ईरान के न्यूक्लियर प्लांट में लगी आग से भारी नुकसान

चर्चा में क्यों?

  • ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट (Natanz Nuclear Facility ) में लगी आग से बहुत ज़्यादा तबाही हुई है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उत्तरी ईरान के नतांज़ शहर के पास स्थित न्यूक्लियर प्लांट में 2 जुलाई 2020 को भीषण आग लग गई थी। हालांकि इसमें कोई व्यक्ति नहीं मारा गया लेकिन प्लांट को भारी नुकसान हुआ है।
  • ईरान की राजधानी तेहरान से क़रीब 250 किलोमीटर दक्षिण में स्थित नतांज़, ईरान का सबसे बड़ा और उत्तम गुणवत्ता का यूरेनियम संवर्धन प्लांट है।
  • ईरान में दो जगहों- नतांज़ और फोर्दो में यूरेनियम का संवर्धन किया जाता है।
  • उत्तम गुणवत्ता के यूरेनियम का उत्पादन करने के लिए अपकेन्द्रण यंत्रों (Centrifuges ) की ज़रूरत होती है, जिसका उपयोग रिएक्टर ईंधन बनाने के साथ-साथ परमाणु हथियार बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
  • सेंट्रिफ्यूज वह मशीन होती है जिसमें यूरेनियन के रासायनिक कणों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए सेंट्रिफ्यूजल फोर्स का इस्तेमाल होता है।

ईरान का परमाणु समझौता क्या है?

  • ईरान ने हमेशा से इस बात पर ज़ोर दिया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है लेकिन संदेह ये था कि ये परमाणु बम विकसित करने का कार्यक्रम था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने 2010 में ईरान पर पाबंदी लगा दी।
  • वर्ष 2015 में ईरान का छह देशों के साथ एक समझौता हुआ। ये देश थे- अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन, रूस (P-5) और जर्मनी। इस P 5+1 समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों को सीमित किया, बदले में उसे पाबंदी से राहत मिली।
  • समझौते के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम ( Uranium Enrichment Programme) रोकना पड़ा। संवर्धित यूरेनियम यह रिएक्टर का ईंधन बनाने के लिए इस्तेमाल होता है और इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी होता है।
  • सबसे पहले मई 2018 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने समझौते को रद्द करते हुए प्रतिबंध लगाए। जनवरी 2020 में ये समझौता पूरी तरह टूट गया।
  • 5 जनवरी 2020 को ईरान ने परमाणु समझौते से अपने को पूरी तरह अलग कर लिया।
  • ईरान अब यूरेनियम को 4.5% तक समृद्ध कर रहा है, जो वर्ष 2015 के समझौते के तहत निर्धारित 3.67% की सीमा से काफी अधिक है।

यूरेनियम संवर्द्धन (Uranium Enrichment):

  • यूरेनियम संवर्द्धन से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिये ईंधन का उत्पादन किया जाता है।
  • सामान्यतः इसमें यूरेनियम-235 और यूरेनियम-238 के आइसोटोप का प्रयोग किया जाता है।
  • परमाणु संयंत्रों में ऊर्जा का उत्पादन इन आइसोटोपों के विखंडन से होता है।
  • यूरेनियम संवर्द्धन के लिये सेंट्रीफ्यूज (Centrifuges) में गैसीय यूरेनियम को शामिल किया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency- IAEA)

  • यह संगठन परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने और किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिये परमाणु हथियारों के प्रयोग को रोकने का कार्य करता है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1957 में की गई थी।
  • इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के विएना (Vienna) में है।
  • इसके वर्तमान महानिदेशक अर्जेंटीना के रॉफेल ग्रासी हैं।
  • IAEA विश्व भर में परमाणु प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग हेतु एक अंतर-सरकारी मंच के रूप में भी कार्य करता है।
  • हालाँकि एक अंतर्राष्ट्रीय संधि (International Treaty) के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसकी स्थापना की गई थी लेकिन यह संगठन संयुक्त राष्ट्र के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं आता है।
  • IAEA, संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) और सुरक्षा परिषद (Security Council) दोनों को रिपोर्ट करता है।

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