हागिया सोफ़िया म्यूज़ियम फिर से बनी मस्जिद

चर्चा में क्यों?

  • टर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने इस्तांबुल के ऐतिहासिक हागिया सोफ़िया म्यूज़ियम (Hagia Sophia Museum) को दोबारा मस्जिद में बदलने के आदेश दे दिए हैं।
  • इससे पहले 10 जुलाई 2020 को ही टर्की की एक अदालत ने हागिया सोफ़िया म्यूज़ियम को मस्जिद में बदलने का रास्ता साफ़ कर दिया था।
  • कोर्ट ने अपने फ़ैसले में 1934 के कैबिनेट के फ़ैसले को रद्द कर दिया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (AKP) के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और उनके समर्थक जो राष्ट्रवादी-इस्लाम में सहानुभूति रखते हैं के लिए यह ओटोमन्स द्वारा ईसाई कांस्टेंटिनोपल की विजय, और इस्लामी दुनिया की श्रेष्ठता का प्रतीक है।
  • सन 537 से लेकर सन 1453 तक यह स्मारक एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च था।
  • इसे छठी सदी में बाइज़ेंटाइन सम्राट जस्टिनियन केआदेश से बनाया गया था।
  • खूबसूरत गुम्बदों वाली यह ऐतिहासिक इमारत इस्तांबुल में बॉस्फ़ोरस नदी के पश्चिमी किनारे पर है, बॉस्फ़ोरस वह नदी है जो एशिया और यूरोप की सीमा तय करती है, इस नदी के पूर्व की तरफ़ एशिया और पश्चिम की ओर यूरोप है।
  • जब उस्मानिया सल्तनत ने 1453 में क़ुस्तुनतुनिया (जिसे बाद में इस्तांबुल का नाम दिया गया) शहर पर क़ब्ज़ा किया तो इस चर्च को मस्जिद बना दिया गया था।
  • प्रथम विश्व युद्ध में टर्की की हार और फिर वहां उस्मानिया सल्तनत की समाप्ति के बाद मुस्तफ़ा कमाल पाशा का शासन आया उन्हीं के शासन में 1935 में इसे एक म्यूजियम बना दिया गया ।

क्यों बनाया गया म्यूजियम?

  • दरअसल सुल्तानों का शासन समाप्त होने के बाद 1923 में मुस्तफा कमाल अता तुर्क की अगुवाई में टर्की में सांस्कृतिक क्रांति हुई और तुर्की एक धर्मनिरपेक्ष देश में बदल दिया गया। मुस्तफा कमाल अता तुर्क ने धर्म को राजनीति से अलग कर दिया।
  • मुस्तफा कमाल अता तुर्क ने ईसाइयों के साथ घोर अन्याय बताते हुए हागिया सोफिया मस्जिद को 1935 में एक संग्रहालय में बदलने का फैसला किया।
  • अपने विशाल गुंबद के कारण यह टर्की का बहुत प्रसिद्ध स्थान है। इसकी मीनारें इसे मस्जिद बनाने के दौरान बनाई गई थीं।

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