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Daily Current Affairs: October 13, 2021

मलेरिया की पहली वैक्सीन

चर्चा में क्यों?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में मलेरिया वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।यह वैक्सीनमच्छर जनित बीमारी मलेरिया के खिलाफ विश्व की पहली वैक्सीन है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस वैक्सीन का नाम RTS,S है। यह 2015 में प्रभावी पाई गई थी।
  • वैक्सीन फ़ार्मा कंपनी जीएसके (ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन, GlaxoSmithKline) ने बनाई है।

कितनी असरदार है वैक्सीन?

  • RTS,S वैक्सीन केवल मलेरिया परजीवी (parasites) के स्पोरोज़ोइट फ़ॉर्म को निशाना बनाने में ही सक्षम है। स्पोरोज़ोइट फ़ॉर्म मच्छर के काटने और परजीवी के लीवर तक पहुँचने के बीच का वक़्त होता है।
  • इसलिए यह वैक्सीन केवल 40 फ़ीसदी ही प्रभावी है। हालाँकि फिर भी यह ऐतिहासिक सफलता है और एक प्रभावी वैक्सीन बनाने की दिशा में अहम क़दम है।
  • यह वैक्सीन प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम पर प्रभावी है, जोपांच परजीवी प्रजातियों में से एक और सबसे घातक है।
  • यानी अभी भी मलेरिया को हराना पूरी तरह संभव नहीं हो सका है, मलेरिया नियंत्रण के अन्य उपाय मसलन मच्छरदानी का उपयोग, दवाओं का इस्तेमाल, मच्छरों का विनाश जारी रखना होगा।

 टीकाकरण शुरू करेगा WHO

  • अफ्रीकी देशों घाना, कीनिया और मलावी में शुरुआती जाँच में सफल पाए जाने के बाद अब WHO ने कहा है कि सब-सहारन अफ़्रीका और मलेरिया ग्रस्त अन्य इलाक़ों में टीकाकरण शुरू किया जा सकता है।
  • उल्लेखनीय है कि मलेरिया से एक वर्ष में दुनियाभर में चार लाख से अधिक लोगों की मौत होती है, जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी बच्चे शामिल हैं।
  • वायरस और बैक्टीरिया के खिलाफ कई टीके मौजूद हैं, लेकिन यह पहली बार हैजब डब्ल्यूएचओ ने मानव परजीवी के खिलाफ व्यापक उपयोग के लिए एक टीके की सिफारिश की है।

ऐतिहासिक क्षण

  • डब्ल्यूएचओके महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक क्षण है। बच्चों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मलेरिया वैक्सीन विज्ञान, बाल स्वास्थ्य और मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सफलता है।
  • मलेरिया के अधिकांश मामले उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में होते हैं, लेकिन यह रोग लैटिन अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और ओशिनिया सहित दुनिया के कई अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है।

क्या है मलेरिया?

  • मलेरिया एक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी के कारण होता है जो ब्लड सेल्स पर हमला करता है, उसे नष्ट करता है और अपनी संख्या बढ़ाता है।
  • मलेरिया तब होता है जब प्लास्मोडियम का परजीवी प्रोटोजोआ रक्तप्रवाह में मिल जाता है।
  • मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफ़िलेज़ (Anopheles) मच्छर है। जब यह मच्छर किसी मलेरिया संक्रमित को काटने के बाद किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को काटता है मच्छर की लार से परजीवी रक्त में पहुंच जाता है।
  • गर्भवती महिलाएं भी इस बीमारी की चपेट में अधिक आती हैं।
  • दुर्लभ मामलों में, मलेरिया गर्भावस्था के दौरान, रक्त चढाने या अंग प्रत्यारोपण से, या साझा सुइयों से भी फैल सकता है।
  • इसकी जांच ब्लड टेस्ट के माध्यम से होती है।

5 प्रकार का होता है मलेरिया

  1. प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (P falciparum)
  • यह प्रजाति दुनिया भर में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है, लेकिन यह विशेष रूप से अफ्रीका में आम है।
  • फाल्सीपेरम मलेरिया, मलेरिया का सबसे घातक रूप है क्योंकि यह तेजी से फैलता है, लाल रक्त कोशिकाओं को तोड़ता है। ये क्षतिग्रस्त कोशिकाएं मस्तिष्क सहित छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक सकती हैं।
  1. प्लास्मोडियम मलेरिया ( malariae)
  • यह प्रजाति दुनिया भर में पाई जाती है। यदि अनुपचारित किया जाता है, तो यह एक गंभीर आजीवन संक्रमण या नेफ्रोटिक सिंड्रोम जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, जो कि गुर्दे की एक गंभीर बीमारी है।

प्लास्मोडियम विवैक्स (P. vivax)

  • यह प्रजाति ज्यादातर एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। लीवर में विवैक्स की सुप्त अवस्था होती है। नतीजतन, संक्रमित मच्छर के काटने के दो साल बाद तक यह आपके रक्त पर आक्रमण कर सकता है, जिससे आप फिर से बीमार हो सकते हैं।
  • ये विलंबित संक्रमण (रिलेप्स) दुनिया के उन क्षेत्रों में भी मलेरिया को फिर से शुरू कर सकते हैं जहां इसे पहले समाप्त किया गया था।

प्लास्मोडियम ओवले (P. ovale)

  • यह प्रजाति ज्यादातर अफ्रीका और पश्चिमी प्रशांत के द्वीपों में पाई जाती है। पी. विवैक्स की तरह, यह आपके लीवर में भी निष्क्रिय रह सकता है और महीनों या वर्षों बाद फिर से शुरू हो सकता है।

प्लास्मोडियम नोलेसी (P. knowlesi)

  • यह प्रजाति पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में मकाक बंदरों में पाई जाती है। यह मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है और तेजी से गंभीर संक्रमण में बदल सकता है।

 

मलेरिया के लक्षण

  • बुखार, ठंड से कंपकपी, सिरदर्द, मांसपेशी में दर्द, थकान, गहरी कमजोरी, मतली और उल्टी, छाती या पेट में दर्द,खांसी इसके लक्षण हैं।

मलेरिया का उपचार

  • आर्टेमिसिनिन-आधारित चिकित्सा (एसीटी) ये दवाएं प्रत्येक मलेरिया परजीवियों से अलग-अलग तरीकों से लड़ने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
  • क्लोरोक्वीन , मलेरोन वाइब्रामाइसिन या मोनोडॉक्स (कुनैन और डॉक्सीसाइक्लिन), मेफ्लोक्वीन, प्राइमाक्वीन इसकी प्रमुख दवाएं हैं।

समारोह/ सम्मेलन

अफगानिस्तान पर जी-20 सम्मेलन

चर्चा में क्यों?

  • जी-20 के सदस्य देशों ने अफगानिस्तान को मानवीय संकट से निकालने के लिए उसकी सहायता करने का संकल्प लिया है। इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रागी की अध्यक्षता में हुए जी 20 देशों के इस विशेष सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री ने भी भाग लिया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसमें शामिल नहीं हुए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में हिस्सा लेने के बाद कहा, ‘अफगानिस्तान पर हुए G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिय और अफगान क्षेत्र को कट्टरपंथ और आतंकवाद का स्रोत बनने से रोकने पर जोर दिया है।’
  • इस शिखर सम्मेलन का आयोजन इटली की ओर से किया गया था, जो वर्तमान में जी-20 का अध्यक्ष है।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

पीएम गतिशक्ति – मल्टी- मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान

चर्चा में क्यों?

  • देश के अवसंरचना विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ‘पीएम गतिशक्ति – मल्टी- मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पीएम गतिशक्ति प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं हेतु समस्‍त पक्षों के लिए समग्र योजना को संस्थागत रूप देकर पिछले सभी मुद्दों को सुलझाएगी।
  • एक-दूसरे से अलग-थलग रहकर योजना बनाने और डिजाइन तैयार करने के बजाय परियोजनाओं को एक साझा नजरिए से तैयार और कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की अवसंरचना योजनाओं जैसे कि भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्गों, शुष्क/भूमि बंदरगाहों, उड़ान, इत्‍यादि को शामिल किया जाएगा।
  • कनेक्टिविटी बेहतर करने एवं भारतीय व्यवसायों को और भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए टेक्सटाइल क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फिशिंग क्लस्टर, एग्री जोन जैसे आर्थिक क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।
  • इसमें विभिन्‍न प्रौद्योगिकियों का भी व्‍यापक उपयोग किया जाएगा जिनमें बीआईएसएजी-एन (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान) द्वारा विकसित इसरो इमेजरी युक्‍त स्थानिक नियोजन उपकरण भी शामिल होंगे।

पीएम गतिशक्ति छह स्तंभों पर आधारित है:

  • व्यापकता: इसमें एक केंद्रीकृत पोर्टल में विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों की सभी मौजूदा और नियोजित पहलों का विवरण शामिल होगा।
  • प्राथमिकता: इसके माध्यम से विभिन्न विभाग विविध क्षेत्रों से संबंधित पारस्परिक व्यवहार के जरिए अपनी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सक्षम होंगे।
  • अधिकतम उपयोग: यह राष्ट्रीय मास्टर प्लान महत्वपूर्ण खामियों की पहचान के बाद विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाने में विभिन्न मंत्रालयों की सहायता करेगा।
  • सामंजस्यीकरण: पीएम गतिशक्ति प्रत्येक विभाग की गतिविधियों के साथ-साथ शासन – प्रणाली की विभिन्न परतों के बीच काम का समन्वय सुनिश्चित करके उनके बीच समग्र रूप से सामंजस्य स्थापित करने में मदद करेगी।
  • विश्लेषणात्मक: यह मास्टर प्लान जीआईएस आधारित स्थानिक नियोजन एवं 200 से अधिक परतों वाले विश्लेषणात्मक उपकरणों के जरिए एक ही स्थान पर संपूर्ण डेटा प्रदान करेगा, जिससे कार्यान्वन से जुड़ी एजेंसी को अपना कामकाज करने में सहूलियत होगी।
  • गतिशीलता: सभी मंत्रालय और विभाग अब जीआईएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विविध क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की परिकल्पना, समीक्षा और निगरानी करने में सक्षम होंगे, क्योंकि उपग्रह इमेजरी समय-समय पर धरातल पर होने वाली प्रगति की जानकारी देगी और उसके अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जाकारी को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का 28वां स्थापना दिवस

महत्वपूर्ण बिंदु

  • क्या है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग?
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission-NHRC) एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत 12 अक्टूबर, 1993 को की गई थी।
  • मानवाधिकार आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • यह मानवाधिकारों जैसे – जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और समानता का अधिकार आदि की रक्षा करता है और उनके प्रहरी के रूप में कार्य करता है।

आयोग की संरचना

  • NHRC एक बहु-सदस्यीय संस्था है जिसमें एक अध्यक्ष सहित 7 सदस्य होते हैं।
  • 7 सदस्यों में कम-से-कम 3 पदेन (Ex-officio) सदस्य होने आवश्यक हैं।
  • अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की जाती है।
  • अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्षों या 70 वर्ष की उम्र, जो भी पहले हो, तक होता है।
  • इसके वर्तमान अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश अरुण कुमार मिश्र हैं।
  • इन्हें केवल तभी हटाया जा सकता है जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की जांच में उन पर दुराचार या असमर्थता के आरोप सिद्ध हो जाएं।

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