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टोक्यो ओलंपिक का समापन, भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

टोक्यो ओलंपिक-2020:

  • 23 जुलाई 2021 से शुरू हुए टोक्यो ओलंपिक खेलों का 08 अगस्त को समापन हो गया। कोरोना के कारण एक साल की देरी से हुए इन खेलों को टोक्यो ओलंपिक 2021 के नाम से ही जाना जाएगा
  • इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बाक ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 के समापन की औपचारिक घोषणा की। अब अगला ओलिंपिक 2024 में पेरिस में होगा। टोक्यो में करीब 11 हजार एथलीट्स ने 339 इवेंट्स में हिस्सा लिया।
  • समापन समारोह में कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया भारत के ध्वजवाहक रहे। उल्लेखनीय है कि ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम ने भारत का ध्वज थामा था।
  • समापन समारोह में फ्रांस के राष्ट्रगान की प्रस्तुति के बाद स्टेडियम में फ्रांस का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद पेरिस ओलिंपिक 2024 की उलटी गिनती शुरू हो गई।
  • सेरेमनी में सभी एथलीट्स ने लोगों को ‘स्ट्रॉन्ग टुगेदर’ का मैसेज भी दिया।
  • ओलिंपिक के बाद अब टोक्यो में पैरालिंपिक गेम्स भी खेले जाएंगे। हाशिमोटो ने कहा कि इसका फैसला सही समय पर किया जाएगा। पैरालिंपिक 24 अगस्त से 5 सितंबर तक आयोजित किए जाएंगे।

पदक तालिका में अमेरिका शीर्ष पर

  • टोक्यो ओलंपिक 2020 की पदक तालिका में आखिर अमेरिका ने चीन को पछाड़ दिया। इस बीच अमेरिका 39 स्‍वर्ण और 113 पदकों के साथ शीर्ष पर आ गया है, वहीं दूसरे नंबर पर चीन 38 स्‍वर्ण और मेजबान जापान 27 स्‍वर्ण के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
  • टोक्यो ओलंपिक में 100 मेडल जीतने वाला अमेरिका एकमात्र देश है, जबकि चीन 38 स्‍वर्ण, 32 सिल्‍वर और 18 ब्रॉन्‍ज सहित कुल 88 मेडल के साथ दूसरे नंबर है।
  • मेजबान जापान 27 स्‍वर्ण, 14 सिल्‍वर और 17 ब्रॉन्‍ज सहित कुल 58 मेडल के साथ तीसरे पर स्थान पर बरकरार है। ग्रेट ब्रिटेन 22 स्‍वर्ण, 21 सिल्‍वर और 22 ब्रॉन्‍ज सहित कुल 65 मेडल के साथ चौथे स्‍थान पर है।
  • वहीं दूसरी ओर भारत ने टोक्यो ओलंपिक में 1 स्‍वर्ण, 2 सिल्वर और 4 कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया। यह भारत का किसी एक ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले लंदन ओलंपिक 2012 में भारत ने 6 पदक जीते थे। इस प्रकार टोक्यो ओलंपिक्स की पदक तालिका में भारत 48वें स्थान पर है।

भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

  • आठ अगस्त को टोक्यो ओलंपिक का समापन हो गया। इन ओलंपिक में भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदकों के साथ अब तक के ओलंपिक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  • टोक्यो में भारत ने एथलेटिक्स (स्वर्ण), वेटलिफ़्टिंग (रजत), कुश्ती (एक रजत, एक कांस्य), हॉकी (कांस्य), बैडमिंटन (कांस्य) और बॉक्सिंग (कांस्य) में पदक हासिल किए। इससे पहले भारत ने लंदन ओलंपिक 2012 में सबसे अधिक 6 पदक हासिल किए थे।

नीरज चोपड़ा ने जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक

  • ओलपिक खेलों में भारतीय टीम ने 13 साल बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक का सूखा ख़त्म किया। टोक्यो में नीरज चोपड़ा ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
  • उन्होंने 87.58 मीटर जैबलिन थ्रो (भाला फेंक) के साथ भारत के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना की चार राजपूताना रायफल्स में सूबेदार पद पर तैनात नीरज चोपड़ा पहली बार ओलंपिक खेलों में भाग ले रहे थे।
  • नीरज ने इसी साल इंडियन ग्रॉ प्री-3 में 88.07 मीटर जैवलिन थ्रो के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। जून के महीने में पुर्तगाल के लिस्बन शहर में हुए मीटिंग सिडडे डी लिस्बोआ टूर्नामेंट में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
  • उनसे पहले 2008 के बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफ़ल के व्यक्तिगत स्पर्धा में अभिनव बिंद्रा गोल्ड जीतकर भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता थे।
  • वो ओलंपिक खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मेडल लाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
  • आधुनिक ओलंपिक खेलों का इतिहास भी 125 साल पुराना है। इन सवा सौ सालों में अब तक कोई भारतीय ट्रैक एंड फ़ील्ड प्रतियोगिताओं में कोई मेडल नहीं हासिल कर सका था।
  • वैसे भारत ने 1920 के एंटवर्प ओलंपिक खेलों से अपने खिलाड़ियों को ओलंपिक भेजना शुरू किया था, इसलिए कहा जा रहा है कि नीरज चोपड़ा ने 100 साल से चले आ रहे मेडल के सूनेपन को ख़त्म कर दिया है।
  • दरअसल नीरज चोपड़ा से पहले ओलंपिक खेलों के इतिहास में दो बार दो भारतीय एथलीट ओलंपिक मेडल हासिल करने के बेहद क़रीब पहुंचे लेकिन सेकेंड के भी सौवें हिस्से से पदक से चूक गए थे।
  • 1960 के रोम ओलंपिक में ‘उड़न सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह के सामने मेडल जीतने का मौका था। 400 मीटर फ़ाइनल में उन्हें पदक का दावेदार माना जा रहा था लेकिन वो सेकेंड के दसवें हिस्से से मेडल जीतने से चूक गए थे।
  • 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक खेलों में “उड़न परी” पीटी उषा 400 मीटर हर्डल में कांस्य पदक सेकेंड के सौवें हिस्से से चूक गई थीं।

21 साल बाद मिला वेटलिफ़्टिंग में पदक

  1. टोक्यो ओलंपिक में भारत के पदकों का खाता पहले दिन ही मीराबाई चानू ने रजत पदक के साथ खोल दिया था।
  2. उन्होंने वेट लिफ्टिंग के 49 किलोवर्ग में कुल 202 किलो (87 किलो + 115 किलो) भार उठा कर उन्होंने भारत के लिए इस प्रतिस्पर्धा में 21 साल बाद ओलंपिक पदक हासिल किया।
  3. उनसे पहले सिडनी ओलंपिक 2000 के 69 किलो भारोत्तोलन में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। वह वेटलिफ्टिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
  4. मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 को मणिपुर के नोंगपेक काकचिंग गांव में हुआ था।
  5. मीराबाई 2021 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली इकलौती भारतीय वेटलिफ्टर हैं।

मीराबाई चानू को मणिपुर सरकार देगी एएसपी पद।

  • टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को मणिपुर सरकार राज्य पुलिस में एडिशनल एसपी (स्पोर्ट्स) के पद पर तैनात करने की घोषणा की है।

पीवी सिंधु ने जीता लगातार दूसरा पदक

  • महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को दूसरा पदक दिलाया। उन्होंने कांस्य पदक जीता।
  • सिंधु सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की हे बिंगजिआओ (He Bing Jiao) को 21-13 और 21-15 से हार गईं थी।
  • रियो ओलंपिक 2016 में भी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता था। तब उन्हें फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी।
  • टोक्यो में कांस्य पदक जीतकर वे (पहली महिला) दूसरी ऐसे खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में दो ओलंपिक पदक हासिल किए हैं.
  • सुशील कुमार ने कुश्ती में बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य और लंदन ओलंपिक 2012 में रजत पदक हासिल किए थे।
  • इस जीत के साथ ही सिंधु भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीता है।
  • बैडमिंटन की बात करें तो भारत को बैडमिंटन में ओलंपिक में 3 मेडल मिले हैं। साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
  • दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में ब्रॉन्ज और लंदन 2012 खेलों में सिल्वर पदक जीतकर ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।

बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने जीता कांस्य

  • स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में यादगार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
  • लवलीना 69 किलो वेल्टरवेट कैटिगरी के सेमीफ़ाइनल में तुर्की की वर्ल्ड नंबर-1 बॉक्सर बुसेनाज सुरमेनेली से हार गई थीं।
  • भारत को 9 साल के बाद ओलंपिक बॉक्सिंग में पदक हासिल हुआ है।
  • असम के गोलाघाट ज़िले की लवलीना बॉक्सिंग में ओलंपिक पदक हासिल करने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी हैं।
  • उनसे पहले विजेंदर सिंह ने 2008 बीजिंग ओलंपिक और मेरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में भारत के लिए बॉक्सिंग में कांस्य पदक हासिल किए थे।

रवि दहिया ने जीता सिल्वर

  • भारत को टोक्यो ओलंपिक में दूसरा रजत पदक रवि दहिया ने दिलाया।
  • रवि दाहिया 57 किलोवर्ग फ़्री स्टाइल कुश्ती के फ़ाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त रूसी ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव से 4-7 से मात खा गए थे और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा था।
  • रवि कुमार दहिया ओलंपिक में रजत पदक हासिल करने वाले दूसरे पहलवान हैं। उनसे पहले सुशील कुमार ने 2012 के लंदन ओलंपिक में यह कामयाबी हासिल की थी।

बजरंग पूनिया को कांस्य पदक

  • नीरज चोपड़ा की तरह ही बजरंग पूनिया का यह पहला ओलंपिक था और वे 65 किलोवर्ग फ़्री स्टाइल कुश्ती के सेमीफ़ाइनल में भले ही हार गए लेकिन कांस्य पदक के मुक़ाबले में उन्होंने कज़ाख़स्तान के दौलेत नियाज़बेकोव को कोई मौक़ा नहीं दिया और 8-0 से हराकर उन्होंने पदक हासिल किया।
  • यह टोक्यो ओलंपिक के समाप्त होने से ठीक एक दिन पहले भारत का छठा मेडल था।
  • बजरंग मिलाकर भारत ने कुश्ती में 7 मेडल जीते हैं। उनके अलाव रवि दाहिया ने इस बार और सुशील कुमार ने 2008, 2012, योगेश्वर दत्त ने 2012 में ब्रॉन्ज, साक्षी मलिक ने 2016 रियो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीता था।
  • केडी जाधव भारत के लिए ओलिंपिक रेसलिंग में मेडल (ब्रॉन्ज) जीतने वाले पहले रेसलर थे। उन्होंने 1952 हेलसिंकी ओलिंपिक में यह कारनामा किया था।

41 साल बाद हॉकी में मिला पदक

  • आठ बार के ओलंपिक चैंपियन भारतीय हॉकी टीम के लिए टोक्यो ओलंपिक बड़ी सफलता लेकर आया।
  • भारतीय टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी के सेमीफ़ाइनल में पहुंची और वर्ल्ड नंबर-1 और टोक्यो में चैंपियन बनी बेल्जियम को कड़ी टक्कर देने के बाद हारी। लेकिन जब मुक़ाबला कांस्य पदक के लिए हुआ तो भारतीय टीम ने अपनी रफ़्तार से जर्मनी जैसी मज़बूत टीम को हरा दिया।
  • अब ओलंपिक हॉकी में भारत के 8 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदकों समेत 12 मेडल हो गए हैं।
  • 1980 मॉस्को (रुस) ओलंपिक में भारत ने अपना अंतिम मैडल (गोल्ड) जीता था। तब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था।

पुरुष हॉकी में भारत ने 8 गोल्ड मेडल जीते हैं

  • भारत ने ओलिंपिक में सबसे ज्यादा मेडल पुरुष हॉकी में जीते हैं। टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा 1960 में सिल्वर और 1968,1972 और 2021 (टोक्यो ओलिंपिक 2020) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।

महिला टीम ने भी किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

  • भारत की महिला हॉकी टीम ने भी टोक्यो में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
  • भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार ओलंपिक खेलों के सेमीफ़ाइनल में पहुंची।
  • हालांकि भारतीय टीम पदक जीतने से चूक गई और चौथे स्थान पर रही लेकिन महिला हॉकी के प्रदर्शन की देश विदेश में बहुत सराहना की गई।
  • वंदना कटारिया ने लगाई ओलिंपिक मैच में गोल की हैट्रिक
  • भारतीय महिला हॉकी टीम ने ग्रुप-A के अपने आखिरी मैच में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया।
  • उत्तराखंड के हरिद्वार के छोटे से गांव रोशनाबाद की रहने वाली वंदना कटारिया ने मैच में 3 गोल दागकर इतिहास रच दिया।
  • वंदना कटारिया ओलिंपिक मैच में गोल की हैट्रिक लगाने वाली भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं।
  • भारतीय हॉकी की दोनों टीमों की प्रायोजक ओडिशा सरकार है।
  • भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह हैं जबकि महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल हैं।
  • महिला हॉकी टीम के कोच नीदरलैंड के सोर्ड मारजेन हैं जबकि पुरुष हॉकी टीम के कोच ग्राहम रीड (ऑस्ट्रेलिया) हैं।

अदिति अशोक ने गोल्फ में जगाई उम्मीद

  • प्रमुख भारतीय गोल्फर अदिति अशोक टोक्यो 2020 की महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहने के साथ देश में गोल्फ के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आईं।
  • दुनिया में 200वें नंबर की गोल्फर ने अंतिम राउंड में 3 अंडर 68 का स्कोर हासिल करते हुए 15-अंडर का संयुक्त स्कोर दर्ज किया और एक शॉट से पदक हासिल करने से चूक गईं।

सुमित नागल का चर्चित प्रदर्शन

  • भारत के टेनिस स्टार सुमित नागल ने इतिहास रच दिया है। वे पिछले 25 साल में ओलिंपिक में पहला मैच जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
  • इससे पहले 1996 में लिएंडर पेस ने ये कारनामा किया था। इसके बाद कोई भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सका।
  • नागल ने अपने पहले मैच में 2018 एशियन गोल्ड मेडलिस्ट डेनिस इस्तोमिन को 6-4, 6-7(6), 6-4 से हराया।
  • नागल ओलिंपिक में पहला मैच जीतने वाले ओवरऑल तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं।
  • पेस 1996 ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। उन्होंने ब्राजील के फर्नांडो मेलिजेनी को हराकर मेडल जीता था।

बिना झंडे के भाग लिया रुसी खिलाडियों ने

  • रूस के खिलाड़ियों ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है।
  • रूस के एथलीट टोक्यो ओलंपिक से साल 2004 के बाद से सर्वाधिक पदक लेकर अपने देश लौटे।
  • हालांकि, इस साल डोपिंग के आरोपों के कारण ओलंपिक में रूस की टीम, झंडा और राष्ट्रगान सभी प्रतिबंधित थे।
  • रूस पर साल 2022 तक के लिए प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध हैं।
  • रूस के एथलीट्स ने टोक्यो ओलंपिक में रूसी ओलंपिक समिति (ROC) के नाम से टोक्यो ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया और पदक तालिका में पांचवे स्थान पर रहे।
  • आरओसी एथलीटों ने इस साल 20 स्वर्ण, 28 रजत और 23 पदकों के साथ कुल 71 पदक जीते।

टोक्यो ओलंपिक से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • कोरोना महामारी की वजह से खाली स्टेडियम में आयोजन किया गया।
  • एक हज़ार से भी कम दर्शकों को समारोह में जाने की इजाज़त दी गई है।
  • जापान के सम्राट नरुहितो ने खेलों का शुभारंभ किया।
  • खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पदक इलेक्ट्रानिक कचरे से बनाए गए हैं ।
  • पदक के पीछे के हिस्से में टोक्यो ओलिंपिक का लोगो है, जबकि आगे स्टेडियम की तस्वीर के सामने विजय का प्रतीक माने जाने वाली ग्रीक देवी नाइक को दर्शाया गया है।
  • टोक्यो ओलिंपिक खेलों के शुभंकर को मिराइतोवा और सोमाइटी (Miraitowa and Someity ) नाम दिया गया है।
  • इसे खास जापानी इंडिगो ब्लू रंग का पैटर्न दिया गया है। जापानी शब्द मिराइतोवा में मिराइ का अर्थ भविष्य और तोवा का अर्थ अनंत काल होता है।
  • टोक्यो ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक जीतने का कारनामा ऑस्ट्रेलिया की 27 वर्षीय महिला तैराक एमा मैकॉन रहीं। मैकॉन ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचते हुए सबसे ज्यादा 7 पदक हासिल किए जिसमें 4 गोल्ड और 3 कांस्य पदक हासिल किए। सात पदकों में से चार टीम स्पर्धा के और तीन व्यक्तिगत पदक शामिल हैं।
  • एमा ने चार स्वर्ण पदक महिला तैराकी की 4 गुणा 100 मीटर मेडले, 4 गुणा 100 मीटर फ्री स्टाइल, 100 मीटर फ्री-स्टाइल, 50 मीटर फ्री-स्टाइल स्पर्धा में जीते। इसके अलावा उन्होंने तीन कांस्य पदक 4 गुणा 200 मीटर फ्री स्टाइल, 4 गुणा 100 मीटर बटरफ्लाई और 100 मीटर बटलफ्लाई स्पर्धा में जीते।
  • एमा ने रियो ओलंपिक में भी तैराकी में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कास्य पदक सहित कुल चार पदक जीते थे। इसी के साथ ही वो ऑस्ट्रेलिया के ओलंपिक इतिहास की सबसे सफल एथलीट भी बन गई हैं।
  • अमेरिकी पुरुष तैराक कैलेब ड्रेसल ने टोक्यो ओलंपिक में पांच स्वर्ण पदक दो नए ओलंपिक रिकॉर्ड और दो नए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ अपने नाम किए। कैलेब ड्रेसल ने तीन स्वर्ण पदक व्यक्तिगत स्पर्धाओं में जबकि दो टीम स्पर्धा में जीते। कैलेब ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर बटल फ्लाई, 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं के अलावा 4 गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 4 गुणा 100 मीटर मेडले स्पर्धाओं के स्वर्ण पदक जीते. ड्रेसल एक ओलंपिक खेलों में पांच गोल्ड मेडल जीतने वाले चौथे खिलाड़ी बने हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय महिला तैराक कॉयली मैकॉन टोक्यो में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक के साथ तीसरे पायदान पर रहीं।
  • मैकान ने महिलाओं को 100 मीटर बैकस्ट्रोक्स, 200 मीटर बैकस्ट्रोक्स, 4 गुणा 400 मीटर मेडले स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इसके अलावा 4 गुणा 100 मीटर मिक्स्ड रिले में कांस्य पदक जीता उन्होंने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा से अपना नाम व्यस्त कार्यक्रम की वजह से वापस ले लिया था।
  • जमैका की ओलंपिक एलेनी थॉमसन हेराह ने टोक्यो ओलंपिक में स्टार धावक उसेन बोल्ट की कमी नहीं महसूस होने दी।
  • उन्होंने महिलाओं की 100 मीटर फर्राटा दौड़, 200 मीटर फर्राटा दौड़ और महिलाओं की 4 गुणा 100 मीटर रिले स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • टोक्यो ओलंपिक में सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक जीतने के मामले में साझा रूप से चौथे स्थान पर हैं।
  • न्यूजीलैंड की वेटलिफ्टर लॉरेल हबर्ड दुनिया की पहली ट्रांसजेंडर महिला है (पुरुष से महिला बनीं) जिन्होंने ओलिंपिक में भाग लिया।
  • महिलाओं के ‘सेक्शुअलाइजेशन’ के खिलाफ जर्मनी की जिम्नास्टिक टीम ने विरोध जताया और बिकिनी-कट लियोटार्ड की जगह पूरे शरीर को ढंकने वाली ड्रेस पहनकर स्पर्धा में हिस्सा लिया।
  • पुरुष ऊंची कूद में इटली के जियानमार्को ताम्बरी ने घायल होने पर नाम वापस लिया तो प्रतिस्पर्धी कतर के मुताज़ एसा बर्शिम ने भी नाम वापस लेकर खेल भावना को नई ऊंचाई दी। स्पर्धा का गोल्ड मेडल दोनों के बीच साझा किया गया।
  • केन्या के Eliud Kipchoge पुरुषों के 42 km मैराथन में उन्होंने रियो 2016 के स्वर्ण के बाद टोक्यो 2020 में भी अपना कब्ज़ा जमा लिया।
  • दो बार ओलंपिक चैंपियन ने 2 घंटे, 08 मिनट, 38 सेकंड में दौड़ पूरा कर इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया। Kipchoge विश्व के दूसरे आदमी है जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने 2016 का शीर्षक का बचाओ करने में कामयाब रहे।

टोक्यो ओलिंपिक का मेडल टेबल

रैंक देश गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल
1 अमेरिका 39 41 33 113
2 चीन 38 32 18 88
3 जापान 27 14 17 58
4 ब्रिटेन 22 21 22 65
5 रूस ओलिंपिक कमेटी 20 28 23 71
6 ऑस्ट्रेलिया 17 7 22 46
7 नीदरलैंड 10 12 14 36
8 फ्रांस 10 12 11 33
9 जर्मनी 10 11 16 37
10 इटली 10 10 20 40
48 भारत 1 2 4 7

 

 

 

 

 

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