खगोलविदों ने मध्य आकार के ब्लैक होल की खोज की

नासा के हब्बल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) के माध्यम से खगोलविदों ने एक मध्य आकार के ब्लैक होल (Intermediate-mass black Hole) की खोज की है। यह ब्लैक होल पृथ्वी से 740 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर तारों के एक समूह के बीच में पाया गया है। खगोलविदों ने हब्बल और कई एक्स-रे ऑब्जर्वेट्री की मदद से इसे खोजा है। यह सूर्य से लगभग 50,000 गुना बड़ा है ।
Intermediate-mass black Hole को ब्लैक होल की सीमा को समझने में  लापता कड़ी (‘Missing link’) कहा जाता है। यह ब्लैक होल आकाशगंगाओं के केंद्र में पाए गए विशालकाय ब्लैक होल्स की तुलना में छोटा है। इसकी खोज करने के लिए खगोलविदों ने हब्बल स्पेस टेलीस्कोप, नासा चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेट्री और यूरोपियन स्पेस एजेंसी एक्स-रे मल्टी-मिरर मिशन ऑब्जर्वेट्री का उपयोग किया।
क्या होता है ब्लैक होल?
ब्लैक होल स्पेस में वो जगह है जहाँ भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता। इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है। इतना शक्तिशाली कि प्रकाश भी यहां प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल पाता है। जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है। धीरे धीरे वह विशाल ब्लैक होल बन जाता है और सब कुछ अपने में समेटने लगता है।
इसके बाहरी हिस्से को स्टीफ़न हॉकिंग ने इवेंट हॉराइज़न (Event Horizon) नाम दिया है। क्वांटम प्रभाव के चलते इससे गर्म कण टूट-टूट कर ब्रह्माण्ड में फैलने लगते हैं। स्टीफ़न हॉकिंग की खोज के अनुसार हॉकिंग रेडिएशन (Hawking Radiation) के चलते एक दिन ब्लैक होल पूरी तरह द्रव्यमान मुक्त हो कर ग़ायब हो जाता है। नाम के विपरीत ये क्षेत्र खाली नहीं होता बल्कि इसमें कई तरह के पदार्थ होते हैं जो इस इसके क्षेत्रफ़ल को असीम गुरुत्वाकर्षण बल देते हैं।
2019 में पहली बार ब्लैक होल की तस्वीर ली गई
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने अप्रैल 2019 में पही बार ब्लैक होल की तस्वीर जारी की है। यह M 87 गैलैक्सी में लगभग 4000 करोड़ में फैला हुआ है और आकार में पृथ्वी से तीस लाख गुना बड़ा है।इसकी तस्वीर इवेंट हॉरिज़न टेलिस्कोप (Event Horizon Telescope) से ली गई जो आठ टेलिस्कोप का एक नेटवर्क है। ये हमारे सोलर सिस्टम से भी बड़ा है और वज़न में सूर्य से 650 करोड़ से ज़्यादा भारी है। ये ब्रह्मांड में मौजूद सबसे बड़ा ब्लैक होल है।

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