हमारे जैसे सौर मंडल की खोज

पृथ्वी की तरह दूसरे ग्रह जहां जीवन संभव हो, इस खोज में वैज्ञानिक लगातार जुटे हुए हैं। एक नई रिसर्च के अनुसार एक ऐसा ग्रह खोजा गया है जो अपने सौरमंडल के सूर्य का चक्कर 378 दिनों में पूरा कर रहा है। जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर सोलर सिस्टम रिसर्च (Max Planck Institute for Solar System Research,MPS) और अमेरिकी अंतरिक्ष ऐजेंसी नासा के वैज्ञानिकों की एक टीम ने एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स में एक शोध प्रकाशित कर कहा है कि KOI-456.04 नामक यह ग्रह आकार और कक्षा के लिहाज़ से हमारी पृथ्वी जैसा ही है। केपलर -160 (Kepler-160) इस ग्रह का सूर्य है। इस सौरमंडल में तीन से चार ग्रह होने की उम्मीद है। इस रिसर्च में यह भी कहा गया है कि KOI-456.04 अपने सूर्य की परिक्रमा 378 दिनों में पूरी कर रहा है जैसे हमारी पृथ्वी 365 दिनों में करती है। इस खोज को हमारे सौरमंडल की दर्पण छवि (mirror image) भी कहा जा रहा है।
क्या KOI-456.04 पर जीवन संभव है?
इस रिसर्च में कहा गया है कि हमारी पृथ्वी हमारे सूर्य से जितनी दूरी पर है, KOI-456.04 भी अपने सूरज केपलर -160 से करीब उतनी ही दूरी पर स्थित है और अपनी कक्षा में घूम रहा है। यह नया खोजा गया ग्रह हमारी पृथ्वी से लगभग 3000 प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित है।
हमारे सूर्य से समानता रखता है केपलर 160
इस नए खोजे गए ग्रह के सूर्य केपलर 160 की संरचना भी हमारे सौरमंडल के सूर्य से मिलती जुलती है।केपलर-160 से इन्फ्रारेड रेडिएशन का खतरा बहुत कम है, जैसा कि लाल छोटे तारों से होता है इसलिए माना जा रहा है कि इस ग्रह पर जीवन संभव होगा।
कैसे मिला यह ग्रह ?
शोधकर्ताओं ने जब केपलर दूरबीन (Kepler space telescope)से मिले डेटा का अध्ययन किया तब उन्हें इस ग्रह के बारे में पता चला। अब आगे का अध्ययन नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James webb telescope) सहित 2026 में लांच होने वाले ईएसए के प्लेटो स्पेस टेलीस्कोप के आकड़ों पर निरभर रहेगा। रिसर्च में कहा गया है कि KOI-456.04 अपने सौरमंडल के गोल्डीलॉक्स ज़ोन में स्थित है ।
गोल्डीलॉक्स ज़ोन किसे कहते हैं?
गोल्डीलॉक्स ज़ोन (Goldilocks Zone) जिसे वासयोग्य क्षेत्र (Habitable Zone) भी कहा जाता है, एक तारे के चारों ओर का वह क्षेत्र है जहां परिस्थितियां जीवन के अनुकूल होती हैं। यानी पृथ्वी जैसे किसी ग्रह की जैसी जहां सतह न तो बहुत ठंडी और न ही बहुत गर्म हो।सबसे बड़ी बात यह है कि ये जीवन के अनुकूल ग्रहों के प्रतिकूल भी नहीं होते हैं। उदाहरण के तौर पर, हमारी पृथ्वी स्वाभाविक तौर पर सूर्य का गोल्डीलॉक्स जोन है।

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