तिलारी को अब ‘कंन्जर्वेशन रिजर्व’ का दर्जा

चर्चा में क्यों?

  • महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के सिंधुदुर्ग में बाघों, तेंदुओं, हाथियों और कई अन्य जानवरों के लिए जाने जाने वाले तिलारी को अब ‘कंन्जर्वेशन रिजर्व’ (conservation reserve ) का दर्जा दिया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सिंधुदुर्ग जिले की डोगमार्क तहसील में स्थित, तिलारी कोल्हापुर में राधानगरी वन्यजीव अभयारण्य को कर्नाटक के बेलगाम में भीमगढ़ वन्यजीव अभयारण्य से जोड़ता है।
  • 53 वर्ग किलोमीटर में फैला तिलारी  सिंधुदुर्ग का पहला कंन्जर्वेशन रिजर्व है।
  • हाथियों और बाघों के अलावा, तिलारी में कई प्रकार के हिरण, मृग, बाइसन, बंदर, जंगली सूअर, कई प्रजातियों के सरीसृप, पक्षियों और कीड़ों के साथ कई तरह की वनस्पतियां भी हैं।
  • तिलारी पश्चिमी घाट में 13 वां कन्सर्वेशन रिजर्व बन गया है। इसको मिलाकर अब महाराष्ट्र में कुल 62 कंजर्वेशन रिजर्व हैं।

क्या होते हैं कंजर्वेशन रिजर्व ?

  • कंजर्वेशन रिजर्व विशेष रुप से संरक्षित पॉकेट्स होते हैं, जो देश में स्थापित राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों, रिजर्व और संरक्षित वनों के बीच बफर जोन या प्रवजन मार्ग के रूप में काम करते हैं।
  • तिलारी में बाघों की प्रजनन आबादी है और सह्याद्री टाइगर रिजर्व और राधानगरी के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है।

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