G-10 बन सकता है G-7, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण

अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सितंबर 2020 में प्रस्तावित जी-7 देशों के सम्मेलन के लिए औपचारिक तौर पर न्योता दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समूह में भारत , रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी शामिल करना चाहते हैं।
हालांकि रुस ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दूसरी ओर चीन ने उसे नजरअंदाज करने पर नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि बीजिंग के खिलाफ किसी गुटबंदी का प्रयास नाकाम साबित होगा।
जी-7 दुनिया की शीर्ष सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए इन देशों के प्रमुखों की हर साल बैठक होती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जी-7 की बैठक सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। उन्होंने इच्छा व्यक्त की है कि इस ”पुराने” पड़ गए संगठन का विस्तार किया जाए तथा इसमें भारत और तीन अन्य देशों को शामिल किया जाए तथा इसे जी-10 या जी-11 बनाया जाए।
G-7 से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • G-7 अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, जापान और जर्मनी का समूह है। अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF) के अनुसार G 7 विश्व की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाएं हैं। यह वैश्विक नेट वर्थ के 58% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। G-7 देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 46% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • समूह स्वयं को “Community of Values” यानी मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मानता है। स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और क़ानून का शासन और समृद्धि और सतत विकास, इसके प्रमुख सिद्धांत हैं।
  • शुरुआत में यह छह देशों का समूह था, जिसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक संकट के संभावित समाधानों पर विचार किया गया था। 1976 में कनाडा इस समूह में शामिल हो गया और इस तरह यह G-7 बन गया।
  • 1998 में इस समूह में रूस भी शामिल हो गया था और यह G-7 से G-8 बन गया था। लेकिन 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया के अधिग्रहण के बाद रूस को समूह से निलंबित कर दिया गया था।

चीन इस समूह का हिस्सा क्यों नहीं है?
चीन दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवथा है, फिर भी वह इस समूह का हिस्सा नहीं है। इसकी वजह यह है कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रहती हैं और प्रति व्यक्ति आय संपत्ति G-7 समूह देशों के मुक़ाबले बहुत कम है।
ऐसे में चीन को उन्नत या विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है, जिसकी वजह से यह समूह में शामिल नहीं है। हालांकि चीन G-20 देशों के समूह का हिस्सा है, इस समूह में शामिल होकर वह अपने यहां शंघाई जैसे आधुनिकतम शहरों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहा है।
G-7 शिखर सम्मेलन

  • G-7 देशों के मंत्री और नौकरशाह आपसी हितों के मामलों पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक वर्ष शिखर संम्मेलन में एकत्र होते हैं।
  • प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से इस समूह की अध्यक्षता करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है।
  • शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है।
  • सम्मलेन में G-7 देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • 2019 में इसका शिखर सम्मेलन 24-26 अगस्त 2019 को फ्रांस के बियारित्ज शहर में हुआ था।

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