में 11 सदस्य थे जिसे 1965 में बढ़ाकर 15 कर दिया गया।
    सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्य हैं- अमेरिका, ब्रिटेन, फ्राँस, रूस और चीन। सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार होता है।
  • इन स्थायी सदस्य देशों के अलावा 10 अन्य देशों को दो साल के लिये अस्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद में शामिल किया जाता है।
  • स्थायी और अस्थायी सदस्य बारी-बारी से एक-एक महीने के लिये परिषद के अध्यक्ष बनाए जाते हैं।
  • अस्थायी सदस्य देशों को चुनने का उदेश्य सुरक्षा परिषद में क्षेत्रीय संतुलन कायम करना है।
  • अस्थायी सदस्यता के लिये सदस्य देशों द्वारा चुनाव किया जाता है। इसमें पाँच सदस्य एशियाई या अफ्रीकी देशों से, दो दक्षिण अमेरिकी देशों से, एक पूर्वी यूरोप से और दो पश्चिमी यूरोप या अन्य क्षेत्रों से चुने जाते हैं।

भूमिका तथा शक्तियाँ

  • सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का सबसे शक्तिशाली निकाय है जिसकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा कायम रखना है।
  • इसकी शक्तियों में शांति अभियानों का योगदान, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को लागू करना तथा सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के माध्यम से सैन्य कार्रवाई करना शामिल है।
  • यह सदस्य देशों पर बाध्यकारी प्रस्ताव जारी करने का अधिकार वाला संयुक्त राष्ट्र का एकमात्र निकाय है।
  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत सभी सदस्य देश सुरक्षा परिषद के निर्णयों का पालन करने के लिये बाध्य हैं।
  • मौजूदा समय में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों के पास वीटो पॉवर है। वीटो पॉवर का अर्थ होता है ‘मैं अनुमति नहीं देता हूँ।’
  • स्थायी सदस्यों के फैसले से अगर कोई सदस्य सहमत नहीं है तो वह वीटो पाॅवर का इस्तेमाल करके उस फैसले को रोक सकता है।

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