संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ऐतिहासिक मंगल अभियान

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मंगल ग्रह के लिए ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान के लिए शोध यान को जापान से छोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • होप (Hope) या अल अमाल (Al-Amal) नामक इस प्रोब को जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र ( Tanegashima Space Centre) से H2-A नामक रॉकेट से लॉन्च किया गया।
  • अब यह 50 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करके मंगल ग्रह के मौसम और जलवायु का अध्ययन करेगा।
  • होप प्रोब के फ़रवरी 2021 तक मंगल तक पहुंचने की संभावना है, यह तारीख़ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उस समय संयुक्त अरब अमीरात के गठन की 50वीं सालगिरह भी है।
  • ‘होप’ मिशन को अरब जगत में प्रेरणा के एक बहुत बड़े स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल ‘यूएई की सरकार देश की अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल और गैस से हटाकर भविष्य में ज्ञान पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना चाहते हैं।
  • होप’ मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ओमरान शराफ़ हैं।

क्या खोज करेगा होप मिशन?

  • होप मिशन इस बात का अध्ययन करेगा कि मंगल के वातावरण में ऊर्जा किस तरह से गति करती है।
  • यह मंगल पर फैली धूल का भी अध्ययन करेगा क्योंकि इसी धूल के कारण मंगल का तापमान प्रभावित होता है।
  • मंगल के वातावरण में मौजूद हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के तटस्थ परमाणुओं के बर्ताव का भी ये सैटेलाइट अध्ययन करेगा।
  • ऐसी वैज्ञानिक मान्यता रही है कि अतीत में मंगल ग्रह पर पानी था। आख़िर उस पानी को क्या हुआ। होप मिशन की स्टडी के दायरे में ये विषय भी रहेगी।
  • होप प्रोब मंगल ग्रह पर अवस्थित ओलिंपस मॉन्स (सौर मंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी) को भी ऊपर से देख सकेगा।

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