दोहा एशियाई चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन के साथ 800 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट एम गोमती मारीमुथु पर वर्ल्ड एथलेटिक्स की एथलेटिक्स इंटिग्रिटी यूनिट (Athletics Integrity Unit,AIU) ने चार साल का प्रतिबंध लगा दिया है। गोमती अपने बचाव में सैंपलों के साथ की गई छेड़छाड़ की बात को साबित नहीं कर पाईं। उन पर यह प्रतिबंध अस्थाई प्रतिबंध की तिथि 17 मई 2019 से लगाया गया है, जो 16 मई 2023 को खत्म होगा। इसके साथ ही गोमती से 2019 में एशियाई चैंपियनशिप में जीता गया स्वर्ण पदक छीना जाना तय हो गया है। यही नहीं उन पर एक हजार पाउंड करीब एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जो उन्हें एआईयू को जुर्माने के रूप में देने होंगे।
चार सैंपल पाए गए पॉजिटिव
गोमती का चार सैंपल स्टेरायड 19 नॉर एंड्रोस्टेरॉन (Androsterone) के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। अप्रैल में दोहा एशियाई चैंपियनशिप में सैंपल लिए जाने से पहले उनका 18 मार्च को पटियाला में फेडरेशन कप के दौरान और उसके बाद दो सैंपल चयन ट्रायल के दौरान लिए गए थे। इनमें से उन्होंने पहले, तीसरे और चौथे के लिए बी सैंपल टेस्ट कराया, जो सभी पॉजिटिव पाए गए। पहले तीनों सैंपल नाडा ने लिए थे। जिनकी रिपोर्ट देर से आने के चलते गोमती दोहा खेलने भेज दी गईं और देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।एथलेटिक्स इंटिग्रिटी यूनिट के अध्यक्ष: ब्रेट क्लॉथियर (Brett Clothier) हैं, इसका मुख्यालय मोनाको में है।