अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से 200 दिन बाद लौटे अंतरिक्ष यात्री

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station, ISS) पर 200 से ज्यादा दिन बिताने के बाद तीन अंतरिक्ष यात्री सकुशल धरती पर लौट आए हैं। रूस का सोयूज यान तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर17 अप्रैल सुबह कजाकिस्तान (Kazakhstan) के देझेजकजान (Dzhezkazgan) इलाके में उतरा। सोयूज की यह लैंडिंग अपोलो-13 मिशन की नाकामयाबी के ठीक 50 सालों बाद हुई।
धरती पर लौटे लोगों में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एंड्रयू मॉर्गन व जेसिका मीर और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस के ओलेग स्क्रीपोचका हैं। मॉर्गन ने अपने पहले ही मिशन के दौरान 272 दिन अंतरिक्ष में गुजारे। इस दौरान उन्होंने सात बार आइएसएस से बाहर निकलकर अंतरिक्ष में चहलकदमी की। इनमें से चार बार उन्होंने आइएसएस के अल्फा मैग्नेटिक स्पेक्ट्रोमीटर की मरम्मत की।
जेसिका मीर और ओलेग स्क्रीपोचका ने अंतरिक्ष में 205 दिन बिताए। मीर ने भी दो अन्य महिला सहयोगियों के साथ अंतरिक्ष में चहलकदमी की। यह पहला मौका था जब एकसाथ तीन महिलाओं ने अंतरिक्ष में चहलकदमी की। उनके साथ क्रिस्टीना कोच भी थीं, जो फरवरी में धरती पर लौट आई थीं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) हैं।
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS):
यह एक तरह का बड़ा अंतरिक्षयान है जो एक प्रयोगशाला के रुप में कार्य करता है जहाँ अंतरिक्ष यात्री रहते और शोध करते  हैं। यह लगभग 250 मील की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करता है जहाँ इसकी गति 17,500 मील प्रति घंटे है अर्थात् यह हर 90 मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा करता है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला हिस्सा नवंबर 1998 में लॉन्च किया गया था जिसे एक रूसी रॉकेट ने लाॅन्च किया था। 2 नवम्बर, 2000 से लगातार अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) इस स्टेशन में कार्य कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में NASA, Russia का Roscosmos State Corporation, European Space Agency, the Canadian Space Agency और Japan Aerospace Exploration एजेंसियों काम कर रही हैं।

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