कोरोना संकट के बावजूद लीबिया में सत्ता संघर्ष जारी

लीबिया की राजधानी त्रिपोली पर नियंत्रण के लिए खलीफा हफ्तार की अगुवाई वाली लिबयन नेशनल आर्मी और संयुक्त राष्ट्र समर्थित सीबिया सरकार के बीच सशस्त्र संघर्ष शुरू होने के एक साल बाद भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा संघर्ष विराम के लिए आह्वान के बावजूद लीबिया में लड़ाई जारी है। 4 अप्रैल, 2019 को हफ्तार की सेना ने शहर पर कब्जा करने और संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार को गिराने के लिए त्रिपोली और उसके आसपास एक सैन्य अभियान शुरू किया था।
इस जंग में 41 यूएन समर्थित सरकार की सेना जवानों की मौत की खबर है। वर्ष 2011 में तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी की मौत के बाद से लीबिया में सत्ता संघर्ष जारी है। मुल्क में शांति स्थापित करने के लिए प्रयासरत यूएन मिशन का कहना है कि दोनों गुटों के बीच इस संघर्ष में पिछले एक साल में 356 लोगों की मौत हो चुकी है।लीबिया उत्तरी अफ्रीका का एक देश है जिसका ज़्यादातर क्षेत्र रेगिस्तानी है। लीबिया तेल-समृद्ध देश है इसे 1951 में स्वतंत्रता मिल गई थी।
क्या है लीबिया संकट?
लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की शुरुआत 15 फरवरी, 2011 को ही हो गई थी जिसकी वज़ह से विपक्षी बलों और तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के समर्थकों के बीच गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई। पश्चिमी शक्तियों द्वारा सैन्य दखलंदाज़ी के पश्चात् लीबिया की राजधानी, त्रिपोली पर कब्ज़ा जमा लिया गया और गद्दाफी सरकार को उखाड़ फेंका गया था।
इसके पश्चात् लीबिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार, गवर्नमेंट ऑफ नेशनल एकॉर्ड (Government of National Accord-GNA) बनाई गई।
वर्तमान में एक तरफ जहाँ LNA टोब्रुक-आधारित संसद की सहायता से लीबिया के पूर्वी हिस्से को नियंत्रित करती है, वहीं दूसरी तरफ GNA लीबिया के पश्चिमी भागों को त्रिपोली से नियंत्रित करती है। संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार लीबिया को स्थिरता प्रदान करने में विफल रही।
संयुक्‍त राष्‍ट्र ने दी चेतावनी
संयुक्‍त राष्‍ट्र ने चेतावनी दी है कि कोरोना महामारी का प्रसार लीबिया में विस्‍थापित लोगों एवं शरणार्थियों के लिए चिंताजनक और विनाशकारी हो सकता है। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कहा है कि लीबिया में शरणार्थियों की संख्‍या सात लाख से अधिक है। संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR)के उच्चायुक्त फिलिपो ग्रांडी ने कहा कि युद्धग्रस्त देशों में यह संकट और गहरा गया है।यूएनएचसीआर के अनुसार, वर्तमान में लीबिया में एजेंसी के साथ 48,621 शरणार्थी पंजीकृत हैं।
शरणार्थियो हेतु संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्याकाल; United Nations high Commissioner for Refugees:
यूएनएचसीआर महासभा के प्रस्तावाधीन 3 दिसंबर, 1949 को स्थापित हुआ था। इसका उद्देश्य शरणार्थियों की समस्याओं के प्रति आपात राहत पुनर्वास सहायता, सुरक्षा तथा स्थायी निदान उपलब्ध कराना है। इस कार्यालय द्वारा तीन वर्षों के लिए 1 जनवरी, 1951 से कार्य आरंभ किया गया, जिसमें मुख्यतः द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणामस्वरूप बेघर हुए 10 से 20 लाख लोगों को पुनर्वासित करना शामिल था। इसके कार्यकाल को अध्यादेश द्वारा हर बार पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाता रहा है। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विटजरलैंड है।

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