देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य

चर्चा में क्यों?

  • 6 जुलाई, 2020 को असम सरकार ने ‘देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य’ (Dehing Patkai Wildlife Sanctuary) को ‘राष्ट्रीय उद्यान’ (National Park) बनाने का निर्णय लिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • देहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य 111.42 वर्ग किमी में फैला हुआ है।जबकि 937 वर्ग किमी क्षेत्र के साथ देहिंग पटकाई हाथी अभयारण्य डिब्रूगढ़ और तिनसिया जिलों में इसकी परिधि में स्थित है।
  • सलेकी रिज़र्व फॉरेस्ट भी इसका हिस्सा हैं ये पूरा रिज़र्व रेनफॉरेस्ट है।
  • यह ऊपरी असम के कोयले एवं तेल-समृद्ध ज़िलों (डिब्रूगढ़, तिनसुकिया एवं शिवसागर) में फैला हुआ है।
  • यानी यहां पर वार्षिक 250 सेंटीमीटर से 450 सेंटीमीटर तक बारिश होती है। इस कारण लोग इसे ‘पूर्व का एमेजॉन’ भी कहते हैं।
  • पिछले दिनों असम सरकार द्वारा कोयला खनन परियोजना के लिये कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited- CIL) को सशर्त मंज़ूरी देने के कारण इसका भारी विरोध हुआ था।
  • वर्ष 2004 में देहिंग पटकाई को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।

नेशनल पार्क क्या होता है?

  • राष्ट्रीय उद्यान (national park) ऐसा क्षेत्र होता है जो राज्य सरकार द्वारा औपचारिक रूप से संरक्षित किया गया हो।
  • एक वन्यजीव अभयारण्य के अंदर कुछ मानव गतिविधियों को अनुमति दी जा सकती है किंतु एक राष्ट्रीय पार्क में किसी भी मानव गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाती है
  • येलोस्टोन नेशनल पार्क, विश्व का पहला राष्ट्रीय उद्यान है जिसे 1872 में अमेरिकी राष्ट्रपति उलिसिस एस ग्रांट द्वारा हस्ताक्षरित कानून के माध्यम से स्थापित किया गया था।
  • हेली नेशनल पार्क, भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है जिसका निर्माण 1936 में हुआ था, जिसे अब जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के रूप में जाना जाता है।

Related Posts

Leave a Reply