चर्चा में क्यों?

  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने “2020-2024 के लिए वैश्विक जलवायु परिवर्तन संबंधी वार्षिक अपडेट” (Global Annual to Decadal Climate Update for 2020-2024) रिपोर्ट हाल ही में जारी की है।

रिपोर्ट के अनुसार

  • आने वाले पांच वर्ष में औसत वैश्विक तापमान पहली बार पूर्व-औद्योगिक औसत स्तर से 5 डिग्री सेल्सियस (2.7 फॉरनहाइट) अधिक हो सकता है।
  • उल्लेखनीय है कि 5 डिग्री सेल्सियस वह स्तर है जिस पर विभिन्न देशों ने ‘ग्लोबल वार्मिंग’ को सीमित करने की कोशिश करने के लिए सहमति जतायी है।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया भर में औसत तापमान 1850-1900 की अवधि की तुलना में पहले ही कम से कम एक डिग्री सेल्सियस अधिक है।
  • पेरिस समझौते के तहत वैश्विक तापमान को 2 डिग्री के भीतर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। इसी समझौते के तहत देशों को ग्रीन हाउस गैसों में कटौती करने के लिए कहा गया था।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organisation)

  • WMO एक अंतर-सरकारी संगठन है।
  • इसकी स्थापना 23 मार्च, 1950 को मौसम विज्ञान संगठन अभिसमय (Meteorological organization convention) के अनुमोदन द्वारा की गई थी। इसीलिए प्रतिवर्ष 23 मार्च को विश्व मौसम दिवस मनाया जाता है।
  • यह पृथ्वी के वायुमंडल की परिस्थिति और व्यवहार, महासागरों के साथ इसके संबंध, मौसम और परिणामस्वरूप उपलब्ध जल संसाधनों के वितरण के बारे में जानकारी देने के लिये संयुक्त राष्ट्र (UN) की आधिकारिक संस्था है।
  • WMO में 191 सदस्य हैं।
  • इसका मुख्यालय जिनेवा (स्विटजरलेंड) में है।