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Daily Current Affairs: September 27, 2021

राज्य परिदृश्य

नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल में स्मार्ट मैपिंग

चर्चा में क्यों?

  • देश में स्मार्ट बनाने के लिए चुने गए 100 शहरों में से नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने पहली बार स्मार्ट एड्रेसिंग का काम पूरा कर लिया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • राष्ट्रीय राजधानी में लुटियन्स जोन के नाम से ख्यात एनडीएमसी के दायरे वाले 50 हजार से अधिक मकानों को 9 डिजिट का यूनीक एल्फा-न्यूमेरिक कोड आवंटित किया गया है। इस कोड को एनडीएमसी डिजिटल डोर नंबर (NDDN) नाम दिया गया है।
  • एक छोटी सी स्टील प्लेट पर यह एनडीडीएन अंकित है जो एनडीएमसी के दायरे में आने वाले हर भवन के द्वार पर लगाई गई है।
  • इस प्लेट पर बने क्यूआर कोड पर भवन का पूरा ब्योरा डिजिटल फॉर्म में दर्ज है। इस कोड को स्कैन कर न सिर्फ उस भवन का पानी, बिजली या गैस का बकाया बिल और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पता लग सकता है, बल्कि इन सभी पेमेंट्स का पुराना रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है।
  • बिजली, पानी, गैस व अन्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतें भी इसी तंत्र से की जा सकती हैं।
  • डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में भी यह क्यूआर कोड क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। जब कूड़ा एकत्र करने वाली गाड़ी दरवाजे के बाहर से होकर निकलेगी तो गाड़ी पर लगा स्कैनर 15 मीटर दायरे के एनडीडीएन को स्कैन करता जाएगा।
  • यदि गाड़ी किसी मकान के बाहर बिना रुके निकल जाएगी तो कंट्रोल रूम को यह पता चल जाएगा कि गाड़ी ने फलां दरवाजे पर रुककर कूड़ा नहीं उठाया।

तीन हिस्सों में बंटा है डीडीएन कोड

  • डीडीएन एक छोटी सी स्टील प्लेट है जिसे हर घर के दरवाजे पर लगाया गया है।
  • इसके पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के एल्फाबेट हैं जो उस इलाके के नाम का शॉर्ट फॉर्म है, इसके लिए समूचे नई दिल्ली इलाके को 48 छोटे प्रचलित व ऐतिहासिक हिस्सों में बांटकर 48 कोड तैयार किए गए हैं। अगले तीन अंक रोड नंबर हैं और आखिरी तीन अंक मकान नंबर है।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (DMRC) ने बेचा कार्बन क्रेडिट

चर्चा में क्यों?

  • दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (DMRC) ने अभी तक कार्बन क्रेडिट बेचकर 29 करोड़ रुपए की कमाई की है।
  • वहीं वर्ष 2012-18 में 55 मिलियन कार्बन क्रेडिट्स की सीडीएम और गोल्ड स्टेंडर्ड प्रोजेक्ट्स से कार्बन क्रेडिट्स की बिक्री कर डीएमआरसी ने 19.5 करोड़ रुपए की कमाई की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • डीएमआरसी अपने परिचालन कार्यों से भारत में जलवायु परिवर्तन के परिमाण निर्धारित करने में अग्रणी रही है। इसके अनेक ऐसे डेडिकेटेड प्रोजेक्ट्स ऊर्जा की बचत में सहायक हैं।
  • डीएमआरसी क्लीन डेवलपमेंट मेकेनिज्म प्रोजेक्ट्स एमिशन क्रेडिट्स उत्पन्न करती हैं जिन्हें सर्टिफाइड एमिशन रिडक्शन (CERS) कहा जाता है।
  • इसे जिन्हें विदेशी कंपनियों द्वारा डीएमआरसी से खरीदती है इस तरह यह व्यापार किया जाता है।
  • एक सीईआर एक टन कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कटौती करने के बराबर होता है। क्लीन डेवलपमेंट मेकेनिज्म मेजबान देशों में दीर्घकालिक विकास लाभों के लिए मददगार होता है।
  • मेट्रो को पहली बार सीडीएम के अंतर्गत राष्ट्र संघ ने किया पंजीकृत
  • दिल्ली मैट्रो विश्व की पहली मेट्रो अथवा रेल परियोजना है, जिसे क्लीन डेवलपमेंट मेकेनिज्म (CDM) के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पंजीकृत किया गया है। जिससे दिल्ली मेट्रो अपने रिजनरेटिव ब्रेकिंग प्रोजेक्ट के लिए कार्बन क्रेडिट्स क्लेम करने में सक्षम हो सकी।
  • क्लीन डेवलपमेंट मेकेनिज्म (CDM) क्योटो प्रोटोकॉल के अंतर्गत एक प्रोजेक्ट-आधारित ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) ऑफसेट मेकेनिज्म उच्च आय वाले देशों में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को निम्न और मध्यम आय वाले देशों में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने वाले प्रोजेक्ट्स से कार्बन क्रेडिट्स क्रय करने की अनुमति देता है, जो क्योटो प्रोटोकॉल के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने के उनके प्रयासों का एक हिस्सा है।

क्या है कार्बन क्रेडिट?

  • कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस ये सब जीवाश्म ईंधन हैं जो धरती से निकलते हैं। जो उद्योग इन ईंधनों का प्रयोग करते हैं, वो सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन फैलाते हैं। इनमें बिजली, खाद, कपड़ा और स्टील उद्योग शामिल हैं।
  • भारत में अभी कार्बन क्रेडिट लेना अभी बाध्यकारी नहीं है लेकिन दुनिया भर में ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज की गंभीरता देखते हुए कार्बन क्रेडिट का चलन बढ़ रहा है।
  • जिन देशों या कंपनियों को अपना कार्बन उत्सर्जन घटाना है, वो कार्बन क्रेडिट खरीदते हैं। डीएमआरसी मेट्रो परिचालन के दौरान ब्रेक लगाकर रिजनरेटिव ब्रेकिंग पद्धति से कार्बन क्रेडिट उत्पन्न कर विदेशी कंपनियों को बेचकर पैसा कमाती है।
  • दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने किया एक और उपलब्धि हासिल
  • इसके अलावा, वर्ष 2014 में दिल्ली मेट्रो प्रतिष्ठित ‘गोल्ड स्टेंडर्ड फाउंडेशन’ स्विटजरलैंड के साथ पंजीकृत होकर विश्व का सबसे पहला मेट्रो और रेलवे सिस्टम भी बन गया है, जो कार्बन शमन परियोजनाओं के लिए वैश्विक तौर पर स्वीकार्य प्रमाणन भी है।
  • अभी तक डीएमआरसी ने गोल्ड स्टेंडर्ड फाउंडेशन के साथ 4 प्रोजेक्ट्स का पंजीकरण कराया है।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

चक्रवात गुल-आब

चर्चा में क्यों?

  • चक्रवाती तूफान ‘गुल-आब’ ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी। यह 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों से टकराया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ‘गुलाब’ के लैंडफॉल की प्रक्रिया रविवार शाम करीब छह बजे शुरू हो गई थी। इसके बाद तूफानआंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम और ओडिशा में गोपालपुर के बीच क्लाउड बैंड तटीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया।
  • चक्रवाती तूफान ‘गुल-आब’ 29 सितंबर के आस पास पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में पहुंचेगा। 28-29 सितंबर को दक्षिण बंगाल भारी बारिश हो सकती हैं और तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • इस चक्रवात का नाम गुलाब पाकिस्तान द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची से दिया गया है।
  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) प्रत्येक उष्णकटिबंधीय चक्रवात बेसिन के नामों की एक लिस्ट रखता है जो नियमित आधार पर बदलता है।
  • इससे पहले देश में चक्रवात ताउते और यास आया था।

ESCAP पैनल के 13 सदस्य देश करते हैं फैसला

  • संयुक्त राष्ट्र की इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड पैसिफिक (ESCAP) पैनल के 13 सदस्य देश भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन हैं।
  • प्रत्येक देश को एल्फाबेटिकल आधार पर इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम रखते हैं। इसलिए म्यांमार के ताउते के बाद, सूची में अगला नाम ओमान का ‘यास’ था। यह एक फारसी शब्द है, जिसका अर्थ है जैस्मीन, एक सुगंधित फूल।
  • हालांकि आने वाले चक्रवातों के नाम पहले से ही तय कर लिए जाते हैं। इस क्षेत्र में 150 से अधिक चक्रवाती तूफान बनने के लिए नामों की एक अप्रूव लिस्ट पहले से ही है।
  • इसलिए, ‘यास’ के बाद बनने वाले चक्रवात तूफान का नाम ‘गुलाब’ भी पहले से ही तय था। इसे पाकिस्तान ने चुना है। खास बात है कि अगर इस क्षेत्र में कोई अगला तूफान आता है तो उसका नाम ‘शाहीन’ होगा। यह नाम कतर ने दिया है।

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खेल परिदृश्य

लुईस हैमिल्टन की 100वीं जीत

चर्चा में क्यों?

  • मर्सेडीज के ड्राइवर लुईस हैमिल्टन ने रशियन ग्रांप्री में जीत हासिल की।
  • यह 7 बार के वर्ल्ड चैंपियन हैमिल्टन के करिअर की 100वीं जीत है।
  • वे ऐसा करने वाले पहले फॉर्मूला-1 ड्राइवर हैं।
  • 36 साल के हैमिल्टन ने 745 किमी की रेस को 1 घंटे, 30 मिनट, 41.001 सेकंड में पूरी की।
  • रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन दूसरे और फेरारी के कार्लोस सैंज तीसरे पर रहे। 15 रेस के बाद 2021 फॉर्मूला-1 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टाइटल रेस में 5 पॉइंट के साथ हैमिल्टन पहले पर हैं।

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योजना/ परियोजना

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (PM DHM) को लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अभियान की पायलट परियोजना की घोषणा की थी। वर्तमान में, पीएम-डीएचएम छह केंद्र शासित प्रदेशों में प्रारंभिक चरण में लागू किया जा रहा है।
  • पीएम-डीएचएम का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ एनएचए की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) की तीसरी वर्षगांठ के साथ ही किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (पीएम-डीएचएम) के बारे में

  • जन धन, आधार और मोबाइल (जेएएम) ट्रिनिटी और सरकार की अन्य डिजिटल पहलों के रूप में तैयार बुनियादी ढांचे के आधार पर, पीएम-डीएचएम स्वास्थ्य संबंधी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, गोपनीयता और निजता को सुनिश्चित करते हुए एक विस्तृत श्रृंखला के प्रावधान के माध्यम से डेटा, सूचना और जानकारी का एक सहज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगा जिससे बुनियादी ढांचा सेवाओं के साथ-साथ अंतर-प्रचालनीय और मानक-आधारित डिजिटल प्रणाली का विधिवत लाभ उठाया जा सकेगा।
  • इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों की सहमति से स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और आदान-प्रदान को सक्षम बनाया जा सकेगा।
  • प्रधानमंत्री-डीएचएम के प्रमुख घटकों में प्रत्येक नागरिक के लिए एक स्वास्थ्य आईडी शामिल है जो उनके स्वास्थ्य खाते के रूप में भी कार्य करेगी, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड को मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से जोड़ा और देखा जा सकता है।
  • इसके तहत, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर) और हेल्थकेयर फैसिलिटीज रजिस्ट्रियां (एचएफआर), आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों दोनों ही मामलों में सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए एक संग्रह के रूप में कार्य करेंगी। यह चिकित्‍सकों/अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए व्यवसाय में भी आसानी को सुनिश्चित करेगा।
  • अभियान के एक हिस्से के रूप में तैयार किया गया पीएम-डीएचएम सैंडबॉक्स, प्रौद्योगिकी और उत्पाद जांच के लिए एक ढांचे के रूप में कार्य करेगा और ऐसे निजी संगठनों को भी सहायता प्रदान करेगा, जो राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र का हिस्सा बनते हुए स्वास्थ्य सूचना प्रदाता या स्वास्थ्य सूचना उपयोगकर्ता अथवा पीएम-डीएचएम के तैयार ब्लॉक्स के साथ कुशलता से स्‍वयं को जोड़ने की मंशा रखते हैं।
  • भुगतानों के मामले में क्रांतिकारी बदलाव के रूप में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस द्वारा निभाई गई भूमिका के समान ही यह अभियान डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र के भीतर भी अंतर-प्रचालन क्रियाशीलता लाएगा और इसके माध्‍यम से नागरिक सिर्फ एक क्लिक के माध्‍यम से स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच सकेंगे।

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