कोविड-19 के उपचार के लिए इटोलिज़ुमाब के आपातकालीन उपयोग को स्वीकृति

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में डीसीजीआई ने कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रोगियों के लिए इटोलिज़ुमाब के प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इटोलिज़ुमाब (Itolizumab (rDNA origin) एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है जिसे पहले से ही गंभीर पुरानी प्लेक सोरायसिस (Plaque Psoriasis) में उपयोग के लिए मंजूरी मिली हुई है।
  • अब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने क्लिनिकल ट्रायल डेटा के आधार पर बायोकॉन द्वारा बनाई जा रही इटोलिज़ुमाब के प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग (Restricted Emergency Use) के लिए मंजूरी दी है।
  • इस स्वदेशी दवा को अब कोविड-19 के लिए पुनर्निर्मित किया गया है।
  • क्लीनिकल ट्रायल के परिणामों के बाद डीसीजीआई ने कोविड-19 की वजह से मध्यम से गंभीर तीव्र श्वसन पीड़ा लक्षण (Acute Respiratory Distress Syndrome (ARDS) वाले रोगियों में साइटोकिन रिलीज सिंड्रोम (Cytokine Release Syndrome (CRS) के उपचार के लिए कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के तहत दवा का विपणन करने की अनुमति देने का फैसला किया है।
  • इस स्वदेशी दवा यानी इटोलिज़ुमाब के साथ उपचार की औसत लागत उन तुलनीय दवाओं की तुलना में कम है जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कोविड-19 के लिए क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में संकेतित ‘जांच चिकित्सा’ का हिस्सा हैं।

क्या है प्लेक सोरायसिस?

  • सोरायसिस एक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारी है। सोरायसिस के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रति वर्ष 29 अक्टूबर को विश्व सोरायसिस दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है। इस बीमारी में स्किन पर सफेद या लाल रंग के धब्बे होने लगते हैं।
  • इसका ठीक से इलाज नहीं होता तो यह बार-बार शरीर में होती रहती है। मेडिकल की भाषा में यह 7 तरह की होती है जिनमें से एक प्रकार प्लेक सोरायसिस है।
  • इसमें शरीर पर सिल्वर और सफेद रंग की लाइन बन जाती है। कोहनी, घुटने, स्कैल्प और पीठ मे नीचे होने वाला इस सोरायसिस से लाल धब्बे और जलन होने लगती है।

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