खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने विपणन सीजन 2020-21 के लिए सभी अनिवार्य 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price, MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने विपणन सीजन 2020-21 के लिए खरीफ फसलों की एमएसपी में वृद्धि की है, ताकि उत्पादकों के लिए उनकी उपज के पारिश्रमिक मूल्य को सुनिश्चित किया जा सके।
एमएसपी में उच्चतम वृद्धि नाइजरसीड (755 रुपये प्रति क्विंटल) और उसके पश्चात तिल (370 रुपये प्रति क्विंटल), उड़द (300 रुपये/क्विंटल) और कपास (लंबा रेशा) (275 रुपये / क्विंटल) प्रस्तावित है।
2020-21 के लिए धान का MSP 53 रु/क्विंटल बढ़ाकर 1868 रु/क्विंटल, ज्वार हाइब्रिड का बढ़ाकर 2620 रु/क्विंटल, बाजरा का MSP बढ़ाकर 2150 रु/क्विंटल कर दिया है।
इसी तरह रागी के MSP में 50 फीसदी, मक्का में 53 फीसदी, सूरजमुखी में 50 फीसदी, सोयाबीन, तिल और कपास आदि के MSP में भी 50 फीसदी की वृद्धि की है।
MSP में यह बढ़ोत्तरी कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है।
क्या है न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)?

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिस पर सरकार किसानों द्वारा विक्रय किए जाने वाली उपज की पूरी मात्रा क्रय करने के लिये तैयार रहती है।
  • इस नीति से सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों को क्रय कर उनके हितों की रक्षा करती है। अन्यथा किसान सिर्फ जोखिमरहित व्यवसायिक फसलों को उगाने की ओर ही प्रेऱित हो सकते हैं जो खाद्य सुरक्षा के लिए संकट उत्पन्न कर सकता है।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा फसल बोने से पहले की जाती है।
    न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की संस्तुति पर वर्ष में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में की जाती है।

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP)

  • कृषि लागत एवं मूल्य आयोग भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से संबंधित निकाय है। यह आयोग जनवरी1965 में स्तापित किया गया।
  • यह आयोग कृषि उत्पादों के संतुलित एवं एकीकृत मूल्य संरचना तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सलाह देता है।
  • कृषि लागत एवं मूल्य आयोग 23 कृषि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी करता है।
  • जिनमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का,शोर्घम, बाजरा, जौ और रागी), 5 दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर), 7 तिलहन (मूंगफली, रेपसीड-सरसों, सोयाबीन, समुद्री घास, सूरजमुखी, कुसुम,नाइजरसीड), और 4 वाणिज्यिक फसलें (नारियल, गन्ना, कपास और कच्चा जूट) शामिल हैं।

नोट- गन्ने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह उचित एवं लाभकारी मूल्य की घोषणा की जाती है। गन्ने का मूल्य निर्धारण आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा अनुमोदित किया जाता है।

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