नियुक्ति/निर्वाचन

जीसी मुर्मू  भारत के नए कैग नियुक्त

चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार ने जीसी मुर्मू को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से त्यागपत्र देने के एक दिन बाद देश का नया नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ((Comptroller & Auditor General of India-CAG) नियुक्त किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • गिरीश चंद्र मुर्मू ने राजीव महर्षि का स्थान लिया है। 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आइएएस अधिकारी महर्षि का कार्यकाल सात अगस्त को पूरा हो गया है।
  • राजीव महर्षि को साल 2017 में सीएजी नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का रहा।
  • उल्लेखनीय है कि सीएजी का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 साल की उम्र जो भी पहले हो तक होता है।

क्या होता है भारत का नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (CAG-कैग)

  • भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (Comptroller & Auditor General of India-CAG) भारत के संविधान के तहत एक स्वायत्त प्राधिकरण है।
  • यह भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग (Indian Audit & Accounts Department) का प्रमुख और सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख संरक्षक है।
  • इस संस्था के माध्यम से संसद और राज्य विधानसभाओं के लिये सरकार और अन्य सार्वजनिक प्राधिकरणों (सार्वजनिक धन खर्च करने वाले) की जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है।

कैग से संवैधानिक प्रावधान

  • अनुच्छेद 148 के अनुसार भारत का एक नियंत्रक-महालेखापरीक्षक होगा जिसकेा राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करेगा और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्ही आधारों पर हटाया जाएगा जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
  • नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के कार्यालय के प्रशसनिक व्यय, जिनके अंतर्गत उस कार्यालय में सेवा करने वाले व्यक्तियों को या उनके संबंध सभी में देय वेतन, भत्ते ओर पेंशन है, भारत की संचित निधि पर भारित होंगे।
  • अनुच्छेद 149 भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के कर्त्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 150 के अनुसार संघ और राज्यों को खातों का विवरण राष्ट्रपति के अनुसार (CAG की सलाह पर) रखना होगा।
  • अनुच्छेद 151 के अनुसार संघ के खातों से संबंधित CAG की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी, जो संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखी जाएगी।
  • अनुच्छेद 279 के अनुसार ‘शुद्ध आय’ की गणना CAG द्वारा प्रमाणित की जाती है, जिसका प्रमाणपत्र अंतिम माना जाता है।
  • छठी अनुसूची के अनुसार, ज़िला परिषद या क्षेत्रीय परिषद के खातों को राष्ट्रपति और CAG द्वारा अनुमोदित प्रारूप के अनुसार रखा जाना चाहिये।
  • इन निकायों के खाते का लेखा-जोखा इस तरह से करना होगा जिस प्रकार CAG उचित समझता है और ऐसे खातों से संबंधित रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत की जाएगी, जो विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है।
  • CAG केंद्र के खातों से संबंधित अपनी ऑडिट रिपोर्ट को राष्ट्रपति को सौंपता है, जो संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखी जाती है।
  • CAG किसी राज्य के खातों से संबंधित अपनी ऑडिट रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है, जो राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है।
  • CAG संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के मार्गदर्शक, मित्र और सलाहकार के रूप में भी कार्य करता है।लोक लेखा समिति कैग की रिपोर्ट का परीक्षण करती है।

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प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी यूपीएससी के चेयरमैन नियुक्त

महत्वपूर्ण बिंदु

  • केन्द्र सरकार नें प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी को संघ लोक सेवा आयोग, यूपीएससी (UPSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • यूपीएससी के नए अध्यक्ष के रूप में प्रोफेसर जोशी का कार्यकाल 12 मई, 2021 तक रहेगा।
  • प्रोफेसर जोशी इसके पहले छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग दोनों के अध्यक्ष थे।
  • वे मई 2015 में यूपीएससी में सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

क्या है यूपीएससी

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अखिल भारतीय सेवाओं भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) और अन्य केन्द्रीय सिविल सेवकों की भर्ती के लिए मुख्य संस्था है जो केन्द्र एवं केन्द्र शासित प्रदेशो में हर साल सिविल सेवा और अन्य परीक्षाओं का आयोजन करता है।
  • यह एक संवैधानिक संस्था है क्योंकि इसकी स्थापना संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत हुई है। सामान्यता आयोग में अध्यक्ष सहित 11 सदस्य होते हैं।
  • लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष, अपने पद ग्रहण की तारीख से छह वर्ष की अवधि तक या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक जो भी पहले हो पद पर रहता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान राष्ट्रवादियों की एक प्रमुख मांग थी कि इंडियन सिविल सर्विस (ICS) की भर्ती भारत में हो, क्योंकि तब इसकी परीक्षा इंग्लैंड में हुआ करती थी।
  • प्रथम लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्तूबर 1926 को हुई। सर रोस बार्कर (1926-1932) इसके पहले अध्यक्ष बने।
  • आज़ादी के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत 26 अक्तूबर 1950 को लोक आयोग की स्थापना हुई। इसे संवैधानिक दर्जा देने के साथ साथ स्वायत्ता भी प्रदान की गयी ताकि यह बिना किसी दबाव के योग्य अधिकारियों की भर्ती क़र सके। इस नव स्थापित लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा आयोग नाम दिया गया।

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दिन/ दिवस

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस : 07 अगस्त 2020

चर्चा में क्यों?

  • वस्त्र मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर 07 अगस्त 2020 को वर्चुअल प्लेटफार्म पर कार्यक्रम आयोजित किये गए।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हथकरघा क्षेत्र देश की शानदार सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और देश में आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह क्षेत्र महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 70 प्रतिशत हथकरघा बुनकर और संबद्ध श्रमिक, महिलाएं हैं।
  • 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में चुना गया है क्योंकि इसी दिन 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
  • इसका उद्देश्य हथकरघा उद्योग के बारे में लोगों के बीच बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करना और सामाजिक-आर्थिक विकास में इसके योगदान को रेखांकित करना है।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अगस्त 2015 को चेन्नई में पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत की थी। इस दिन, हथकरघा बुनकर समुदाय को सम्मानित किया जाता है और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में इस क्षेत्र के योगदान को रेखांकित किया जाता है।

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आर्थिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य

मौद्रिक नीति समीक्षा

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने 6 अगस्त 2020 को मौद्रिक नीति की समीक्षा की ।

इस समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • मुख्य नीतिगत दर रेपो (Repo Rate) 4 प्रतिशत , रिवर्स रेपो दर(Reverse Repo Rate) 35 प्रतिशत पर स्थिर रखी गई।
  • सीमांत स्थायी सुविधा दर (Marginal Standing Facility Rate) और बैंक दर (Bank Rate) को भी 4.25% पर यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है।
  • कोविड-19 महामारी के बीच परिवारों को राहत के लिए बैंक अब सोने के मूल्य के 90 प्रतिशत के बराबर कर्ज दे सकते हैं। अभी यह सीमा 75 प्रतिशत है।
  • चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर नकारात्मक रहेगी।
  • आवास क्षेत्र में तरलता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराएगा।
  • कृषि क्षेत्र को मदद के लिए नाबार्ड को 5,000 करोड़ रुपये का नकदी समर्थन।
  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (31 जुलाई, 2020 तक) 56.8 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ वर्तमान में 536.6 बिलियन डॉलर है।

मौद्रिक नीति समिति (MPC):

  • MPC का गठन नीतिगत ब्याज दर निर्धारण को अधिक उपयोगी एवं पारदर्शी बनाने के लिये जून, 2016 को किया गया था।
  • मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से तीन सदस्य RBI से होते हैं।
  • RBI गवर्नर, समिति का पदेन अध्यक्ष होता है।

मौद्रिक नीति के उपकरण

  • रिजर्व बैंक के पास कई ऐसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष उपकरण हैं जिनका उपयोग मौद्रिक नीति को लागू करने के लिये किया जाता है। उनमें से कुछ प्रमुख हैं-

रेपो रेट (Repo Rate)

  • जिस दर पर वाणिज्यिक बैंक भारतीय रिजर्व बैंक से अल्पकालिक कर्ज लेते हैं उसे रेपो रेट कहते हैं।रेपो रेट कम होने पर होम, कार या पर्सनल लोन पर ब्याज की दरें कम हो सकती हैं। अगर रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ा देता है तो बैंकों को पैसे जुटाने में अधिक रकम खर्च करनी होगी और वे अपने ग्राहकों को भी अधिक ब्याज दर पर कर्ज देंगे।

रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate-RRR)

  • वाणिज्यिक बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद रकम बची रह जाती है, तो उस रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में रख देते हैं। इस रकम पर आरबीआई उन्हें जिस दर पर ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं।
  • जब भी बाज़ार में नकदी की उपलब्धता बढ़ जाती है तो महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। आरबीआई इस स्थिति में रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है, ताकि बैंक ज्यादा ब्याज कमाने के लिए अपनी रकम उसके पास जमा करा दें। इस तरह बैंकों के कब्जे में बाजार में बांटने के लिए कम रकम रह जाती है।

नकद आरक्षित अनुपात (Cash Reserve Ratio- CRR)

  • बैंकिंग नियमों के तहत हर बैंक को अपने कुल कैश रिजर्व का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना ही होता है। इसे कैश रिजर्व रेश्यो अथवा नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) कहते हैं। आरबीआई ने ये नियम इसलिए बनाए हैं, जिससे किसी भी बैंक में बहुत बड़ी संख्या में ग्राहकों को रकम निकालने की जरूरत पड़े तो बैंक पैसे देने से मना न कर सके।
  • अगर सीआरआर बढ़ता है तो बैंकों को अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा भारतीय रिजर्व बैंक के पास रखना होगा। इसके बाद देश में कामकाज कर रहे बैंकों के पास ग्राहकों को कर्ज देने के लिए कम रकम रह जाएगी। आम आदमी और कारोबारियों को कर्ज देने के लिए बैंकों के पास कम पैसे रहेंगे।
  • अगर रिजर्व बैंक सीआरआर को घटाता है तो बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ जाता है। आरबीआई सीआरआर में बदलाव तभी करता है, जब बाज़ार में नकदी की तरलता पर तुरंत असर नहीं डालना हो। वास्तव में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव की तुलना में सीआरआर में किए गए बदलाव से बाज़ार में नकदी की उपलब्धता पर ज्यादा वक्त में असर पड़ता है।

एसएलआर

  • वैधानिक तरलता अनुपात (Statutory Liquidity Ratio- SLR) बैंकों के पास उपलब्ध जमा का वह हिस्सा होता है, जोकि उन्हें अपनी जमा पर लोन जारी करने के पहले अपने पास रख लेना जरूरी होता है। एसएलआर नकदी, स्वर्ण भंडार, सरकारी प्रतिभूतियों जैसे किसी भी रूप में हो सकता है।
  • जब बैंक इस अनुपात को सुरक्षित रख लेते हैं, उसके बाद ही उन्हें अपनी जमा पर लोन जारी करने की अनुमति होती है।
  • एसएलआर का यह अनुपात कितना होगा, इसका निर्धारण रिजर्व बैंक करता है। भारत में एसएलआर की अधिकतम सीमा 40 फीसदी तक रह चुकी है। रिजर्व बैंक को बैंकों के लिए एसएलआर की सीमा 40 फीसदी और न्यूनतम शून्य फीसदी तक भी रखने का अधिकार है।
  • एसएलआर से बैंकों के कर्ज देने की क्षमता नियंत्रित होती है। अगर कोई बैंक मुश्किल परिस्थिति में फंस जाता है तो रिजर्व बैंक एसएलआर की मदद से ग्राहकों के पैसे की कुछ हद तक भरपाई कर सकता है।

सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility- MSF):

  • इस सुविधा जिसके तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से ओवरनाइट सुविधा के तहत अतिरिक्त राशि उधार ले सकते हैं।

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‘किसान रेल’ की शुरुआत

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय रेलवे ने 07 अगस्त 2020 से एक विशेष साप्ताहिक पार्सल ट्रेन ‘किसान रेल’ की शुरुआत की जो देवलाली (महाराष्ट्र) से दानापुर (बिहार) के बीच चलेगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह कदम वित्त मंत्री द्वारा केन्द्रीय बजट 2020-21 में की गई घोषणा के अनुरूप है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय बजट 2020-21 में वित्त मंत्री ने जल्द खराब होने वाले उत्पादों जिसमें दूध, मांस और मछली शामिल है, के लिए निर्बाध नेशनल कोल्ड सप्लाई चेन बनाने की घोषणा की थी।
  • यह ट्रेन जल्द खराब होने वाले उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला प्रदान करेगी, जिससे किसानों को बहुत मदद मिलेगी क्योंकि इस ट्रेन का माल-भाड़ा ‘पी’ स्केल पर सामान्य ट्रेन के पार्सल टैरिफ के अनुसार लिया जाएगा।
  • फ्रोजन कंटेनरों के साथ इस ट्रेन द्वारा जल्द खराब होने वाली चीजों जिसमें मछली, मांस और दूध शामिल है, के लिए एक निर्बाध नेशनल कोल्ड सप्लाई चेन बनाने की उम्मीद है।
  • मध्य रेलवे स्थित भुसावल संभाग एक कृषि आधारित संभाग है। नासिक और आस-पास के इलाकों में बड़ी मात्रा में ताजी सब्जियां, फल, फूल, अन्य जल्दी खराब होने वाली चीजें, प्याज व अन्य कृषि उत्पादों का उत्पादन होता है।
  • इन जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को मुख्यतः पटना, प्रयागराज, कटनी, सतना आदि क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

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राज्य परिदृश्य

हरियाणा में ‘परिवार पहचान पत्र’ योजना

चर्चा में क्यों?

  • सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हरियाणा के लोगों को अब अनेक दस्तावेजों को संभालने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनकी जगह अब परिवार पहचान पत्र (Parivar Pehchan Patra,PPP) एक नया दस्तावेज बनेगा।
  • इसमें परिवार सहित बाकी दस्तावेजों की एकीकृत जानकारी होगी। इसके माध्यम से लोग सरकार के साथ पत्राचार और संवाद करेंगे।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 4 अगस्त को पंचकूला में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने परिवार पहचान पत्र वितरित कर योजना का शुभारंभ किया।
  • वर्तमान में चार योजनाएं – मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, दिव्यांग जन पेंशन योजना और विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना – को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा गया है।
  • मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर राज्य के सभी सरकारी विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा।
  • इसके तहत प्रत्येक परिवार को एक एकल इकाई माना जाएगा और 8 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या आवंटित की जाएगी।
  • हरियाणा सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिये प्रत्येक परिवार को ‘परिवार पहचान पत्र पोर्टल’ पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

आधार कार्ड से अलग कैसे है?

  • आधार कार्ड प्रत्येक व्यक्ति का अलग होता है जबकि PPP एक परिवार का एक होगा।
  • हरियाणा के प्रत्येक परिवार के लिये PPP प्राप्त करना अनिवार्य नहीं होगा किंतु सरकारी योजनाओं के तहत लाभ पाने वाले परिवारों के लिये PPP अनिवार्य है।
  • इसके अलावा, जब भी कोई परिवार किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहता है तो उसे पात्र होने के लिये पहले PPP प्राप्त करना होगा।

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