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Daily Current Affairs: September 10, 2021

 समारोह/सम्मेलन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2021

चर्चा में क्यों?

  • 13 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन 9 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में किया गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

अध्यक्षीय भाषण में क्या कहा प्रधानमंत्री से

  • यह भी पहली बार हुआ कि BRICS ने “Multilateral systems की मजबूती और सुधार” पर एक साझा स्टैंड लिया।
  • हमने ब्रिक्स “Counter Terrorism Action Plan” भी अडॉप्ट किया है। पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
  • आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ हैं।
  • विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो।

शिखर सम्मेलन में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले

  • सभी नेताओं ने अफगानिस्तान पर ‘New Delhi Declaration’ अपनाने पर सहमति जताई। इसके मुताबिक अफगानिस्तान में सभी मुद्दे बिना किसी हिंसा के, शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाए जाएं, ताकि देश में शांति, स्थिरता और कानून का राज स्थापित हो सके।
  • सभी ने आतंकवाद के सभी रुपों और तरीकों की घोर निंदा की और आतंकवादियों की सीमा-पार की गतिविधियों, नेटवर्क और फंडिग की भर्त्सना की।
  • सभी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों को नई गति देने और इसे ज्यादा असरदार, सक्षम और विकासशील देशों को शामिल करने योग्य बनाने पर बल दिया।
  • ब्रिक्स देशों ने कोविड-19 वायरस की उत्पत्ति की जानकारी हासिल करने को लेकर सहयोग बढ़ाने और वैश्विक टीकाकरण पर जोर दिया।
  • रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने पूरे जोर-शोर से उठाया। उन्होंने साफ तौर पर अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता के बाद आतंकवादी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ने की आशंका जताई और कहा कि अफगानिस्तान को किसी भी हालत में आतंकवादियों की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाए।
  • उल्लेखनीय है कि साल 2021 में पांच देशों के समूह ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका) के सालाना शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता भारत ने की।
  • इस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। इससे पहले साल 2016 में उन्होंने गोवा शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

ब्रिक्स से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • ब्रिक्स दुनिया की पाँच अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के लिये एक संक्षिप्त शब्द है।
  • ब्रिक्स देशों के सर्वोच्च नेताओं का तथा अन्य मंत्रिस्तरीय सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किये जाते हैं।
  • 13-14 नवंबर, 2019 के मध्य 11वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन’ (11th BRICS Summit), 2019 ब्राजीलिया, ब्राजील में संपन्न हुआ।
  • ब्रिक्स देशों की जनसंख्या दुनिया की आबादी का लगभग 42 फीसदी है और इसका वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा लगभग 30% है।
  • इसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक इंजन के रूप में देखा जाता है और यह एक उभरता हुआ निवेश बाज़ार तथा वैश्विक शक्ति समूह है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो स्थाय़ी सदस्य देश रुस व चीन इसके सदस्य हैं।

ब्रिक्स का इतिहास

  • वर्ष 2001 में Goldman Sachs के अर्थशास्री जिम ओ’ नील द्वारा ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन (BRIC) की अर्थव्यवस्थाओं के लिये विकास की संभावनाओं पर एक रिपोर्ट में की गई थी।
  • वर्ष 2006 में चार देशों ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद न्यूयार्क (USA) में विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठकों के साथ एक नियमित अनौपचारिक राजनयिक समन्वय शुरू किया।
  • इस सफल बातचीत से यह निर्णय हुआ कि इसे वार्षिक शिखर सम्मेलन के रूप में देश और सरकार के प्रमुखों के स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिये।
  • इस तरह पहला BRIC शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकतेरिनबर्ग में हुआ और इसमें वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को BRIC में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया और इसे BRICS कहा जाने लगा।
  • मार्च 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार चीन के सान्या में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
  • ब्रिक्स शिखर सम्मलेन की अध्यक्षता प्रतिवर्ष B-R-I-C-S क्रमानुसार सदस्य देशों के सर्वोच्च नेता द्वारा की जाती है।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

एमआर-सैम मिसाइल

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में भारतीय वायु सेना को मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM) प्रणाली की पहली खेप सौंपी गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • एमआरएसएएम भारतीय उद्योग के सहयोग से एमएसएमई सहित निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय कंपनियों के साथ तालमेल कर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक उन्नत नेटवर्क केंद्रित लड़ाकू वायु रक्षा प्रणाली है।
  • एमआर-सैम प्रणाली लड़ाकू विमान, यूएवी, हेलीकॉप्टर, निर्देशित और बिना निर्देशित युद्ध सामग्री, सब-सोनिक और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों आदि खतरों के खिलाफ जमीनी संपत्तियों को एक स्थान विशेष पर और क्षेत्र विशेष पर वायु रक्षा प्रदान करती है।
  • यह 70 किलोमीटर की दूरी तक अनेक लक्ष्यों को ध्वस्त करने में सक्षम है।
  • टर्मिनल चरण के दौरान उच्च गतिशीलता प्राप्त करने के लिए मिसाइल स्वदेशी रूप से विकसित रॉकेट मोटर और कंट्रोल प्रणाली द्वारा संचालित है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO:Defence Research & Development Organization-) की स्थापना 1958 में की गई थी।
  • यह संस्थान रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के तहत काम करता है।
  • यह संस्थान रक्षा प्रणालियों के डिज़ाइन एवं विकास के साथ-साथ सान्य बलों के तीनों अंगों की आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर की हथियार प्रणाली एवं उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
  • डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी (Aeronautics), शस्त्र (Weapons), युद्धक वाहन (Combat Vehicles), इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन (Instrumentation), इंजीनियरिंग प्रणालियाँ, मिसाइलें, नौसेना प्रणालियाँ, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन (Simulation ) और जीवन विज्ञान शामिल है।
  • डीआरडीओ के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. जी. सतीश रेड्डी हैं।

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अभ्यास जपड़ – 2021

चर्चा में क्यों?

  • पारंपरिक युद्धक्षेत्र परिदृश्य में संयुक्त अभियान चलाने के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से रूस के निज़नी में 04 सितंबर, 2021 को अभ्यास जपड़ – 2021 शुरू हुआ।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस अभ्यास का उद्देश्य भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और इस अभ्यास में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों के साथ बेहतर समझ और सहयोग को बढ़ाना है।
  • इस अभ्यास का उद्घाटन समारोह 09 सितंबर, 2021 को 10:00 बजे रूस के नोवगोग्राड क्षेत्र में निज़नी के पास मुलिनो ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित किया गया।
  • इस अभ्यास के हिस्से के रूप में आतंकवाद विरोधी और पारंपरिक अभियान, दोनों, से संबंधित महत्वपूर्ण व्याख्यान, कवायद और प्रदर्शन आयोजित किए जायेंगे। इस अभ्यास में भाग लेने वाले सभी देशों की सेनाएं भी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अपने बहुमूल्य अनुभवों को साझा करेंगी और साथ ही संयुक्त अभियानों के लिए अपनी कवायदों और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करेंगी।
  • इस अभ्यास का समापन 16 सितंबर, 2021 को रूसी सशस्त्र बलों द्वारा अपनी शक्ति के प्रदर्शन के साथ होगा। इस अभ्यास के दौरान, इसमें शामिल होने वाली टुकड़ियां विभिन्न खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी।

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रिपोर्ट/इंडेक्स

इंडिया रैंकिंग- 2021

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान ने इंडिया रैंकिंग 2021 जारी की।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 नई दिल्ली में राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क द्वारा तैयार की गई इंडिया रैंकिंग 2021 जारी की।
  • भारत में एचईआई की इंडिया रैंकिंग का यह लगातार छठा संस्करण है। 2016 में अपने पहले वर्ष के दौरान, विश्वविद्यालय श्रेणी के साथ-साथ तीन विषय-विशिष्ट रैंकिंग, अर्थात् इंजीनियरिंग, प्रबंधन और फार्मेसी संस्थानों के लिए रैंकिंग की घोषणा की गई थी।
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा नवंबर 2015 में शुरू किए गए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) का उपयोग इस संस्करण के साथ-साथ 2016 से 2021 के लिए जारी इंडिया रैंकिंग के पिछले पांच संस्करणों के लिए किया गया था।

इंडिया रैंकिंग 2021 की मुख्य विशेषताएं:

 

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ने लगातार तीसरे वर्ष सभी श्रेणी के साथ-साथ इंजीनियरिंग में पहला स्थान बरकरार रखा है।

 

  • भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ने पहली बार इंडिया रैंकिंग 2021 में शुरू की गई विश्वविद्यालय के साथ-साथ अनुसंधान संस्थान श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

 

  • प्रबंधन विषय में भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद शीर्ष पर है और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली लगातार चौथे वर्ष चिकित्सा क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर है।

 

  • जामिया हमदर्द फार्मेसी विषय में लगातार तीसरे साल सूची में सबसे ऊपर है।

 

  • मिरांडा कॉलेज ने लगातार पांचवें साल कॉलेजों में पहला स्थान बरकरार रखा है।

 

  • वास्तुकला विषय में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी खड़गपुर को पीछे छोड़ते हुए आईआईटी रुड़की पहली बार शीर्ष स्थान पर है।

 

  • नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलोर ने लगातार चौथे वर्ष विधि के लिए अपना पहला स्थान बरकरार रखा है।

 

  • कॉलेजों की रैंकिंग में दिल्ली के कॉलेज हावी हैं, पहले 10 कॉलेजों में से दिल्ली के पांच कॉलेजों जगह बनाई है।

 

  • मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज, मणिपाल ने “दंत चिकित्सा” श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया।

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