भारत के तीन फोटोग्राफरों को प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार

कश्मीर घाटी की कवरेज के लिए भारत के तीन फोटोग्राफरों को प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार-2020 (Pulitzer Award-2020) से नवाजा गया है। ये तीनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के हालातों को अपने कैमरे में कैद कर लोगों तक पहुंचाने वाले यासीन डार, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को पुलित्जर फीचर फोटोग्राफी पुरस्कार मिला है। यह तीनों न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के लिए काम करते हैं।आनंद जम्मू में रहते हैं जबिक यासिन और मुख्तार श्रीनगर के निवासी हैं। इन तीनों ने घाटी के सामान्य जनजीवन के साथ ही प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की तस्वीरों को भी दुनिया तक पहुंचाया।
रिपोर्टस के लिए इनको मिला सम्मान
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘एंकरेज डेली न्यूज’, ‘प्रो पब्लिका’ को पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।तीनों को अमेरिका में भ्रष्टाचार, लॉ इन्फोर्समेंट, यौन हिंसा और नस्लभेद जैसे विषयों पर पड़ताल करती रिपोर्ट्स के लिए पुरस्कार मिले। न्यूयॉर्क टाइम्स को 3 अवॉर्ड मिले।
इनके अलावा ‘द न्यू यॉर्कर’, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’, ‘असोसिएटेड प्रेस’, ‘द लॉल एंजिलिस टाइम्स’, ‘द बाल्टिमोर सन’, ‘द फीलिस्तीन हेराल्ड प्रेस’ को भी अलग-अलग खबरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से पिछले महीने बोर्ड ने पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा स्थगित कर दी थी।
पुलित्जर पुरस्कार की शुरुआत 1917 में की गई थी। यह अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है, जो समाचार पत्रों की पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को दिया जाता है। पिछले साल यह पुरस्कार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार से संबंधित जानकारियां सामने लाने के लिए दिया गया था।

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