भारत-चीन तनाव:  दोनों देशों के बीच तनाव कम करने पर सहमति

चर्चा में क्यों?

  • लद्दाख की गलवान घाटी की हिंसक झड़प के 20 दिन बाद चीन लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर 2 किलोमीटर पीछे हट गया है। उसने टेंट और अस्थाई निर्माण हटा लिए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • लद्दाख में गलवान घाटी के अलावा भारत-चीन के बीच 4 और पॉइंट्स पर विवाद है। ये पॉइंट- पीपी-14 (गलवान रिवर वैली), पीपी-15, हॉट स्प्रिंग्स और फिंगर एरिया हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन प्वाइंट्स से भी जवान वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
  • यह फैसला भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को टेलीफोनिक वार्ता के बाद लिया गया है।
  • इसके बाद भारत ने भी अपने सैनिक पीछे हटा लिए। दोनों देशों ने मिलकर 4 किलोमीटर का नो-मैन जोन बना लिया है।

वार्ता पर भारत स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी किया

  • भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत पर भारत स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी किया है।
  • इस बातचीत में मुख्य रुप से 5 बातों पर सहमति बनी है –
  • 1- दोनों देश के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू किया जाएगा। दोनों नेताओं के बीच सीमावर्ती इलाकों में शांति के साथ विकास के लिए लंबे समय तक साथ काम करने की सहमति है।
  • 2- दोनों देश आपसी समझौते के मुताबिक सीमा पर तनातनी को कम करने के लिए संयुक्त रूप से कोशिश करेंगे।
  • 3- विशेष प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत के ज़रिए दोनों पक्ष आपसी संवाद को बेहतर बनाएंगे। भारत चीन के बीच सीमा मामलों में सलाह और संयोजन के लिए वर्किंग मैकेनिज्म की व्यवस्था को नियमित करके उसे बेहतर बनाया जाएगा। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मज़बूत होगा।
  • 4- दोनों पक्ष ने हाल में हुई कमांडर स्तर की बैठक में जिन बातों पर सहमति जताई गई है, उसका स्वागत किया है। पहली जुलाई को कमांडर स्तर की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर तनातनी को कम करने पर सहमति जताई थी।
  • 5- भारत के एनएसए अजीत डोभाल और वांग यी के बीच आपसी बातचीत को नियमित रखने पर भी सहमति बनी है।

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