Daily Current Affairs 9 November 2020

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडन, प्रथम महिला उपराष्ट्रपति बनीं कमला हैरिस

चर्चा में क्यों?

  •  डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) के उम्‍मीदवार जो बाइडन (Joe Biden) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)के 46 वें राष्ट्रपति चुने गए हैं जबकि भारतीय मूल की कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति (Kamala Harris) चुनी गईं हैं।
  • भारतीय मूल की कमला हैरिस उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने वाली अमेरिका की प्रथम महिला हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • अमेरिका में 4 नवंबर 2020 को हुए राष्ट्रपति चुनावों में जो बाइडन ने वर्तमान राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) के प्रत्याशी डॉनल्ड ट्रंप को पराजित किया है।
  • जो बाइडन ने 290 इलेक्‍टोरल मतों के साथ डॉनल्ड ट्रंप को पराजित किया है। हालांकि कुछ राज्यों के मतगणना परिणाम अभी जारी हैं।
  • राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को मात्र 214 इलेक्‍टोरल मत ही मिल पाए हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर विजय के लिए के लिए 270 इलेक्‍टोरल मतों की आवश्यकता होती है।

6 जनवरी 2021 को होगी औपचारिक घोषणा

  • अमेरिका के चुनाव नियमों के अनुसार जो बाइडन और कमला हैरिस के चुने जाने की औपचारिक घोषणा 6 जनवरी 2021 को की जाएगी।
  • इस बीच मतदान की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरेगी। अंत में सीनेट के अध्यक्ष और वर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस विजयी प्रत्याशियों जो बाइडन और कमला हैरिस के अमेरिका के क्रमश: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुने जाने की घोषणा करेंगे।
  • अमेरिकी संविधान के अनुसार आधिकारिक तौर पर नए राष्ट्रपति का कार्यकाल 20 जनवरी की दोपहर को शुरू होता है।

सबसे अधिक मत पाने वाले प्रत्याशी बने जो बाइडन

  • राष्ट्रपति पद के चुनाव में विजयी होने के साथ ही जो बाइडन अमेरिका के सबसे अधिक लोकप्रिय वोट (popular vote) पाने वाले राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी भी बन गए।
  • उन्हें लगभग 75 मिलियन लोकप्रिय वोट मिले हैं जो कुल डाले गए वोटों के 50 प्रतिशत से भी अधिक हैं। इस तरह उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का रिकार्ड तोड़ा है जो 69.5 मिलियन मतों के साथ उन्होंने 2008 में बनाया था।

कौन हैं जो बाइडेन?

  • जो बाइडन का जन्म पेंसिल्वेनिया के स्क्रैनटॉन में 1942 में एक आइरिश-कैथोलिक परिवार में हुआ था।
  • जो बाइडन ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ डेलावेयर और साइराकुज़ लॉ स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की है।
  • वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दोनों कार्यकाल में उप-राष्ट्रपति रह चुके हैं।
  • 77 साल के जो बाइडन अब से पहले राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दौड़ में भी दो बार और शामिल हो चुके हैं। पहली बार 1988 और दूसरी बार 2008 में। हालांकि दोनों ही बार वह प्रत्याशी नहीं बन पाए थे।
  • जो बाइडन के विदेश नीति के मर्मज्ञ माने जाते हैं। उनके पास क़रीब पांच दशकों के राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ कूटनीति का भी लंबा अनुभव है।
  • Promise Me, Dad: A Year of Hope, Hardship, and Purpose औऱ promises to keep on life and politics उनकी लिखी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।

कमला हैरिस

  • डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन ने 55 वर्षीय कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना साथी बनाया था जहां उन्होंने जीत दर्ज कर ली है।
  • कमला हैरिस ऑकलैंड में पैदा हुईं हैं। उनकी मां श्यामला गोपालन भारतीय मूल (तमिलनाडु के तिरुवर जिले के थुलासेंद्रापुरम) की थीं और पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका मूल के।
  • तलाक के बाद कमला और उनकी बहन माया हैरिस को उनकी हिंदू मां ने अकेले ही पाला।
  • कमला हैरिस ने  आत्मकथा ‘द ट्रुथ वी होल्ड’ (The Truth We Hold) में इसका उल्लेख किया है।
  • कमला हैरिस इससे पहले कैलिफ़ोर्निया की अटॉर्नी जनरल भी रही हैं।
  • अमेरिका के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में इस पद पर पहुंचने वाली वो पहली महिला और पहली अमेरिकी-अफ्रीकी महिला बनीं।

जो बाइडन की जीत का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • विदेश नीति के विशेषज्ञों का मानना है कि जो बाइडन की जीत का भारत के साथ रिश्तों पर कोई अधिक फ़र्क़ नहीं पड़ेगा इसका मुख्य कारण ये है कि डेमोक्रैटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी की भारत के प्रति विदेश नीति में कोई विशेष अंतर नहीं है।
  • डेमोक्रैटिक पार्टी और जो बाइडन के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि वे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आम सहमति हासिल करने पर विश्वास रखते हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप है कि वे एकतरफ़ा फ़ैसले लेते रहे हैं।
  • इस समय अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता चीन है, ऐसा डेमोक्रैटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के लगभग सभी नेता मानते हैं। इसलिए ट्रंप हों या बाइडन, उनकी प्राथमिकता होगी चीन के बढ़ते वैश्विक असर को कम करना और इसके साथ जारी ‘टैरिफ़ युद्ध’ से जूझना।
  • भारत की विदेश नीति शीत युद्ध से लेकर सोवियत संघ के अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के दौरान गुट निरपेक्षता पर आधारित रही है। लेकिन, 1996 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने साल 2000 में भारत की एक ऐतिहासिक यात्रा की। इस दौरान राष्ट्रपति ने भारत को अमेरिका की ओर आकर्षित की भरपूर कोशिश की।
  • उल्लेखनीय है कि उनका संबंध डेमोक्रैटिक पार्टी से है। किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की ये भारत की सबसे लंबी यात्रा (छह दिन की) थी। इसे भारत-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा गया था।
  • इसके बाद जॉर्ज डब्ल्यू बुश की राष्ट्रपति के रुप में भारत यात्रा के दौरान परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर ने रिश्ते में रणनीतिक गहराई जोड़ दी जबकि वह रिपब्लिकन पार्टी से चुने गए राष्ट्रपति थे।
  • इसी तरह से डेमोक्रैटिक पार्टी के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दोनों पक्षों के बीच बढ़ती निकटता को दर्शाते हुए भारत की दो यात्राएँ कीं। और उनके रिपब्लिकन उत्तराधिकारी डॉनल्ड ट्रंप ने भी भारत की दो गर्मजोशी से भरी यात्राएं कीं और चीन के विरुद्ध सहयोग की खुली पेशकश भी की।

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

इसरो ने किया 10 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (Indian Space Research Organisation, ISRO) ने 2020 का पहला सैटलाइट लॉन्‍च करते हुए 7 नवंबर 2020 को श्रीहरिकोटा (Sriharikota) स्थित सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से पीएसएलवी सी-49 ( PSLV C49) से 9 विदेशी उपग्रहों समेत 10 उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस लॉन्‍च में प्राइमरी सैटलाइट EOS01 एक रेडार इमेज‍िंग सैटलाइट (RISAT) है। यह अडवांस्‍ड रिसैट है जिसका सिंथैटिक अपरचर रेडार बादलों के पार भी देख सकेगा।
  • दिन हो या रात या कोई भी मौसम हो यह हर समय कारगर साबित होगा।
  • इससे सैन्य निगरानी में मदद तो मिलेगी ही साथ ही खेती, वानिकी, मिट्टी की नमी मापने, भूगर्भ शास्‍त्र और तटों की निगरानी में भी यह सहायक साबित होगा।
  • नौ विदेशी कमर्शियल सैटलाइट्स में लिथुआनिया का एक, लक्जमबर्ग के चार और चार अमेरिकी सैटेलाइट भी हैं।
  • इसरो के 51वें मिशन की लॉन्‍चिंग के साथ संगठन 328 विदेशी सैटलाइट अंतरिक्ष में भेजने में कामयाब रहा है।

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नियुक्ति/निर्वाचन

यशवर्धन सिन्हा

चर्चा में क्यों?

  • यशवर्धन सिन्हा देश के नये मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) बन गये हैं।
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
  • शपथ ग्रहण कर लेने के बाद मुख्य सूचना आयुक्त यशवर्धन सिन्हा तीन अन्य सूचना आयुक्तों को नियुक्त की नियुक्ति की है।
  • ये हैं पत्रकार उदय महुकर, पूर्व श्रम सचिव हीरालाल सामरिया और पूर्व सीएजी सरोज पुनहानी।
  • तीनों सूचना आयुक्तों का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने किया है।

केन्द्रीय सूचना आयोग का गठन कैसे किया जाता है?

  • सूचना आयोग और राज्य सूचना आयोग आरटीआई एक्ट, 2005 के तहत स्थापित एक सांविधिक संस्था है।
  • सांविधिक संस्था उसे कहते है जिसे कोई कानून बनाकर स्थापित किया गया हो वहीं संवैधानिक संस्था उसे कहते हैं जिनके बारे में संविधान में व्यवस्था दी गई हो।
  • आर.टी.आई. अधिनियम, 2005 की धारा 12 के प्रावधानों के अंतर्गत केंद्रीय सरकार, केन्द्रीय सूचना आयोग का गठन करती है।
  • केन्द्रीय सूचना आयोग मुख्य सूचना आयुक्त (सी.आई.सी.) और अधिकतम 10 सदस्यों की सीमा के भीतर से मिलकर बनेगा।
  • पद की शपथ, प्रथम अनुसूची के अनुसार भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिलाई जाती है।
  • आयोग का मुख्यालय दिल्ली में है।

मुख्य सूचना आयुक्त / सूचना आयुक्त के पात्रता मापदंड और नियुक्ति प्रक्रिया

  • आर.टी.आई. अधिनियम, 2005 की के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त / सूचना आयुक्त का चयन निम्नलिखित सदस्यों से बनी समिति करती है-

(i) प्रधानमंत्री, जो समिति का अध्यक्ष होगा;

(ii) लोक सभा में विपक्ष का नेता; और

(iii) प्रधानमंत्री द्वारा नामनिर्दिष्ट संघ का एक मंत्री।

  • आर.टी.आई., 2005 की धारा 12(5) के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त / सूचना आयुक्त विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी समाज सेवा, प्रबंध, पत्रकारिता, जनसंपर्क माध्यम, या प्रशासन तथा शासन का व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले जन जीवन में प्रख्यात व्यक्ति होंगे।
  • आर.टी.आई., 2005 की धारा 12(6)के अनुसार  मुख्य सूचना आयुक्त या कोई सूचना आयुक्त संसद का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के विधान-मंडल का सदस्य नहीं होगा, या कोई अन्य लाभ का पद धारित नहीं करेगा या किसी राजनितिक दल से संबद्ध नहीं होगा अथवा कोई कारोबार नहीं करेगा या कोई पेशा नहीं कर सकता।

मुख्य सूचना आयुक्त की पदावधि और अन्य सेवा शर्तें क्या हैं?

  • आर.टी.आई., 2005 की धारा 13 प्रावधान करता है कि मुख्य सूचना आयुक्त, उस तारीख से, जिसको वह अपना पद ग्रहण करता है, पांच वर्ष के लिए जबकि सूचना आयुक्त 3 वर्ष के लिए पद धारण करता है और पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होता।

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राज्य परिदृश्य:

गुजरात: हजीरा-घोघा रो-पैक्स फेरी सर्विस

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात के सूरत को सौराष्ट्र से जलमार्ग से जोड़ने वाले हजीरा-घोघा रो-पैक्स फेरी सर्विस का उद्घाटन किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस सेवा के शुरू होने से घोघा और हजीरा के बीच सड़क मार्ग की जो दूरी 375 किलोमीटर की है, वो समुद्र के रास्ते घटकर सिर्फ 90 किलोमीटर ही रह जाएगी।
  • पहले जिस दूरी को कवर करने में 8 से10 घंटे का समय लगता था, अब उस सफर में 3-4 घंटे ही लगा करेंगे।

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उत्तराखंड

डोबरा-चांठी पुल का उद्घाटन

चर्चा में क्यों?

  • 8 नवंबर, 2020 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने टिहरी-गढ़वाल ज़िले में टिहरी झील पर बने डोबरा-चांठी पुल (Dobra Chanthi Bridge) का उद्घाटन किया ।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 725 मीटर लंबाई वाला यह देश का सबसे लंबा सिंगल लेन मोटरेबल सस्पेंसन ब्रिज (Motorable Suspension Bridge) है।
  • यह टिहरी और प्रताप नगर को टिहरी झील के ऊपर से जोड़ता है।
  • उल्लेखनी है कि टिहरी बांध के निर्माण के दौरान 2005 में प्रताप नगर को ज़िला मुख्यालय से जोड़ने वाला पुल टिहरी झील में जलमग्न हो गया था और क्षेत्र के स्थानीय लोगों को 100 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी  तय करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा था।
  • टिहरी बांध भारत का सबसे ऊँचा और दुनिया के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक है। यह उत्तराखंड में टिहरी के पास भागीरथी नदी पर बनाया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में अवस्थित टिहरी झील (Tehri lake) एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है। 

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