प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार NAM शिखर सम्मेलन में भाग लिया

4 मई, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुट निरपेक्ष देशों (Non-Aligned Movement, NAM)के शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन में COVID-19 से सम्बंधित चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार NAM शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। 2016 में यह शिखर सम्मेलन वेनेजुएला और 2019 में अजरबैजान में आयोजित किया गया था। 2012 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तेहरान NAM शिखर सम्मेलन में भाग लिया था।‘हम कोविड-19 के खिलाफ एक साथ खड़े हैं’ विषय पर इस सम्मेलन का आयोजन ऐसे समय में किया गया, जब विश्व गंभीर संकट से जूझ रहा है।
क्या कहा प्रधानमंत्री ने?
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 ने अंतरराष्ट्रीय सिस्टम की सीमाओं को उजागर किया है। इस महामारी के बाद हमें न्यायपूर्ण, समानतापूर्ण और मानवता पर आधारित वैश्वीकरण की जरूरत है। हमें ऐसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की आवश्यकता है, जो आज की दुनिया के प्रतिनिधि हों। उन्होंने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन दुनिया की सबसे नैतिक आवाज रही है। इस भूमिका को बनाए रखने के लिए गुट निरपेक्ष आंदोलन को समावेशी होना होगा। मानवता दशकों के सबसे गंभीर संकट से गुजर रही है। ऐसे में गुट निरपेक्ष आंदोलन इससे निपटने में अहम योगदान कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत ने दुनिया के 120 से ज्यादा देशों को दवाइयां भेजी हैं। विश्व में आज भारत को मददगार (दुनिया की फॉर्मेसी) देश के रूप में देखा जा रहा है। हमने कई देशों के साथ भारत की चिकित्सा विशेषज्ञता को साझा करने के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू की है।
गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM – Non-Aligned Movement)
गुट निरपेक्ष आंदोलन की आन्दोलन 1961 में बेलग्रेड में की गयी थी, इसमें भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु तथा यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टिटो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह शीत युद्ध के दौरान अस्तित्व में आया था, इसका उद्देश्य नव स्वतंत्र देशों को किसी गुट (अमेरिका व सोवियत संघ) में शामिल होने के बजाय तटस्थ रखना था। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के बाद देश की सदस्यता के मामले में NAM विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। वर्तमान में अब तक इस संगठन के 120 सदस्य और 17 पर्यवेक्षक देश हैं।गुट निरपेक्ष आन्दोलन के 120 सदस्य तथा 17 पर्यवेक्षक हैं। वर्तमान में अजरबैजान के राष्ट्रपित इल्हान अलीयेव नाम के अध्यक्ष हैं।
गुट निरपेक्ष आंदोलन के सिद्धांत
गुट निरपेक्ष आंदोलन के पांच प्रमुख सिद्धांतों में परस्पर सम्मान, आपसी गैर-आक्रामकता, समानता और पारस्परिक लाभ, घरेलू मामलों में आपसी गैर-हस्तक्षेप और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व शामिल हैं।

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