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Daily Current Affairs: September 14, 2021

राज्य परिदृश्य: उत्तर प्रदेश

महेंद्र प्रताप सिंह राज्य यूनिवर्सिटी

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी का 14 सितंबर 2021 को शिलान्यास किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सितंबर, 2019 में अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम एक राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की थी।

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह?

  • राजा महेंद्र प्रताप सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले के मुरसान रियासत के राजा थे।
  • वह अपने इलाक़े के अपने समय के उच्च शिक्षित तो थे ही, लेखक और पत्रकार की भूमिका भी उन्होंने निभाई।
  • प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अफ़ग़ानिस्तान जाकर उन्होंने भारत की पहली निर्वासित सरकार बनाई।
  • वे इस निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति थे जबकि बरकतउल्ला भोपाली इस सरकार के प्रधानमंत्री थे।
  • 1 दिसंबर, 1915 को राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान में पहली निर्वासित सरकार की घोषणा की थी।
  • निर्वासित सरकार से आशय है अंग्रेज़ों के शासन के दौरान विदेश में स्वतंत्र भारतीय सरकार की घोषणा।
  • राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने जो काम किया था, वही काम बाद में सुभाष चंद्र बोस ने किया था।
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में जापान के कब्जे वाले सिंगापुर में आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार का गठन करने की घोषणा की।इस सरकार को आरज़ी हुकुमत-ए-आज़ाद हिंद (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) के नाम से भी जाना जाता है।

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भारत एवं विश्व

भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी

चर्चा में क्यों?

  • केन्द्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष जलवायु मामलों के दूत जॉन केरी के साथ 13 सितंबर 2021 को बैठक की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • बैठक के दौरान सिंह ने उनके साथ जलवायु परिवर्तन तथा ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
  • भारत और अमेरिका ने सोमवार को भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी के तहत ‘जलवायु कार्य योजना और वित्त संग्रहण वार्ता (Climate Action Plan and Finance Collection Dialogue) शुरू की।
  • सीएएफएमडी अमेरिकी- भारत एजेंडा 2030 साझेदारी के दो मुख्य पहलों में से एक है। इसकी घोषणा राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2021 में जलवायु पर शिखर सम्मेलन के दौरान की थी।
  • अमेरिकी ने ऊर्जा पहुंच अभियान और 2030 तक 4,50,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन हासिल करने की प्रतिबद्धता के लिए भारत की सराहना की।
  • उन्होंने 18 महीनों में 28.02 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाने तथा सभी घरों को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल करने को लेकर प्रशंसा की।
  • भारत ने लद्दाख में हरित हाइड्रोजन और हरित ऊर्जा गलियारा पर भारत की आगामी परियोजनाओं की भी जानकारी दी।

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योजना/परियोजना

नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री गिरिराज सिंह 14 सितंबर, 2021 को नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम की शुरूआत की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नेशनल मीट ऑन स्वामित्व स्कीम पर राष्ट्रीय बैठक महत्व रखती है क्योंकि यह योजना के पायलट-चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल, 2021 को योजना के पूरे देश में शुरुआत के बाद आयोजित की जा रही है।
  • राष्ट्रीय बैठक विभिन्न हितधारकों को पायलट चरण में योजना के कार्यान्वयन प्रक्रिया से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को साझा करने तथा चर्चा करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करेगी।
  • सम्मेलन स्वामित्व योजना की प्रक्रियाओं, सामने आई सर्वोत्तम प्रथाओं, समय पर कार्यान्वयन के लिए तकनीकी हस्तक्षेप, और संपत्ति कार्ड की विश्वसनीयता, छठी अनुसूची के क्षेत्रों सहित अन्य विचारों के संबंध में राज्यों के लिए क्रॉस-लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

पृष्ठभूमि:

  • प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस, 24 अप्रैल 2020 को गांव के हर घर मालिक को “अधिकारों का दस्तावेज” प्रदान करके ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को सक्षम करने के संकल्प के साथ स्वामित्व (सर्वे ऑफ विलेजेज एंड मैपिंग विथ इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरियाज) योजना शुरू की गयी थी।
  • नवीनतम सर्वेक्षण ड्रोन-प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी वाली भूमि का सीमांकन करने के उद्देश्य के साथ तैयार की गयी स्वामित्व योजना पंचायतीराज मंत्रालय, राज्यों के राजस्व विभागों, राज्यों के पंचायतीराज विभागों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग का एक सहयोगात्मक प्रयास है।
  • प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर, 2020 को हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के 763 गांवों के लगभग 1.25 लाख निवासियों को संपत्ति कार्ड के प्रत्यक्ष वितरण का शुभारंभ किया।
  • इसके अलावा, 24 अप्रैल, 2021 को राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस के अवसर प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना की राष्ट्रीय शुरुआत की और 5,000 गांवों में चार लाख से अधिक लाभार्थियों को संपत्ति कार्ड/स्वामित्व कार्ड प्राप्त हुए।

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चर्चित स्थान

सारागढ़ी युद्ध की 124 वीं वर्षगांठ

चर्चा में क्यों?

  • 12 सितंबर 2021 को सारागढ़ी के युद्ध की 124वीं वर्षगांठ थी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सारागढ़ी फोर्ट लॉकहार्ट और फोर्ट गुलिस्तान के बीच ब्रिटिश उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) में था।
  • यह अब पाकिस्तान में हैं। इनका निर्णाण महाराजा रणजीत सिंह द्वारा किया गया था अंग्रेज़ों ने उनका नाम बदल दिया।
  • यहां 21 सैनिकों ने 8,000 से अधिक अफरीदी और ओरकजई आदिवासियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था, लेकिन उन्होंने सात घंटे तक किले पर कब्ज़ा नहीं करने दिया।
  • हालांकि सारागढ़ी में आमतौर पर 40 सैनिकों की एक पल्टन होती थी।
  • उस दिन यहाँ पर 36वीं सिख रेजिमेंट (भारतीय सेना में अब चौथे सिख) के केवल 21 सैनिकों और एक गैर-लड़ाकू पश्तून ‘दाद’ द्वारा यह युद्ध लड़ा गया, जबकि पश्तून सेना में असैन्य कार्य किया करते थे।
  • हालांकि 36वें सिख के हवलदार ईशर सिंह के नेतृत्व में इन सिख सैनिकों ने विद्रोहियों की भारी सेना के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी, जिसमें 200 जनजातीय लोगों की मौत हो गई और 600 घायल हो गए।
  • वर्ष 2017 में पंजाब सरकार ने सारागढ़ी दिवस पर 12 सितंबर को अवकाश की घोषणा की।

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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन कैप्चर प्लांट

चर्चा में क्यों?

  • आइसलैंड की एक कंपनी ने दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा प्लांट स्थपित किया है।
  • यह हवा से कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है और उसे भूमिगत कर देता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ‘डायरेक्ट एयर कैप्चर’ यानी हवा के माध्यम से प्रत्यक्ष कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की यह पद्धति वायुमंडल से CO2 को कम करने संबंधी तकनीकों में सबसे नवीन है और वैज्ञानिकों द्वारा इसे ग्लोबल वार्मिंग, जो कि वनाग्नि, अधिक तापमान, बाढ़ एवं समुद्र के बढ़ते स्तर आदि के लिये उत्तरदायी है, को सीमित करने की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
  • वर्तमान में दुनिया भर में 15 डायरेक्ट एयर कैप्चर प्लांट कार्य कर रहे हैं, जो प्रतिवर्ष 9,000 टन से अधिक CO2 कैप्चर करते हैं।
  • स्विट्ज़रलैंड की स्टार्टअप कंपनी ‘क्लाइमवर्क्स’ और आइसलैंड की कंपनी ‘कार्बफिक्स’ द्वारा निर्मित इस विशाल प्लांट में कुल चार इकाइयां शामिल हैं, जिसमें प्रत्येक में दो धातु के बक्से शामिल हैं, जो समुद्री परिवहन हेतु उपयोग किये जाने वाले कंटेनरों के समान हैं।
  • कंपनी का दावा है कि यह प्लांट प्रतिवर्ष 4,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) अवशोषित कर सकता है, जो कि लगभग 870 कारों से होने वाले वार्षिक उत्सर्जन के बराबर है।
  • ‘अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी’ के अनुसार 2020 में वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कुल 31.5 बिलियन टन था।

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समारोह/ सम्मेलन

 ‘प्रवासियों के संरक्षकसम्मेलन

चर्चा में क्यों?

  • 10 सितंबर, 2021 को ‘प्रवासियों के संरक्षक’ (POE) सम्मेलन का चौथा संस्करण आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • संयोगवश इसी दिन ‘इमिग्रेंट एक्ट, 1983’ को भी अधिनियमित किया गया था।
  • विदेश मंत्रालय के तहत ‘प्रवासियों के संरक्षक जनरल’ (PGE) भारतीय कामगारों के हितों की रक्षा हेतु उत्तरदायी प्राधिकरण है।
  • PGE विदेशी जनशक्ति निर्यात व्यवसाय के लिये भर्ती एजेंटों को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने का पंजीकरण प्राधिकरण भी है।
  • ‘प्रवासियों के संरक्षक’ ‘इमिग्रेंट एक्ट, 1983’ के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक प्रवासियों को इमिग्रेशन हेतु मंज़ूरी देने के लिये उत्तरदायी होते हैं।
  • विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी का देश ने एक साथ मिलकर मुकाबला किया, धीरे-धीरे स्थितियां सुधर रही हैं और यही सही समय है कि दुनिया में जो नए अवसर बन रहे हैं उनके लिए तैयारी की जाए।
  • इमिग्रेंट्स के संरक्षणकर्ताओं की ये जिम्मेदारी है कि वो इमिग्रेंट्स को ‘ब्लू कॉलर’ वर्कर्स के रूप में तैयार करें साथ ही जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा भी दें।
  • युवाओं और कामगारों के लिए दूसरे देशों में जगह और काम के अवसरों को तलाशने में इमिग्रेंट्स संरक्षणकर्ता का महत्वपूर्ण योगदान है।
  • इसके लिए ब्रिटेन और भारत के बीच मोबिलिटी पार्टनरशिप को लेकर समझौता हुआ है।
  • साथ ही जापान के साथ 14 निर्दिष्ट सेक्टर्स में स्किल्ड वर्कर्स के साथ काम के लिए कैबिनेट स्तर पर समझौता किया गया है, इसके अलावा हाल ही में कैबिनेट ने पुर्तगाल के साथ भी कुशल कामगारों की गतिशीलता को लेकर मंजूरी दी है।

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