‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021’

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने 3 जुलाई 2020 को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021’ की शुरुआत की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • शहरी भारत के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का यह छठा संस्करण है। हर साल, स्वच्छ सर्वेक्षण को अभिनव रूप से फिर से डिजाइन किया जाता है
  • स्वच्छ सर्वेक्षण- 2021 के एक हिस्से के रूप में ‘प्रेरक दौर सम्मान’ नामक पुरस्कारों के एक नए वर्ग की घोषणा की गई है।
  • प्रेरक दौर सम्मान के कुल पांच अतिरिक्त उप वर्ग- दिव्य (Platinum), अनुपम (Gold), उज्जवल (Silver), उदित (Bronze), आरोही (Bronze) हैं।
  • हर श्रेणी में शीर्ष के तीन-तीन शहर रहेंगे। ‘जनसंख्या श्रेणी’ पर शहरों के मूल्यांकन के वर्तमान मापदंडों से हटकर, यह नई श्रेणी छह चुनिंदा बिंदुओं पर आधारित होगी।
  • अपशिष्ट का गीले, सूखे एवं खतरनाक वर्गों में पृथक्करण
  • गीले अपशिष्ट के खिलाफ प्रसंस्करण क्षमता सृजित की गई
  • गीले एवं सूखे अपशिष्ट का प्रसंस्करण एवं रिसाइक्लिंग
  • निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रोसेसिंग
  • लैंडफिल में जाने वाले अपशिष्ट का प्रतिशत
  • नगरों की स्वच्छता स्थिति

क्या है स्वच्छ सर्वेक्षण?

  • शहरों में बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठाते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने पहली बार जनवरी 2016 में ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2016’ आयोजित किया था। इसके अंतर्गत 73 शहरों की रैंकिंग की गई थी।
  • इसके बाद जनवरी-फरवरी 2017 के दौरान ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ कराया गया था जिसके तहत 434 शहरों की रैंकिंग की गई।
  • वर्ष 2018 का स्वच्छ सर्वेक्षण विश्व का सबसे बड़ा सर्वेक्षण था । इसमें 4203 शहरों की रैंकिंग की गयी थी।

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