आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक भागीदारी में शामिल हुआ भारत

भारत 15 जून 2020 को संस्थापक सदस्य के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक भागीदारी (Global Partnership for Artificial Intelligence, GPAI) में शामिल हो गया।
यह निकाय पेरिस के आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) द्वारा समर्थित है। यह भागीदारी जिम्मेदार और मानव केंद्रित विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देगी।
इसके माध्यम से उद्योग, नागरिक समाज, सरकारों और शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को एआई के जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देने के लिए एक साथ लाया जाएगा।
यह ऐसी कार्यप्रणाली भी विकसित करेगा कि कोरोना महामारी के वैश्विक संकट का बेहतर तरीके से जवाब कैसे दिया जा सकता है।
भारत के अलावा इस भागीदारी में जुड़ने वाले अन्य प्रमुख सदस्य देश यूके, यूएसए, यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, मैक्सिको, इटली, आदि हैं।
क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence, AI) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ है एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें एक ऐसा दिमाग बनाया जाता है, जिसमें कंप्यूटर सोच सके और निर्णय ले सके।इसके विकास की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक जॉन मैकार्थी के अनुसार यह बुद्धिमान मशीनों, विशेष रूप से बुद्धिमान कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने का विज्ञान और अभियांत्रिकी है अर्थात् यह मशीनों द्वारा प्रदर्शित की गई इंटेलिजेंस है।
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन

  • आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (Organisation for Economic Co-operation and Development -OECD) की स्थापना आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को प्रोत्साहित करने हेतु 1961 में हुई थी।
  • इसके अधिकांश सदस्य उच्च आय वर्ग अर्थव्यवस्थाएं हैं, जिनका मानव विकास सूचकांक (HDI) बहुत उच्च हैं, और विकसित देशों के रूप में माना जाता है।
  • ओईसीडी एक आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र प्रेक्षक है।
  • इसका मुख्यालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में है।
  • जोस एंजल गुरिया ट्रेविनो इसके वर्तमान अध्यक्ष हैं।

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