Daily Current Affairs 9 September 2020

समारोह/सम्मेलन

54 वां अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह – 2020

चर्चा में क्यों?

  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा 8 सितंबर 2020 को ऑनलाइन माध्यम से 54 वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का आयोजन किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस (ILD) मनाया जाता है।
  • आईएलडी के आयोजन की शुरूआत, सितंबर 1965 में तेहरान में निरक्षरता उन्मूलन पर शिक्षा मंत्रियों के वैश्विक सम्मेलन की सिफारिश के बाद हुई थी।
  • सम्मेलन में सिफारिश की गई कि सम्मेलन के उद्घाटन की तारीख यानि 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में घोषित किया जाए और इसे विश्व व्यापी रूप से मनाया जाए।
  • यूनेस्को द्वारा नवंबर 1966 में पेरिस में आयोजित हुए महासम्मेलन के 14वें सत्र में औपचारिक रूप से 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में घोषित किया गया। तब से, यूनेस्को द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय जनमानस को जागरूक करना और उन्हें संगठित करना और साक्षरता गतिविधियों के लिए उनका लगाव और सक्रिय समर्थन प्राप्त करना है।
  • भारत में आजादी के बाद से ही साक्षरता और विशेष रूप से प्रौढ़ साक्षरता राष्ट्रीय प्राथमिकता रही है। निरक्षरता को समाप्त करने और प्रौढ़ शिक्षा को कार्यात्मक साक्षरता और आजीवन शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 1988 में राष्ट्रीय साक्षरता अभियान शुरू किया गया था।
  • तब से, भारत साक्षरता के लक्ष्य और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की पुष्टि करने और निरक्षरता को समाप्त करने के प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मना रहा है।

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भौगोलिक परिदृश्य

टाइफून हाइशेन

चर्चा में क्यों?

  • सितंबर 2020 के पहले सप्ताह में जापान एवं इसके आसपास के क्षेत्र में शक्तिशाली टाइफून हाइशेन (Typhoon Haishen) ने तबाही मचाई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इससे पहले टाइफून मायसक (Typhoon Maysak) से कोरियाई प्रायद्वीप में भारी नुकसान हुआ था।
  • ज्वाइंट टाइफून वार्निंग सेंटर’ (JTWC) ने हाइशेन को श्रेणी-4 का टाइफून घोषित किया है क्योंकि इस तूफान में हवाओं की गति लगभग 230 किमी./घंटा थी।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical cyclone) को सैफिर-सिंपसन विंड स्केल (Saffir-Simpson Hurricane Wind Scale) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। जिसमें हवा की गति के आधार पर 1 से 5 तक की श्रेणी तय कर दी जाती है।

टाइफून किसे कहते हैं?

  • ऊष्णकटिबंधीय चक्रवातों को दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन सागर क्षेत्र में टाइफून, उत्तरी अटलांटिक और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ‘हरिकेन’, दक्षिण-पश्चिम प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में ‘उष्णकटिबंधीय चक्रवात’ कहा जाता है।
  • ज़्यादातर टाइफून जून से नवंबर के बीच आते हैं जो जापान, फिलीपींस और चीन जैसे देशों को प्रभावित करते हैं।

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राज्य परिदृश्य

उत्तराखंड में बनेंगे संस्कृत ग्राम

चर्चा में क्यों?

  • उत्तराखंड सरकार ने राज्य भर में ‘संस्कृत ग्राम’ विकसित करने की घोषणा की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • उत्तराखंड में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने वाले पायलट कार्यक्रम के तहत गाँवों की एक सूची बनाई गई थी।
  • इन गांवों को संस्कृत स्कूलों की उपलब्धता के अनुसार चुना गया था ताकि शिक्षक अक्सर गांवों का दौरा कर सकें और निवासियों को संस्कृत सीखने एवं उपयोग करने के लिये प्रेरित कर सकें।
  • उत्तराखंड सरकार वर्तमान में 97 संस्कृत विद्यालयों का संचालन करती है जिनमें लगभग 2100 छात्र पढ़ते हैं।
  • इसके अलावा ‘उत्तराखंड संस्कृत अकादमी’ की एक बैठक में इस अकादमी का नाम बदल कर ‘उत्तरांचल संस्कृत संस्थानम् हरिद्वार’ कर दिया गया है।
  • संस्कृत उत्तराखंड की दूसरी आधिकारिक भाषा है।

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हिमाचल प्रदेश: राज्य सड़क रूपांतरण परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और विश्व बैंक ने 7 सितंबर, 2020 को हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क रूपांतरण परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 82 मिलियन डॉलर ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • परियोजना राज्य सड़क नेटवर्क की स्थिति, सुरक्षा, लचीलापन एवं इंजीनियरिंग मानकों में सुधार लाने के जरिये हिमाचल प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा संस्थानों को सुदृढ़ बनायेगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय पुनर्संरचना एवं विकास बैंक (IBRD) से 82 मिलियन ऋण की पांच वर्षों की अनुग्रह अवधि सहित 15 वर्षों की अंतिम परिपक्वता है।

विश्व बैंक समूह के बारे में

  • अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (International Bank for Reconstruction and Development-IBRD) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund-IMF) की स्थापना एक साथ वर्ष 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (Bretton Woods Conference) के दौरान हुई थी।
  • ब्रेटन वुड्स सम्मेलन को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन (United Nations Monetary and Financial Conference) के रूप में जाना जाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक को ही विश्व बैंक कहा जाता है।
  • इसका मुख्यालय अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन DC (पूर्व में District of Colombia) में है।
  • वर्तमान में विश्व बैंक में 189 देश सदस्य हैं। विश्व बैंक का सदस्य बनने के लिये किसी भी देश को पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम का सदस्य बनना ज़रूरी होता है। इसके वर्तमान अध्यक्ष डेविड मलपास हैं।
  • विश्व बैंक संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक अहम संस्था है और यह कई संस्थाओं का समूह है। इसीलिये इसे विश्व बैंक समूह (World Bank Group) भी कहा जाता है।

विश्व बैंक समूह में शामिल पाँच संस्‍थाएँ

  • अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (International Bank for Reconstruction and Development – IBRD), इसे ही विश्व बैंक कहा जाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (International Development Association – ADA)
  • अंतर्राष्‍ट्रीय वित्त निगम (International Finance Corporation – IMF)
  • बहुपक्षीय निवेश प्रत्‍याभूति एजेंसी (Multilateral Investment Guarantee Agency – MIGA)
  • निवेश संबंधी विवादों के निपटान का अंतर्राष्‍ट्रीय केंद्र (International Centre for Settlement of Investment Disputes – ICSID)

प्रकाशित रिपोर्ट

  • विश्व विकास रिपोर्ट (World Development Report)
  • इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट/इंडेक्स (Ease of Doing Business)
  • ग्लोबल इकोनामिक प्रासपैक्टस (Global Economic Prospects)

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

दिव्यांगों के लिए सामाजिक न्याय तक पहुंच हेतु संयुक्त राष्ट्र दिशा-निर्देश

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांगों के लिए सामाजिक न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु हाल ही में अपनी तरह के पहले दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इन दिशा नि्र्देशों को जारी करने का उद्देश्य दिव्यांगों की विश्व भर में न्याय प्रणाली तक पहुंच आसान करना है।

संयुक्त राष्ट्र दिशा-निर्देश

सिद्धांत 1: दिव्यांग होने की वजह से किसी को भी न्याय तक पहुंच से वंचित नहीं किया जाएगा।

सिद्धांत 2: दिव्यांगों की न्याय तक समान एवं भेदभाव रहित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुविधाएं और सेवाएं सार्वभौमिक रूप से सुलभ होनी चाहिए।

सिद्धांत 3: दिव्यांग व्यक्तियों और बच्चों को कानूनी प्रक्रिया में मदद का अधिकार है।

सिद्धांत 4: दिव्यांग को अन्य व्यक्तियों की तरह कानूनी नोटिस और सूचना को समय पर तथा आसान तरीके से प्राप्त करने का अधिकार है।

सिद्धांत 5: दिव्यांग अंतर्राष्ट्रीय कानूनों में मान्यता प्राप्त सभी मौलिक और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों के हकदार हैं।

सिद्धांत 6: दिव्यांगों को निशुल्क और सस्ती विधिक सहायता का अधिकार है।

सिद्धांत 7: न्याय प्रशासन प्रणाली में दूसरों के साथ समान आधार पर भाग लेने का अधिकार दिव्यांगों को भी है।

सिद्धांत 8: मानवाधिकारों के उल्लंघन और अपराधों के बारे में शिकायत करने और वैधानिक कार्यवाही शुरू करने के अधिकार दिव्यांगों को  हैं।

सिद्धांत 9: प्रभावी और मजबूत निगरानी तंत्र दिव्यांगों के लिए न्याय तक पहुंच का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सिद्धांत 10: न्याय प्रणाली में कार्यरत सभी लोगों को दिव्यांगों के अधिकारों, विशेष रूप से न्याय तक पहुंच के संदर्भ में जागरूक और प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

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