फ्रांस में मिला विश्व का प्राचीनतम धागा

दक्षिण फ्रांस के अबरि डू मारास (Abri du Maras ) शहर में शोधकर्ताओं को एक पौराणिक धागा मिला है, जिसे 40 हजार साल पहले निएंडरथल काल (Neanderthal Age) का माना जा रहा है। यह शहर अर्दशे नदी (Ardeche River) के किनारे स्थित है जो कि रौन नदी (Rhone River )की एक सहायक नदी है। वैज्ञानिकों का अनुमान था कि निएंडरथल इंसानों के सीधे पूर्वज होमोसेपियन (Homosapien) की तुलना में कम समझदार थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, शोध के परिणामों से पता चलता है कि निएंडरथल के पास प्राथमिक गणित की समझ थी जिसकी मदद से वे फाइबर से धागे बना सकते थे।
छह मिलीमीटर लंबा पौराणिक धागा, जिसे सबसे प्राचीन माना जा रहा है, दक्षिण फ्रांस के पुरातात्विक स्थल अबरि डू मारास में मिला है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस धागे का इस्तेमाल किसी उपकरण के हैंडल में किया गया होगा, या फिर ये वैकल्पिक तौर पर किसी नेट या बैग में इस्तेमाल किए जाते रहे होंगे। धागे का यह टुकड़ा तीन छोटे गोलों में मुड़ा हुआ था। इसे एक 2.4 इंच लंबे पत्थर के औजार में बंधा हुआ पाया गया। अमेरिका के केनयन कॉलेज के मानवविज्ञानी ब्रूस हार्डी ने इस धागे का विश्लेषण किया।
जब इन धागों के फाइबर को माइक्रोस्कोप के नीचे देखा गया तो पाया गया कि ये धागा तीन तरह के फाइबर से बुने हुए थे। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि फाइबर की बुनाई का काम करने के लिए निएंडरथलों के पास प्राथमिक गणित का ज्ञान जरूर रहा होगा। सूक्ष्म विशेलषण करने पर पता चला कि फाइबर के ये रेसे शंकुधर वृक्ष के छाल से बनाए गए थे। इससे पता चलता है कि इंसान के इन पूर्वजों को इन पेड़ों के विकास के बारे में अभूतपूर्व ज्ञान था। शोधकर्ताओं की टीम का मानना है कि ये धागा 41,000 से लेकर 52,000 साल पुराना है।
निएंडरथल मानव

  • निएंडरथल एक मनुष्य से अत्यधिक मिलती जुलती प्रजाति थी जो यूरोप में करीब 250000 साल पहले रहती थी।
  • निएंडरथल मानव  होमो वंश का एक विलुप्त सदस्य है। जर्मनी में निअंडर की घाटी में इस आदिमानव की कुछ हड्डियाँ मिली है, इसलिये इसे निएंडरथल मानव का नाम दिया गया है।
  • इसका कद अन्य मानव जातियों की अपेक्षा छोटा था। यह पश्चिम यूरोप, पश्चिम एशिया तथा अफ्रीका  में रहता था।
  • इसका श्रेणीविभाजन मनुष्य की ही एक उपजाति के रूप में किया जाता है। इसका कद 4.5 से 5.5 फिट तक था। 2007 में किये गए अध्ययनों से यह पता चलता है कि इनके बालों का रंग लाल तथा त्वचा पीली थी।
  • 2013 में प्राचीन निएंडरथल मानव की खोपड़ी के अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने पाया है कि वह प्रजाति इसलिए विलुप्त हो गई क्योंकि उनकी आँखें मौजूदा मनुष्यों की तुलना में बड़ी थीं।उनकी आँखें यूरोप की लंबी काली रातों में दूर तक देखने के लिए बनी थीं। लेकिन इन बड़ी आँखों की कीमत उन्हें उच्च स्तरीय विचार योग्य दिमाग को त्याग कर चुकानी पड़ी।
  • दूसरी तरफ मनुष्यों की प्रजाति होमो सेपियंस के पास एक बेहतर और बड़ा दिमाग था जिसकी मदद से उन्होंने गर्म कपड़े बनाए और बड़े समाज बनाए जिसकी मदद से वो यूरोप के हिमयुग में बचे रह पाए।
  • करीब 28,000 साल पहले यह प्रजाति हिमयुग के कारण विलुप्त हो गई।

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