अम्फान के बाद अब निसर्ग चक्रवात का खतरा

बंगाल की खाड़ी से लगे भारत के पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों पर उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान (Tropical Cyclone ) अम्फान (Amphan) के तबाही मचने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जून को निसर्ग (Nisarg) नाम के एक और चक्रवाती तूफान की चेतावनी जारी की है, जो 3 जून को अरब सागर में उत्पन्न होकर महाराष्ट्र और गुजरात के तट से टकरा सकता है।
मौसम विभाग के द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 3 जून को निसर्ग चक्रवाती तूफान उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात तट को पार करने की संभावना है। इसका नाम ‘निसर्ग’ बांग्लादेश द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची से लिया गया है जबकि ‘अम्फान’ नाम थाइलैंड द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
कहां होगा निसर्ग का प्रभाव?
यह उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के समुद्र तट की ओर बढ़ रहा है। इसके बुधवार को तट से टकराने की संभावना है। उस समय तक, यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि हिंद महासागर में उठने वाले चक्रवातों की ताकत से दोगुनी ताकत का है।
चक्रवातों की ताकत को उनके द्वारा उत्पन्न हवा की गति से साफिर-सिंपसन स्केल (Saffir-Simpson Scale) पर मापा जाता है। निसर्ग 95-105 किलोमीटर प्रति घंटे की गति में हवा की गति से जुड़ा होगा। दूसरी ओर, Amphan को श्रेणी 5 के सुपर-साइक्लोन के रूप में वर्गीकृत किया गया था, हालांकि यह बाद में श्रेणी 4 तक कमजोर हो गया था।
क्या हैं उष्णकटिबंधीय चक्रवात ?
उष्णकटिबंधीय चक्रवात कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच उत्पन्न होने वाले चक्रवात हैं। इनकी उत्पत्ति उष्णकटिबंधीय सागरीय भागों पर तब होती है जब तापमान 27ºC से अधिक हो।
कोरिओलिस बल की उपस्थिति, उर्ध्वाधर पवनों की गति में अंतर कम होना, कमज़ोर निम्न दाब क्षेत्र तथा समुद्र तल पर ऊपरी अपसरण इन चक्रवातों की उत्पत्ति व विकास के लिये अनुकूल स्थितियाँ पैदा करते हैं। अत्यधिक वाष्पीकरण के कारण आर्द्र हवाओं के ऊपर उठने से इनका निर्माण होता है।
इन चक्रवातों को ऊर्जा, संघनन की गुप्त उष्मा से मिलती है। इसीलिये इन चक्रवातों का मुख्य प्रभाव तटीय भागों में ही होता है क्योंकि स्थल भाग पर आने पर इनकी ऊर्जा के स्रोत, संघनन की गुप्त उष्मा, का ह्रास होता चला जाता है।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में पवन की गति 30 किमी. प्रति घंटे से लेकर 225 किमी. प्रति/घंटे तक हो सकती है। भारत में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होने वाले अवदाबों के प्रभाव से अप्रैल से नवंबर के बीच ये चक्रवात आते हैं। सामान्य रूप से इनकी गति 40-50 किमी. प्रति/घंटा होती है, परंतु यदि तीव्रता अधिक हो जाए तो विनाश की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
कहां किस नाम से जाने जाते हैं उष्णकटिबंधीय चक्रवात?
हिंद महासागर में चक्रवात
अटलांटिक महासागर में हरिकेन
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में टाइफून
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विलीज़

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