प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लेह यात्रा

चर्चा में क्यों?

  • चीन सीमा पर तनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 जुलाई 2020 को लेह (लद्दाख) की यात्रा की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जवानों के साथ बातचीत करने के लिए लद्दाख में 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित निमू की यात्रा की।
  • लद्दाख में निमू वह स्थान है जो ज़ांस्कर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यह सिंधु नदी के तट पर स्थित है।
  • प्रधानमंत्री ने वहां भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और बाद में थल सेना,वायु सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ बातचीत की।
  • अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है, यह युग विकासवाद का है।

जास्कर पर्वत श्रेणी

  • जास्कर पर्वत श्रेणी 800 पू. देशांतर रेखा के सहारे महान हिमालय से अलग होती है यह महान हिमालय के समानान्तर ट्रांस हिमालय में अवस्थित है।
  • ट्रांस हिमालय का निर्माण हिमालय से भी पहले
  • हो चुका था तथा यह यूरेशिया (अंगारालैंड) का भाग है।
  • लगभग 300 किमी. लंबी इस श्रेणी के उत्तर में स्थित लद्दाख पर्वत श्रेणी इस श्रेणी के समानान्तर फैली हुई है।
  • जास्कर पर्वत श्रेणी की औसत ऊँचाई 5800 मी. है, लेकिन इसकी कुछ ही चोटियाँ 6000 मी. से ऊँची हैं।
  • ‘नंगा पर्वत’ इस पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है,जिसकी ऊँचाई 8126 मी. है।
  • जास्कर श्रेणी पर ही बुंजी के निकट सिन्धु नदी का गार्ज है ।
  • जास्कर एवं लद्दाख श्रेणी के मध्य सिन्धु नदी प्रवाहित होती है।

सिंधु नदी

  • सिंधु नदी का उद्गम स्थल तिब्बत के मानसरोवर के निकट सिन-का-बाब नामक जलधारा को माना जाता है।
  • सिंधु नदी प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी नदी घाटियों में से एक है जो 11, 65,000 वर्ग किलोमीटर (भारत में यह 321, 289 वर्ग किलोमीटर) के क्षेत्रों की यात्रा करती है और इसकी कुल लंबाई 2,880 किमी (भारत में 1,114 किमी) है ।
  • पश्चिम से सिंधु नदी की प्रमुख सहायक नदियां काबुल तथा कुरेम नदियां हैं, पूर्व से पांच मुख्‍य सहायक नदियां-झेलम, चिनाव, रावी, ब्‍यास तथा सतलुज हैं।
  • सिंधु प्रणाली की सभी प्रमुख नदियां बारहमासी हैं। इसकी सहायक नदियां मानसून वर्षा पर अधिक निर्भर रहती हैं।
  • सिंधु बेसिन का अधिकतर भाग भारत तथा पाकिस्‍तान में पड़ता है और इस क्षेत्र का केवल लगभग(13%) कुल जलग्रहण तिब्‍बत तथा अफगानिस्‍तान में है।
  • भारत में सिंधु नदी केवल जम्मू एवं कश्मीर के लेह जिले के माध्यम से बहती है।
  • तिब्बत में यह ‘सिंघी खमबं’ या ‘शेर का मुंह’ के नाम से जानी जाती है । लद्दाख और जास्कर सीमा के बीच उत्तर-पश्चिम दिशा में बहने के बाद यह लद्दाख और बाल्टिस्तान के मध्य से गुजरती है।
  • यह लद्दाख सीमा को पार करते हुए , दार्दिस्तान क्षेत्र में चिल्लर के पास पाकिस्तान में प्रवेश करती है।

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