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Daily Current Affairs Quiz: 19 June 2021

1- भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का 18 जून 2021 को निधन हो गया, उन्होंने निम्नलिखित में से कौनसी स्पर्धा में 200 और 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था?
(a) नई दिल्ली एशियन गेम्स 1951
(b) तोक्यो एशियन गेम्स 1958
(c) एडिनबर्ग राष्ट्रमंडल खेल 1970
(d) ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेल 1950

2- निम्नलिखित में से कौन सा कथन मिल्खा सिंह के बार में सही है?
(a) कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक ऐंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय थे।
(b) एशियन ट्रैक ऐंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय थे।
(c) ओलंपिक खेलों में ट्रैक ऐंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय थे।
(d) उपरोक्त सभी

3- मिल्खा सिंह को “फ्लाइंग सिख” उपनाम से जाना जाता था, यह उपनाम उनको किसने दिया था?
(a) पंडित जवाहर लाल नेहरू
(b) जनरल अयूब खान
(c) जुल्फिकार अली भुट्टो
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

4- भारत के महान धावक मिल्खा सिंह ने आत्मकथा किस नाम से लिखी गई है?
(a) द रेस ऑफ़ माई लाइफ़
(b) द टेस्ट ऑफ माई लाईफ
(c) प्लेइंग टू विन
(d) द ग्रेटेस्ट: माय ओन स्टोरी

5 – निम्नलिखित में से किस ओलंपिक में मिल्खा सिंह मामूली अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए थे?
(a) रोम ओलंपिक, 1960
(b) मेलबर्न ओलंपिक, 1956
(c) लंदन ओलंपिक, 1948
(d) हेलसिंकी ओलंपिक, 1952

उत्तर एवं व्याख्या
1 (b) मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवम्बर 1929 को गोविंदपुर, मुजफ्फरगढ़ शहर, पंजाब प्रांत, ब्रिटिश भारत जो अब मुजफ्फरगढ़ जिला, पाकिस्तान में पड़ता हैं, में हुआ था। ‘फ्लाइंग सिख’ उपनाम से प्रसिद्ध मिल्खा सिंह ने रोम के 1960 ग्रीष्म ओलंपिक और टोक्यो के 1964 ग्रीष्म ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया था। इसके साथ ही उन्होंने 1958 और 1962 के एशियाई खेलो में भी स्वर्ण पदक जीता था। 1960 के रोम ओलंपिक खेलों में उन्होंने पूर्व ओलंपिक कीर्तिमान तोड़ा, लेकिन पदक से वंचित रह गए।1958 के तोक्यो एशियन गेम्स में उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर में गोल्ड मेडल हासिल किया।
2 (a) मिल्खा सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैंक ऐंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। उनका यह रेकॉर्ड 52 साल तक कायम रहा। डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया ने 2010 के गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद विकास गौड़ा ने 2014 में गोल्ड मेडल हासिल किया।
3 (b) मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख कहा जाता था। 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिल्खा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता था। यह आजाद भारत का पहला गोल्ड मेडल था। इसके बाद साल 1960 में ही उन्हें पाकिस्तान के इंटरनैशनल ऐथलीट कंपीटीशन में न्योता मिला। पाकिस्तान में उस समय अब्दुल खालिक सर्वश्रेष्ठ धावक थे। इस प्रतियोगिता में मिल्खा सिंह ने जीत हासिल की। मिल्खा की जीत के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया।
4 (a) मिल्खा सिंह की बेटी सोनिया ने उनकी आत्मकथा “द रेस ऑफ माई लाइफ” लिखी है। जबकि “द टेस्ट ऑफ माई लाईफ” युवराज सिंह की, “प्लेइंग टू विन” सानिया मिर्जा की और ” द ग्रेटेस्ट: माय ओन स्टोरी ” महान मुक्केबाज मुहम्मद अली की आत्मकथा है।
5 (a) मिल्खा सिह के नाम के साथ 1960 के रोम ओलम्पिक की वह ऐतिहासिक रेस जुड़ी हुई है जिसने उन्हें एक मिथक में तब्दील कर दिया। वे फाइनल में पहुंचे और आधी रेस तक सबसे आगे रहने के बावजूद सेकेण्ड के सौवें हिस्से से मैडल पाने से रह गए। उस रेस में ओटिस डेविस और कार्ल कॉफ़मैन ने नया विश्व रेकॉर्ड बनाया जबकि 45.73 सेकेण्ड के साथ मिल्खा सिंह ने राष्ट्रीय रेकॉर्ड बनाया। यह रेकॉर्ड तोड़ने में अड़तीस साल लगे जब परमजीत सिंह ने कलकत्ता में 45.70 सेकेण्ड का समय निकाला।

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