वैज्ञानिकों ने लगाया 16 से अधिक उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के आने का अनुमान

कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी (USA) के मौसम विज्ञानियों ने 2020 में दुनियाभर में 16 से ज्यादा  उष्णकटिबंधीय चक्रवातों आने का पूर्वानुमान लगाया है। इनमें आठ हेरिकन भी शामिल हैं। इन आठ में चार तूफान बेहद खतरनाक और शक्तिशाली होंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2020 में अटलांटिक बेसिन हरिकेन मौसम की गतिविधि सामान्य से उपर होगी। जिन हरिकेन तूफान की श्रेणी 3 से 5 होगी, वो बड़े तूफान बन जाएंगे। इनमें 111 मील प्रति घंटे और इससे अधिक गति की तेज हवाएं चलेंगी। अनुमान है कि ये तूफान 1 जून से 30 नवंबर के हरिकेन मौसम के दौरान आएंगे।  उल्लेखनीय है कि अटलांटिक बेसिन में प्रतिवर्ष औसतन 12 उष्णकटिबंधीय तूफान होते हैं, जिनमें से छह हरिकेन होते हैं।
ये होंगे उनके नाम : आर्थुर , बेरथा, क्रिस्टोबल, डॉली, एडुअर्ड, फे, गोंजालो, हन्ना, इजाइअस, जोसफिन, केली , लौरा, मार्को , नाना, ओम , पौलेट, रेने, सैली, टेडी, विक्की, विल्फ्रेड।
क्या है हरिकेन ?
हरिकेन एक प्रकार का तूफान है, जिसे उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहा जाता है। ये शक्तिशाली व विनाशकारी तूफान होते हैं। इनक उत्पत्ति अटलांटिक बेसिन में होती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक उष्णकटिबंधीय तूफान तब एक हरिकेन बन जाता है, जब इसकी हवा की गति 74 मील प्रति घंटे तक पहुंच जाती है। इसकी तीव्रता को सैफिर-सिंपसन हरिकेन विंड स्केल से मापा जाता है|।
क्या हैं उष्णकटिबंधीय चक्रवात ?
उष्णकटिबंधीय चक्रवात कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच उत्पन्न होने वाले चक्रवात हैं। इनकी उत्पत्ति उष्णकटिबंधीय सागरीय भागों पर तब होती है जब तापमान 27ºC से अधिक हो।कोरिओलिस बल की उपस्थिति, उर्ध्वाधर पवनों की गति में अंतर कम होना, कमज़ोर निम्न दाब क्षेत्र तथा समुद्र तल पर ऊपरी अपसरण इन चक्रवातों की उत्पत्ति व विकास के लिये अनुकूल स्थितियाँ पैदा करते हैं।
अत्यधिक वाष्पीकरण के कारण आर्द्र हवाओं के ऊपर उठने से इनका निर्माण होता है। इन चक्रवातों को ऊर्जा, संघनन की गुप्त उष्मा से मिलती है। इसीलिये इन चक्रवातों का मुख्य प्रभाव तटीय भागों में ही होता है क्योंकि स्थल भाग पर आने पर इनकी ऊर्जा के स्रोत, संघनन की गुप्त उष्मा, का ह्रास होता चला जाता है।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में पवन की गति 30 किमी. प्रति घंटे से लेकर 225 किमी. प्रति/घंटे तक हो सकती है। भारत में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होने वाले अवदाबों के प्रभाव से अप्रैल से नवंबर के बीच ये चक्रवात आते हैं। सामान्य रूप से इनकी गति 40-50 किमी. प्रति/घंटा होती है, परंतु यदि तीव्रता अधिक हो जाए तो विनाश की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
कहां किस नाम से जाने जाते हैं उष्णकटिबंधीय चक्रवात?
हिंद महासागर में चक्रवात
अटलांटिक महासागर में हरिकेन
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में टाइफून
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विलीज़

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