Daily Current Affairs Quiz 30 October 2020

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
सेना का IMS साफ्टवेयर
चर्चा में क्यों?
भारतीय सेना ने “आधारभूत ढ़ांचा प्रबंधन प्रणाली (IMS)” नाम का एक सॉफ्टवेयर की शुरूआत की है, जिसका शुभारंभ सीओएएस द्वारा सेना कमांडर सम्मेलन के दौरान 28 अक्टूबर 2020 को किया गया था।
साफ्टवेयर के अनुप्रयोग
कार्य आरंभ करने के लिए, सूची तैयार करना और रक्षा मंत्रालय द्वारा इसकी मंजूरी को स्वचालित करने के लिए।
सीएफए द्वारा प्रशासनिक अनुमोदन और निष्पादन की निगरानी के लिए।
सीएओ पूल आवास की उपलब्धता, छुट्टी की योजना, फिर से आवंटन और रखरखाव के कार्य को स्वचालित करने के लिए।
बच्चों की शिक्षा हेतु, विशेष बच्चों और लड़ाई/शारीरिक दुर्घटना के लिए आवास का आवंटन/विस्तार की स्वीकृति को स्वचालित करने के लिए।
आपातकालीन बंद सहित अन्य समय में छावनी की सड़कों का प्रबंधन।
लाइन पर उपलब्ध भूमि, कार्यों और तिमाही नीतियों को बनाना।
भूमि अतिक्रमण, पुराने बंगलों, वीआईपी संदर्भों और भूमि के हस्तांतरण / विनिमय की निगरानी करना।
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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य
सितंबर, 2020 में आठ कोर उद्योगों का सूचकांक
चर्चा में क्यों?
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने सितंबर, 2020 के लिए आठ कोर उद्योगों का सूचकांक जारी किया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक सितंबर में 119.7पर रहा जिसमें सितंबर2019 की तुलना में 0.8 फीसदी (अनंतिम) की गिरावट दर्ज की गई। इनकी संचयी वृद्धि दर अप्रैल-सितंबर, 2020-21 के (-) 14.9प्रतिशत थी।
जून, 2020 में आठ कोर उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर (-) 12.4% कर दिया गया है।औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के कुल भारांक (वेटेज) का 40.27प्रतिशत हिस्सा आठ कोर उद्योगों में ही निहित होता है।
आठ कोर उद्योगों में शामिल हैं-
कोयला (भारांक: 10.33%),कच्‍चा तेल (भारांक: 8.98%) ,प्राकृतिक गैस (भारांक: 6.88%), रिफाइनरी उत्‍पाद (भारांक: 28.04%),
उर्वरक (भारांक: 2.63%), इस्‍पात (भारांक: 17.92%), सीमेंट (भारांक: 5.37%) बिजली (भारांक: 19.85%)।
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राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद को मिली आईएसओ 17020:2012 की मान्यता
चर्चा में क्यों
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के अंतर्गत कार्यशील राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक विधि से संग्रहण और खाद्य सुरक्षा लेखा परीक्षण जैसे जांच कार्यों को क्रियान्वित करने के लिए राष्ट्रिय प्रमाणन बोर्ड (NABCB) और भारतीय गुणवत्ता परिषद से मान्यता मिल गई है।
महत्वपूर्ण तथ्य
एनपीसी को आईएसओ 17020:2012 प्रमाणपत्र प्राप्त हो गया है।
यह मान्यता 3 वर्षों के लिए वैध है। एनपीसी ने अपने मुख्यालय पर पहले से ही जांच और लेखा परीक्षण के कार्यों के लिए एक निरीक्षण विभाग का गठन कर लिया है।
एनपीसी भंडारण विकास और नियामक प्राधिकरण (डब्‍ल्‍यूडीआरए) और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) जैसे अलग-अलग नियामक संस्थाओं का निरीक्षण और लेखा परीक्षण का कार्य कर रहा है।
एनपीसी के पास निरीक्षण और लेखा परीक्षण हेतु उच्च स्तर की दक्षता है।
एनपीसी को एनएबीसीबी द्वारा हाल ही में मिली आईएसओ 17020:2012 की मान्यता से अब एनपीसी को एफ़एसएसएआई के खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य सुरक्षा लेखा परीक्षण) नियामक 2018 के अंतर्गत खाद्य भंडारगृहों समेत खानपान के व्यवसाय से जुड़े संस्थानों और डब्ल्यूडीआरए नियम, 2017 के अंतर्गत भंडारगृहों का स्वतंत्र रूप से लेखा परीक्षण का अधिकार मिल जाएगा।
राष्ट्रीय उत्‍पादकता परिषद (National Productivity Council-NPC)

भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में उत्‍पादकता को प्रोत्साहन देने के लिये औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (DIPP) के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन NPC राष्‍ट्रीय स्‍तर का एक स्‍वायत्‍त संगठन है।
भारत सरकार ने वर्ष 1958 में एक पंजीकृत सोसाइटी के तौर पर इसकी स्‍थापना की थी। यह एक बहुपक्षीय , गैर-लाभकारी संगठन है।
इसके अलावा NPC सरकार की उत्‍पादकता संवर्द्धन योजनाओं को भी कार्यान्‍वित करता है।
टोक्यो आधारित एशियन प्रोडक्‍टिविटी आर्गेनाईज़ेशन (APO) एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसका भारत एक संस्‍थापक सदस्‍य है। APO के एक घटक के रुप में NPC इसके कार्यक्रमों को भी कार्यान्‍वित करता है।
NPC अपने ग्राहक संगठनों के साथ मिलकर कार्य करता है जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो सके, प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़े, लाभांश में वृद्धि हो, सुरक्षा तथा विश्वसनीयता कायम की जा सके और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
परिषद का प्रयास अपने हितधारकों के समग्र विकास के लिये आर्थिक, पर्यावरण तथा सामाजिक मूल्यों को सुधारते हुए समग्र रूप से उत्पादकता को प्रोत्साहित करना है।
केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री NPC के प्रधान हैं और DIPP के सचिव इसके अध्यक्ष हैं।
नई दिल्ली में मुख्यालय के साथ ही NPC के 13 क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख राज्यों की राजधानियों/औद्योगिक केंद्रों में स्थित हैं तथा इसके 140 पूर्णकालिक परामर्शदाता हैं।
इसके अतिरिक्त परियोजनाओं की आवश्यकता के आधार पर बाहर के विशेषज्ञों और संकायों की सेवाएँ भी ली जाती हैं।
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चर्चित पुस्तक
बाय-बाय कोरोना
चर्चा में क्यों?
कोरोना वायरस पर केंद्रित विश्व की पहली साइंटून (Scientoon) आधारित पुस्तक “बाय-बाय कोरोना” का लोकार्पण हाल ही में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ स्थित राजभवन में किया है।
महस्वपूर्ण तथ्य
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार द्वारा इस पुस्तक का प्रकाशन किया गया है।
तेरह अध्यायों में प्रकाशित इस पुस्तक में कोरोना वायरस के बारे में विस्तृत जानकारी साइंस कार्टून्स (साइंटून्स) के जरिये प्रस्तुत की गई है। पुस्तक में महामारी से लेकर वैश्विक महामारी, कोविड-19 और उससे जुड़े लक्षणों, बीमारी की रोकथाम और सावधानियों का साइंटून्स के माध्यम से रोचक चित्रण किया गया है।
विज्ञान विषयक कार्टून्स को साइंटून्स कहा जाता है। साइंटून्स के माध्यम से विज्ञान से जुड़े जटिल तथ्यों को भी आम जन के लिए बेहद रोचक एवं हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करने का प्रयास किया जाता है।
यह पु्स्तक जाने-माने साइंटूनिस्ट प्रदीप के. श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है।
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भारत एवं विश्व
स्वास्थ्य एवं दवा के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और कम्बोडिया के बीच MOU
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं दवा के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और कम्बोडिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU)को स्वीकृति दे दी है।
महत्वपूर्ण बिंदु
द्विपक्षीय समझौते से स्वास्थ्य क्षेत्र में संयुक्त पहलों और प्रौद्योगिकी विकास के माध्यम से दोनों देशों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भारत और कम्बोडिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी। एमओयू उसी दिन से प्रभावी होगा, जिस दिन उस पर हस्ताक्षर हुए थे और यह पांच साल की अवधि के लिए लागू रहेगा।
दोनों देशों के बीच भागीदारी वाले क्षेत्रों में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं :
मातृ और बाल स्वास्थ्य;
परिवार नियोजन;
एचआईवी/एड्स और टीबी;
दवा और औषधियां;
तकनीक हस्तांतरण;
सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान;
रोग नियंत्रण (संक्रामक और गैर-संक्रामक);
चिकित्सा अनुसंधान एवं विकास, यह कम्बोडिया की नेशनल इथिक्स कमेटी की स्वीकृति और भारत में संबंधित विभाग/मंत्रालय की मंजूरी पर निर्भर है;
चिकित्सा शिक्षा;
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यबल का विकास;
क्लीनिकल, पैरा-क्लीनिकल और प्रबंधन कौशल; तथा
सहयोग का ऐसा कोई भी अन्य क्षेत्र, जिस पर मिलकर फैसला किया जा सकता है।
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पुरस्कार/संम्मान
ओम पुरी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
चर्चा में क्यों?
भारतीय सिनेमा के दिवंगत अभिनेता ओम पुरी को बोस्टन के तीसरे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (IIFFB 2020) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मलयालम फिल्म ‘कांथी’ को मिला, जो एक अंधी आदिवासी लड़की और उसकी मां पर आधारित है।
फिल्म फेस्टिवल को संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन में इस वर्ष 16 से 18 अक्टूबर तक वर्चुअल आयोजित किया गया।
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निधन
केशु भाई पटेल
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 29 अक्टूबर 2020 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया है।
गुजरात में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक केशुभाई पटेल उन लोगों में से थे, जिन्होंने राज्य में भाजपा को खड़ा किया था।
वह 1995 में तथा फिर 1998-2001 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

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