द टैंगम्स: एन एथ्नोलॉजिकल स्टडीज ऑफ द क्रिटिकली एन्डेंजर्ड ग्रुप ऑफ अरुणाचल प्रदेश

चर्चा में क्यों?

  • द टैंगम्स: एन एथ्नोलॉजिकल स्टडीज ऑफ द क्रिटिकली एन्डेंजर्ड ग्रुप ऑफ अरुणाचल प्रदेश (The Tangams: An Ethnolinguistic Study of the Critically Endangered Group of Arunachal Pradesh) नामक पुस्तक का विमोचन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने किया।
  • इस पुस्तक का प्रकाशन सेंटर फॉर एन्डेंजर्ड लैंग्वेजेज (CFEL), राजीव गांधी विश्वविद्यालय और हिमालयन पब्लिशर्स, नई दिल्ली द्वारा किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यूनेस्को के लुप्तप्राय भाषाओं के विश्व एटलस (UNESCO World Atlas of Endangered Languages ) 2009 में  टैंगम भाषा को ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ के रूप में चिह्नित किया गया है।
  • तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार से जुड़ी टैंगम एक मौखिक भाषा है जो तानी समूह से संबंधित है।
  • तांगम जनजाति समुदाय अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के कोगिंग गांव में रहता है।
  • समुदाय की कुल आबादी 253 है और वे केवल उसी गांव में रहते हैं।
  • पुस्तक के सह-लेखक कलिंग डाबी, कोम्बोंग दरंग, रेझनी बोरंग, चेरा देवी, रूमी देउरी हैं और संयुक्त रूप से लिसा लोमडक और रेजोनी बोरंग द्वारा इसे संपादित किया गया है।

Related Posts

Leave a Reply