लॉकडाउन में गरीबों की मदद करने वाली सैलून संचालक की बेटी एम.नेत्रा को यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन फॉर डेवलपमेंट एंड पीस (United Nations Association for Development And Peace (UNADAP) के लिए ‘गुडविल एम्बेसडर टू द पुअर (Goodwill Ambassador to the Poor)’ नियुक्त किया गया है।

13 साल की एम. नेत्रा के पिता तमिलनाडु के मदुरई शहर में एक सैलून चलाते हैं। लॉकडाउन में नेत्रा ने पिता मोहन के उसकी पढ़ाई के लिए बचाए 5 लाख रुपए से गरीबों की मदद की थी। इस काम के लिए नेत्रा ने अपने पिता को भी राजी किया था।

गुडविल एंबेसडर नियुक्त किए जाने पर नेत्रा को विश्व के नेताओं- राजनेताओं, शिक्षाविदों और नागरिकों से बात करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही गरीबों तक पहुंचने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। साथ ही उन्हें संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलनों और सिविल सोसाइटी के मंच पर बोलने का भी अवसर दिया जाएगा।
क्या है UNADAP? 
UNADAP पूर्व राजनयिकों, अंतर्राष्ट्रीय सिविल सेवकों, राजनीतिक मंत्रियों और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया जाने वाला एक संगठन है। अखंडता ,न्याय , शांति इसका ध्येय वाक्य है। यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की इकाई नहीं है। यह संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals, SDG)को लागू करने के लिए योगदान देने वाला संगठन है।

सतत विकास लक्ष्य

वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की 70वीं बैठक में ‘2030 सतत् विकास हेतु एजेंडा’ के तहत सदस्य देशों द्वारा 17 सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development goals-SDGs) तथा 169 प्रयोजन अंगीकृत किये गए हैं। इन लक्ष्यों को Millennium Development Goals(MDGs) के स्थान पर अंगीकृत किया गया है जिनकी अवधि 2015 में खत्म हो गई थी। सतत विकास लक्ष्य एक जनवरी, 2016 से प्रभाव में आ गए हैं तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की निगरानी में आगामी 15 सालों तक प्रभावी रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र का एजेंडा 2030 (17 विकास लक्ष्य)

1-गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति।
2-भूख की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा।
3-सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा।
4-समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना।
5-लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना।
6-सभी के लिये स्वच्छता और पानी के सतत् प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
7-सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुँच सुनिश्चित करना।
8-सभी के लिये निरंतर समावेशी और सतत् आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोज़गार तथा बेहतर कार्य को बढ़ावा देना।
9-लचीले बुनियादी ढाँचे, समावेशी और सतत् औद्योगीकरण को बढ़ावा।
10-देशों के बीच और भीतर असमानता को कम करना।
11-सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ शहर और मानव बस्तियों का निर्माण।
12-स्थायी खपत और उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करना।
13-जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिये तत्काल कार्रवाई करना।
14-स्थायी सतत् विकास के लिये महासागरों, समुद्रों और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग।
15-सतत् उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव-विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना।
16-सतत् विकास के लिये शांतिपूर्ण और समावेशी समितियों को बढ़ावा देने के साथ ही साथ सभी स्तरों पर इन्हें प्रभावी, जवाबदेहपूर्ण बनाना ताकि सभी के लिये न्याय सुनिश्चित हो सके।
17-सतत् विकास के लिये वैश्विक भागीदारी को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना।