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Daily Current Affairs: September 9, 2021

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

अफगानिस्तान में नई सरकार का गठन

चर्चा में क्यों?

  • काबुल पर कब्जे के 22 दिन बाद 7 सितंबर 2021 को तालिबान ने अपनी सरकार की घोषणा कर दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • तालिबानी सरकार का नाम इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान होगा। यह तालिबान की अंतरिम सरकार है, जिसमें किसी महिला को शामिल नहीं किया गया है।
  • तालिबानी सरकार का मुखिया मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को बनाया गया है जो कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकियों की लिस्ट में शामिल है।
  • वह तालिबान के पिछले शासन में भी मंत्री था और कहा जाता है कि 2001 में अफगानिस्तान के बालियान प्रांत में बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ने की मंजूरी हसन अखुंद ने ही दी थी। उसने इस आदेश को अपनी धार्मिक जिम्मेदारी बताया था।
  • तालिबानी सरकार में शेख हिब्दुल्लाह अखुंदजादा सर्वोच्च नेता होंगे जिन्हें अमीर-उल-अफगानिस्तान कहा जाएगा।
  • प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन के साथ दो उप प्रधानमंत्री बनाए गए हैं।

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चर्चित स्थान

जोरहाट (असम)

चर्चा में क्यों?

  • असम के जोरहाट में 8 सितंबर 2021 को बड़ा हादसा हो गया। यहां ब्रह्मपुत्र नदी में दो यात्री नौकाएं आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। मौके पर राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है। एक महिला की मौत हो गई और 20 लोग लापता हो गए।
  • अधिकारियों ने बताया कि टक्कर तब हुई जब निजी नाव ‘मा कमला’ निमती घाट से माजुली की ओर जा रही थी और सरकारी स्वामित्व वाली नौका ‘त्रिपकाई’ माजुली से आ रही थी।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

वायु सेना के लिए 56 C-295 MW परिवहन विमान खरीदेगी सरकार

चर्चा में क्यों?

  • कैबिनेट की सुरक्षा मामलों संबंधी समिति ने भारतीय वायु सेना के लिए एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एसए, स्पेन से 56 C-295 MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • C-295 MW विमान समकालीन तकनीक के साथ 5-10 टन क्षमता का एक परिवहन विमान है जो भारतीय वायुसेना के पुराने एवरो विमान की जगह लेगा।
  • तेज़ी से प्रतिक्रिया और सैनिकों और कार्गो की पैरा ड्रॉपिंग के लिए विमान में एक रीयर रैंप दरवाजा है।
  • अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 48 महीनों के भीतर स्पेन से सोलह विमानों की डिलीवरी की जाएगी और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के दस वर्षों के भीतर टाटा कंसोर्टियम द्वारा भारत में चालीस विमानों का निर्माण किया जाएगा।
  • यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में एक सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा।
  • सभी 56 विमानों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के साथ स्थापित किया जाएगा।
  • यह परियोजना भारत में एयरोस्पेस पारितंत्र को बढ़ावा देगी जिसमें देश भर में फैले कई एमएसएमई इस विमान के कुछ हिस्सों के निर्माण में शामिल होंगे।

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जालौर में नेशनल हाईवे पर उतरा C-130J सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान

चर्चा में क्यों?

  • राजस्थान के जालोर में बने राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी फील्ड लैंडिंग का 9 सितंबर 2021 को उद्घाटन हुआ।
  • पहली बार किसी सुखोई एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान को राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राजस्थान में पाकिस्तान सीमा से 40 किलोमीटर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 225 पर सेना ने हरक्युलिस विमान से उतरकर नया इतिहास बनाया है।
  • सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निमार्ण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने किया है।
  • इसके तहत बाकासर गांव के समीप 39.95 करोड़ रूपए की लागत से एयर स्ट्राइक बनाई गई है।
  • सीमा के नजदीक एयरपोर्ट नहीं होने से एयर स्ट्राइक का निमार्ण किया है जो युद्ध के समय काम आ सकता है।
  • यहां सुखोई और जगुआर विमानों ने भी टच डाऊन किया। एक सुखोई विमान को हवाई पट्टी पर पार्क भी किया गया।
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सेना की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए देश में कई स्थानों पर इस प्रकार की इमर्जेंसी लैंडिंग फील्ड का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक आपदा की घड़ी में जनता को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत किया गया है निर्माण

  • यह पट्टी भारतमाला परियोजना के तहत गगरिया-बखासर और सट्टा-गंधव खंड के नव विकसित टू-लेन पेव्ड शोल्डर का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 196.97 किलोमीटर है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है।
  • पेव्ड शोल्डर उस भाग को कहा जाता है, जो राजमार्ग के उस हिस्से के पास हो जहां से वाहन नियमित रूप से गुजरते हैं।

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पुरस्कार/सम्मान

बहलर कछुआ संरक्षण पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारतीय जीवविज्ञानी शैलेंद्र सिंह को ‘बहलर कछुआ संरक्षण पुरस्कार (Behler Turtle Conservation Award)’ से सम्मानित किया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उनको यह पुरस्कार तीन गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Critically Endangered) कछुए की प्रजातियों को उनके विलुप्त होने की स्थिति से बाहर लाने हेतु दिया जा रहा है।
  • इस पुरस्कार की स्थापना 2006 में की गई थी। यह पुरस्कार कछुओं के संरक्षण एवं दिया जाने वाला एक प्रमुख वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार है।
  • इसे कछुआ संरक्षण के “नोबेल पुरस्कार” के रूप में भी जाना जाता है।
  • ‘बहलर कछुआ संरक्षण पुरस्कार’ कछुआ संरक्षण में शामिल कई वैश्विक निकायों जैसे ‘टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA), IUCN/SSC कच्छप और मीठे पानी के कछुआ विशेषज्ञ समूह, कछुआ संरक्षण तथा ‘कछुआ संरक्षण कोष’ द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • वर्तमान संदर्भ में तीन गंभीर रूप से लुप्तप्राय कछुओं को देश के विभिन्न हिस्सों में टीएसए इंडिया के अनुसंधान, संरक्षण प्रजनन और शिक्षा कार्यक्रम के एक भाग के रूप में संरक्षित किया जा रहा है। ये तीन प्रजातियां हैं-
  • नॉर्दन रिवर टेरापिन (Batagur kachuga) सुंदरबन में पाया जाता है। यह IUCN की रेड लिस्ट में गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में सूचीबद्ध है ।
  • रेड – क्राउन रूफ टर्टल (बाटागुर बास्का) चंबल में पाया जाता है। वर्तमान में भारत में राष्ट्रीय चंबल नदी घड़ियाल अभयारण्य इस प्रजाति की पर्याप्त आबादी वाला एकमात्र क्षेत्र है। यह भी IUCN की रेड लिस्ट : गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में सूचीबद्ध है।
  • ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल (निल्सोनिया नाइग्रिकन्स (Nilssonia Nigricans)। यह पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश में मंदिरों के तालाबों में पाए जाते हैं। यह भी यह IUCN की रेड लिस्ट में गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में सूचीबद्ध है ।

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भारत एवं विश्व

भारत-रुस में एमओयू

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रूस की ज्वाइंट स्टॉक कंपनी रोसजियोलोजिया (रोसजियो) और भारत सरकार खान मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के बीच एमओयू को मंजूरी दे दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच धरती में गहरे और/ छिपे हुए खनिज भंडार के अन्वेषण में पारस्परिक सहयोग करना है।
  • इसके अलावा एमओयू के तहत खुदाई, सैंपलिंग और प्रयोगशाला विश्लेषण के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और ज्ञान का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे आंकड़ों में विश्वसनीयता आएगी और लागत को महत्तम किया जा सकेगा।
  • साथ ही एमओयू के तहत दोनों देशों के क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी क्षमता का निर्माण किया जाएगा।
  • रोसजियो और जीएसआई के समृद्ध अनुभव और उनकी सहयोग की क्षमता को देखते हुए यह एमओयू भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग का एक व्यापक ढांचा प्रदान करने की दृष्टि से विशेष रूप से फायदेमंद होगा।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI)

  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की स्थापना 1851 में मुख्य रूप से रेलवे के लिए कोयला भंडारों की खोज के लिए की गई थीI
  • तब से अब तक की अवधि में जीएसआई न केवल देश में विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक भू-विज्ञान सम्बन्धी सूचनाओं के भंडार के रूप में विकसित हुआ है बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति के भू-वैज्ञानिक संगठन का दर्जा भी मिल चुका है।
  • संगठन का मुख्य कार्य राष्ट्रीय भू-वैज्ञानिक जानकारी जुटाकर उसे अपडेट करते रहना और खनिज संसाधनों का निरंतर आकलन करना है।
  • इन उद्देश्यों को जमीनी सर्वेक्षण, हवाई और समुद्री सर्वेक्षण, खनिज पूर्वेक्षण और जांच, बहु-विषयक भूवैज्ञानिक, भू-तकनीकी, भू-पर्यावरण और प्राकृतिक खतरों के अध्ययन, हिमनद विज्ञान, भूकंप विवर्तनिक (टेक्टोनिक) अध्ययन और मौलिक अनुसंधान के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) का मुख्यालय कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में है और इसके छह क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ, जयपुर, नागपुर, हैदराबाद, शिलॉन्ग और कोलकाता में स्थित हैं तथा देश के लगभग सभी राज्यों में राज्य इकाइयों के कार्यालय हैं।

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राज्य परिदृश्य

दिल्ली; बिजनेस ब्लास्टर कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • दिल्ली सरकार युवा उद्यमी ( यंग एंटरपेन्योर) तैयार करने जा रही है। इसके लिए दिल्ली सरकार बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत सीड मनी देकर बच्चों में उद्यमी बनने की ललक पैदा करेगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सरकार की योजना है युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें। दिल्ली सरकार ने 7 सितंबर 2021 से अपने सभी 1000 स्कूलों में बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम को लांच किया है।
  • इसके तहत 11 वीं व 12 वीं के छात्रों को दो-दो हजार रुपये दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए दिल्ली सचिवालय में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि शुरू किए गए पायलेट प्रोजक्ट की सफलता के बाद यह फैसला लिया गया है।
  • एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम के तहत यह बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम लांच किया जाएगा।
  • अरविंद केजरीवाल सरकार ने 2019 में दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम की शुरुआत की थी।
  • इसके पीछे मकसद था कि स्कूलों और कालेजों से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र इस मानसिकता से बाहर निकले कि उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनना है।
  • पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूल आफ एक्सीलेंस खिचड़ीपुर में इस बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम शुरू हुआ था। इसमें 41 बच्चों के 9 ग्रुप बने और हर बच्चे को 1-1 हजार रुपये की सीड मनी दी गई। इसमें इन बच्चों ने जमकर मुनाफा कमाया।

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