ग्लोबल रिपोर्ट ऑन इंटर्नल डिस्प्लेसमेंट-2020

इंटरनेशनल डिस्प्लेसमेंट मॉनीटरिंग सेंटर’ (Internal Displacement Monitoring Centre-IDMC) ने ‘ग्लोबल रिपोर्ट ऑन इंटर्नल डिस्प्लेसमेंट-2020’ (Global Report on Internal Displacement-2020) शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2019 में भारत में लगभग पाँच मिलियन लोग विस्थापित हुए।
  • भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण 2.6 मिलियन से अधिक लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा।
  • वर्ष 2019 में वैश्विक स्तर पर ‘संघर्ष और हिंसा’ तथा ‘प्राकृतिक आपदा’ के कारण 50.8 मिलियन लोग विस्थापित हुए हैं।
  • वर्ष 2019 में 140 देशों और विभिन्न प्रांतों में कम-से-कम 33.4 मिलियन नए लोगों का विस्थापन हुआ है।
  • वर्ष 2019 में ‘संघर्ष और हिंसा’ के कारण विस्थापित लोगों की संख्या वर्ष 2012 की तुलना में तीन गुना हो गई है।
  • नाइजर और सोमालिया जैसे देशों में राजनीतिक प्रतिबद्धता के कारण आंतरिक विस्थापन हेतु नीतिगत रूपरेखा में सुधार हुआ है।
  • अफगानिस्तान, इराक और फिलीपींस जैसे अन्य देशों ने अपनी विकास योजनाओं में विस्थापन से संबंधित मुद्दे शामिल किये हैं।

इंटरनेशनल डिस्प्लेसमेंट मॉनीटरिंग सेंटर (IDMC):
‘इंटरनेशनल डिस्प्लेसमेंट मॉनीटरिंग सेंटर’ को ‘नार्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल’ (Norwegian Refugee Council-NRC) के एक भाग के रूप में वर्ष 1998 में स्थापित किया गया था।
सेंटर के उद्देश्यों में विस्थापित लोगों का आँकड़ा एकत्रित कर उसका विश्लेषण करना और नीति निर्माण में देशों की मदद करना ताकि भविष्य में विस्थापन के जोखिम को कम किया जा सके।

Leave a Reply