हागिया सोफिया संग्रहालय पर निर्णय शीघ्र

चर्चा में क्यों?

  • टर्की के शीर्ष प्रशासनिक न्यायालय ने हाल ही में घोषणा की कि वह शीघ्र ही इस पर फैसला सुनाएगा कि इस्तांबुल में स्थित हागिया सोफिया (Hagia Sophia Museum) को एक संग्रहालय रहना चाहिए या एक मस्जिद में बदल दिया जाना चाहिए।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • दरअसल टर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन ने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की मस्जिद का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव दिया है।
  • जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (AKP) के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और उनके समर्थक जो राष्ट्रवादी-इस्लाम में सहानुभूति रखते हैं के लिए यह ओटोमन्स द्वारा ईसाई कांस्टेंटिनोपल की विजय, और इस्लामी दुनिया की श्रेष्ठता का प्रतीक है।
  • सन 537 से लेकर सन 1453 तक यह स्मारक एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च था। सन 1453 से 1931 तक की टर्की सल्तनत में इसे ऑटोमन मस्जिद में बदल दिया गया। फिर 1935 से इसे एक म्यूजियम बना दिया गया है।
  • दरअसल सुल्तानों का शासन समाप्त होने के बाद 1923 में मुस्तफा कमाल अता तुर्क की अगुवाई में टर्की में सांस्कृतिक क्रांति हुई और तुर्की एक धर्मनिरपेक्ष देश में बदल दिया गया। मुस्तफा कमाल अता तुर्क ने धर्म को राजनीति से अलग कर दिया।
  • मुस्तफा कमाल अता तुर्क ने ईसाइयों के साथ घोर अन्याय बताते हुए हागिया सोफिया मस्जिद को 1935 में एक संग्रहालय में बदलने का फैसला किया।
  • अपने विशाल गुंबद के कारण यह टर्की का बहुत प्रसिद्ध स्थान है। इसकी मीनारें इसे मसजिद बनाने के दौरान बनाई गई थीं।

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