वानिकी में उत्कृष्टता के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार

वर्ष 2019 के लिये वानिकी में उत्कृष्ट अनुसंधान के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट जेनेटिक्स एंड ट्री ब्रीडिंग (IFGTB) के वैज्ञानिक कन्नन सी एस वॉरियर को दिया गया है।
महत्वपूर्ण बिंदु :

  • यह पुरस्कार भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (Indian Council of Forestry Research and Education- ICFRE) द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • ICFRE वानिकी अनुसंधान का शीर्ष निकाय है। जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा भूमि क्षरण से संबंधित मुद्दों पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये उत्कृष्टता केंद्र के रूप में घोषित किया गया था।
  • कन्नन सी एस वॉरियर को यह पुरस्कार देश में पहली बार उपयुक्त लवणीय मृदा के लिये कैसुअरीना (Casuarina) के तीन लवण-सहिष्णु उत्पादक क्लोन जारी करने के लिये प्रदान किया गया है।
  • भारत में 6.73 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र लवण प्रभावित है और यह दुनिया में कैसुअरीना (Casuarina) का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र भी है जो इन क्लोनों के उत्पादन के लिये एक महत्त्वपूर्ण स्थान भी है।

क्या होता है कैसुअरीना ?

  • कैसुअरीना (Casuarina) जिसे कट्टडी (Kattadi) एवं सवुक्कू (Savukku) के नाम से भी जाना जाता है, एक पौधे की प्रजाति है जिसकी कैसुअरीना इक्विसेटिफोलिया (Casuarina Equisetifolia) सहित 17 से अधिक प्रजातियाँ हैं।
  • यह बैक्टीरिया फ्रैंकिया (Frankia) के साथ सहजीवी संघ में ‘नाइट्रोजन स्थिरीकरण’ (Nitrogen Fixation) में प्रमुख भूमिका निभाता है।
  • यह ईंधन की लकड़ी, कागज बनाने की लुगदी और बायोमास-आधारित बिजली उत्पादन के लिये एक पसंदीदा विकल्प है।
  • इनका उपयोग तटीय क्षेत्रों में आश्रय के लिये और कृषि फसलों एवं केले के बागानों की रक्षा के लिये वायु अवरोध के रूप में किया जाता है।
  • कन्नन सी एस वॉरियर ने केरल के अलप्पुझा ज़िले में लुप्तप्राय सेक्रेड ग्रोव्स (Sacred Groves) के संरक्षण पर भी व्यापक कार्य किया है।

Related Posts

Leave a Reply