कोरोना वायरस से निपटने के लिए आगामी 21 दिन तक लॉकडाउन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में कोरोना वायरस (COVID-19)महामारी से निपटने के लिए 24 मार्च 2020 रात 12 बजे से देश में पूरी तरह लॉकडाउन (Lockdown)घोषित कर दिया है। यह जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा जो 21 दिन का होगा। प्रधानमंत्री ने कहा- अगर लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यह कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी, अंदाजा लगाना मुश्किल है। देश में दो दिनों से कई भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए देश महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है।
क्या होता है लॉक डाउन?
लॉकडाउन एक आपदा व्यवस्था है जो किसी आपदा या महामारी की स्थिति (epidemic conditions) के वक्त सरकारी तौर पर लागू की जाती है । लॉक डाउन में उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है । उन्हे सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए ही बाहर आने की अनुमति मिलती है । विश्व में सबसे पहला लॉक डाउन अमेरिका में 9/ 11 हमले के बाद किया गया था ।
Covid-19:
WHO के अनुसार, COVID-19 में CO का तात्पर्य कोरोना से है, जबकि VI विषाणु को, D बीमारी को तथा संख्या-19 वर्ष 2019 (बीमारी के पता चलने का वर्ष) को चिह्नित करती है।
कोरोना वायरस (COVID -19) के शुरुआती मामले दिसंबर 2019 में चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में अज्ञात कारण से होने वाले निमोनिया के रूप में सामने आए थे।
31 दिसंबर, 2019 को चीन ने WHO को इस अज्ञात बीमारी के बारे में सूचित किया और 30 जनवरी 2020 को इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित (Global Health Emergency) किया गया। शीघ्र ही यह संक्रामक बीमारी चीन के साथ-साथ विश्व के अन्य देशों में भी फैल गई।
190 देशों में फैला कोरोना वायरस
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus disease – COVID-19) अब तक 190 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 13,068 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।
दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।
COVID-19 कोरोना वायरस परिवार का सातवां वायरस
विश्व भर में इन दिनों सिर्फ कोरोना वायरस (Coronavirus) की चर्चा है। यह पहली बार नहीं है जब कोरोना परिवार के किसी वायरस ने इंसानों में संक्रमण फैलाया हो। अब ज्ञात तौर पर छह तरह के कोरोना वायरस सामने आए हैं। नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) कोरोना वायरस परिवार का सातवां वायरस है। इससे पहले छह कोरोना वायरस मिल चुके हैं।
HCOV-229-E
मानव कोरोना वायरस 229-ई (Human coronavirus 229E (HCoV-229E) कोरोना वायरस की एक प्रजाति है जो मनुष्यों और चमगादड़ों को संक्रमित करती है।
HCOV-NL-63
HCOV-NL-63 की पहचान सबसे पहले 2004 में नीदरलैंड में हुई थी। इस वायरस की पहचान बाद में विभिन्न देशों में हुई।
HCOV-OC-43
हालांकि मानव कोरोनावायरस OC43-OC43 (HCoV-OC43) सबसे अधिक मानव संक्रमण से जुड़ा कोरोनोवायरस है, इसके विकास के बारे में बहुत कम जानकारी है।
HCOV-HKU-1
HCOV-HKU-1 को पहली बार जनवरी, 2005 में हांगकांग के एक 71 वर्षीय व्यक्ति में पहचाना गया था।
सार्स
सार्स (Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS)कोरोना वायरस के परिवार का एक पूर्वज वायरस सार्स सबसे पहले 2003 में चीन में पाया गया था।
मर्स
Middle East Respiratory Syndrome (MERS) मध्य-पूर्व देशों में मर्स-सीओवी को 2012 में सऊदी अरब में खोजा गया था।
COVID-19
नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का पहला मामला दिसंबर 2019 में चीन के वुहान में सामने आया था।COVID-19 में CO का तात्पर्य कोरोना से है, जबकि VI विषाणु को, D बीमारी को तथा संख्या-19 वर्ष 2019 (बीमारी के पता चलने का वर्ष) को चिह्नित करती है।
कोरोना महामारी के प्रसार के 4 चरण
पहला चरण: बाहर से आया संक्रमण
– मामले बाहर से आते हैं, स्थानीय नहीं होते।
– संक्रमितों पहचान करके अलग कर सकते हैं
– फरवरी में भारत स्टेज 1 में था
दूसरा चरण: लोकल ट्रांसमिशन
– लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर पॉजिटिव हो जाते हैं, यानी संक्रमण के स्रोत का पता होता है।
– इनकी संख्या एक से ज्यादा हो सकती है
– भारत फिलहाल स्टेज 2 में है
तीसरा चरण: कम्युनिटी ट्रांसमिशन
-यह स्थिति गंभीर होती है, इसमें संक्रमण के स्रोत का पता नहीं होता।
– संक्रमित व्यक्ति कहां घूमा, किसके संपर्क में आया, इसकी जांच होती है।
– भारत के लिए अगले दो हफ्ते महत्वपूर्ण।
– US, UK, यूरोप के ज्यादातर देश स्टेज 3 में हैं।
चौथा चरण: महामारी का पूरे देश में प्रसार
संक्रमित लोगों की संख्या अनियंत्रित हो जाते हैं।
– संक्रमण के स्रोत का महत्व नहीं रह जाता।
– चीन, इटली, ईरान इसी चरण में हैं।

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