उत्तराखंड में हाथियों की संख्या में वृद्धि

चर्चा में क्यों?

  • उत्तराखंड में हाथियों की संख्या बढ़कर 2026 हो गयी है और वर्ष 2017 की तुलना में यह 10.17 प्रतिशत बढ़ी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव सलाहकार बोर्ड की बैठक में यह जानकारी दी गयी।
  • इसके लिए छह जून से आठ जून तक तीन दिन उत्तराखण्ड में हाथियों की गणना की गई जिसमें पाया गया कि राज्य में कुल 2026 हाथी हैं। वर्ष 2012 में 1559 जबकि 2017 में 1839 हाथी थे और इस प्रकार वर्ष 2017 से अब तक हाथियों की संख्या में 10.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • इसी तरह इसी वर्ष 22 से 24 फरवरी तक जलीय जीवों की गणना की गई जिसमें राज्य में 451 मगरमच्छ, 77 घड़ियाल और 194 ऊदबिलाव मिले।
  • वर्ष 2020 से 2022 तक राज्य में स्नो-लैपर्ड (हिम तेंदुओं) की संख्या का आकलन भी किया जाएगा। राज्य के 23 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में स्नो-लैपर्ड हैं।
  • इसी प्रकार गैंडे के ‘रिइन्ट्रोडक्शन’ (यहां के लिए अन्य जगह से गैंडों को लाये जाने) के लिए स्थल उपयुक्तता रिपोर्ट मिल गई है तथा राजाजी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के ‘रैशनलाइजेशन’ (पुन: सीमांकन) के लिए संबंधित जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों और भारतीय वन्यजीव संस्थान के प्रतिनिधियों की एक समिति का गठन कर लिया गया है।

राजाजी नेशल पार्क और कॉर्बेट नेशनल पार्क

  • उत्तराखंड में हाथी राजाजी नेशनल पार्क और कार्बेट नेशनल पार्क में पाए जाते हैं।
  • कार्बेट नेशनल पार्क (Corbett National Park) भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क है जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में हुई थी।
  • स्थापना के समय इसका नाम हैली नेशनल पार्क (Hailey National Park) था, जिसे वर्ष 1957 में बदलकर कॉर्बेट नेशनल पार्क कर दिया गया। महान प्रकृतिवादी और संरक्षणवादी स्वर्गीय जिम कॉर्बेट की याद में इसे यह नाम दिया गया।
  • यह पार्क कुल 521 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • पार्क से बहने वाली प्रमुख नदियाँ रामगंगा, सोनानदी हैं।

राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park):

  • वर्ष 1983 में उत्तराखंड राजाजी वन्यजीव अभयारण्य को मोतीचूर एवं चिल्ला वन्यजीव अभयारण्यों को संयुक्त करके राजाजी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की गई थी।
  • इस पार्क का नाम स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी (जिन्हें ‘राजाजी’ भी कहा जाता है) के नाम पर रखा गया है।
  • राजाजी राष्ट्रीय उद्यान 820.42 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • राजाजी नेशनल पार्क हिमालय की तलहटी में शिवालिक पर्वतमाला की निचली पहाड़ियों एवं तलहटी में अवस्थित है और यह शिवालिक पर्यावरण-प्रणाली (Shiwalik Eco-system) का प्रतिनिधित्व करता है।
  • तीन अभयारण्यों (चिल्ला, मोतीचूर एवं राजाजी) को मिलाकर बनाया गया राजाजी नेशनल पार्क उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल, देहरादून एवं हरिद्वार ज़िलों में फैला हुआ है।

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