Daily Current Affairs 6 October 2020

भारत एवं विश्व

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक

चर्चा में क्यों?

  • 6 अक्टूबर 2020 को जापान की राजधानी टोक्यो में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका (Quad Group) के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इन चार देशों के समूह ‘क्वाड’ की इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने भारत के विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर जापान के दौरे पर हैं वे वहाँ जापान के साथ द्विपक्षीय मामलों पर भी बातचीत करेंगे।
  • क्वाड के सदस्यों में शामिल अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जापान तीसरी और भारत पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऑस्ट्रेलिया भी एक विकसित देश है।
  • इतनी बड़ी सामूहिक ताक़त दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी चीन के बढ़ते असर और उस पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से टोक्यो में इकट्ठा हो रही है।

टोक्यो में हो रही बैठक का एजेंडा

  •  टोक्यो में हो रही बैठक क्वाड देशों की दूसरी बैठक है। पहली बैठक पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क में हुई थी।
  • बैठक का एजेंडा मोटे तौर पर कोविड-19 के बाद की नई विश्व व्यवस्था और महामारी से एशिया में उत्पन्न चुनौतियों पर ग़ौर करना है। क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सामूहिक रूप से विदेश मंत्रियों से एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्व की पुष्टि करने अपेक्षा की जाएगी।

चीन के विरोध को लेकर आम सहमति

  • इन चार देशों के बीच आपसी रिश्ते पहले से ही मज़बूत रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि चीन की कथित हरकतों ने इन्हें अब एक दूसरे के और भी क़रीब लाया है।
  • चीन के बढ़ते असर से ये चारों देश चिंतित नज़र आते हैं। उधर चीन ने इस क्वाड समूह के बनाए जाने पर आपत्ति जताई है।
  • चीन के उप विदेश मंत्री, लुओ झाओहुई ने क्वाड को “चीन विरोधी फ्रंटलाइन” या “मिनी-नाटो” के रूप में वर्णित किया था।
  • क्वाड को ‘स्वतंत्र, खुले और समृद्ध’ हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिये चार देशों के साझा उद्देश्य के रूप में पहचाना जाता है। इसे चीन की बॉर्डर रोड इनिशिएटिव (पुराना नाम OBOR) नीति का जवाब भी माना जाता है।

………………………………………………………………………..

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

न्यू कैलेडोनिया में जनमत संग्रह

चर्चा में क्यों?

  • दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित न्यू कैलेडोनिया  (New Caledonia) स्वायत्त क्षेत्र में 4 अक्टूबर को हुए फ्रांस से आजादी के लिए हुए जनमत संग्रह में लोगों ने इसके विरोध में मतदान किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • न्यू कैलेडोनिया 1853 से फ्रांस का हिस्सा है और यह दक्षिण-पश्चिम प्रशांत का एक सुदूर द्वीप क्षेत्र है।
  • वर्ष 1774 में ब्रिटिश खोजकर्त्ता जेम्स कुक ने स्कॉटलैंड के लैटिन नाम ‘कैलेडोनिया’ के आधार पर इस द्वीप को न्यू कैलेडोनिया का नाम दिया।
  • वर्ष 1853 में फ्राँस के शासक ‘नेपोलियन तृतीय’ ने ‘न्यू कैलेडोनिया’ को जीत लिया और कई दशकों तक इसका प्रयोग एक जेल कालोनी के रूप में किया जाता रहा।
  • फ्रांस से अलग होने के मुद्दे पर न्यू कैलेडोनिया में लंबे समय से एकराय नहीं है।
  • फिर से एक बार यहां के लोगों ने आजादी के खिलाफ 53.26 फीसदी वोट किया है।
  • साल 2018 में भी इस मुद्दे पर जनमत संग्रह हुआ था, लेकिन तब भी लोगों ने फ्रांस से अलग होने के खिलाफ अपनी राय जाहिर की थी।
  • यह क्षेत्र ऑस्ट्रेलिया से 1200 किमी पूर्व में स्थित एक द्वीप श्रृंखला है।
  • इस द्वीप क्षेत्र को काफी हद तक स्वायत्तता हासिल है, लेकिन रक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दों पर इसकी फ्रांस पर बहुत अधिक निर्भरता है।
  • दरअसल, यह जनमत संग्रह वर्ष 1998 में फ्रांस, कनक एंड सोशलिस्ट नेशनल लिबरेशन फ्रंट और स्वतंत्रता विरोधी नेताओं के बीच हुए एक समझौते  ‘नौमिया समझौते’ (Noumea Accord) के तहत हो रहा है।
  • इसके तहत एक बार और जनमत संग्रह हो सकता है।

खनिज संसाधनों से समृद्ध है न्यू कैलेडोनिया

  • इस क्षेत्र में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय होने के साथ ही न्यू कैलेडोनिया खनिज संसाधनों में भी समृद्ध माना जाता है।
  • एक अनुमान के अनुसार, विश्व में ज्ञात कुल निकल (Nickel) धातु भंडार का लगभग 10%न्यू कैलेडोनिया में मौजूद है।
  • निकल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्त्वपूर्ण घटक है, जिसके कारण फ्रांस द्वारा इस क्षेत्र को  एक रणनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्त्व की संपत्ति के रूप में  देखा जाता है।
  • वर्तमान में इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच यह द्वीप सामरिक दृष्टि से फ्रांस के लिये बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।
816.png

……………………………………………………………………

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

मार्स क्लोज एप्रोच

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार 6 अक्टूबर को मंगल ग्रह पृथ्वी के इतने नज़दीक होगा कि उसे नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • नासा का कहना है कि मंगल ग्रह और पृथ्वी के क़रीब आने की खगोलीय घटना हर दो साल (लगभग 26 महीने) पर एक बार होती है।
  • इसलिए अगली बार मंगल ग्रह और पृथ्वी दोनों एक दूसरे के नज़दीक दिसंबर 2022 से पहले नहीं आएंगे।
  • पृथ्वी और मंगल ग्रह के बीच दूरी में यह बदलाव ग्रह के अंडाकार कक्षा की वजह से होता है।
  • हालांकि नज़दीक आने के बावजूद पृथ्वी से मंगल ग्रह की दूरी 38.6 मिलियन मील होगी।
  • 2003 में मंगल ग्रह पृथ्वी से 34.8 मिलियन मील की दूरी तक पहुँचा था जो कि 59,619 सालों में सबसे नज़दीक था।
  • अब साल 2287 तक यह दोबारा पृथ्वी के इतने क़रीब नहीं आने वाला है।
  • इस घटना को खगोल विज्ञान में ‘मार्स क्लोज़ एप्रोच’ (Mars Close Approach) कहते हैं।
  • हर दो साल पर इस खगोलीय घटना के होने की वजह से ही मंगल ग्रह पर जाने वाला मिशन आम तौर पर दो साल के अंतराल पर भेजा जाता है।
  • इससे पहले ‘मार्स क्लोज़ एप्रोच’ की घटना 31 जुलाई 2018 में हुई थी।

मंगल से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • मंगल ग्रह को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसकी सतह पर आयरन ऑक्साइड बड़े पैमाने पर मौजूद है जिसकी वजह से यह लाल दिखता है।
  • मंगल ग्रह सौर मंडल का दूसरा सबसे छोटा ग्रह है।
  • पृथ्वी की तरह ही मंगल ग्रह पर उत्तर और दक्षिण ध्रुव मौजूद है जो बर्फ से ढके हुए हैं. यहाँ पर तापमान -140 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
  • मंगल ग्रह पर उच्चतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस होता है।
  • मंगल ग्रह पर 25 घंटों से थोड़ा ज्यादा वक्त का दिन होता है लेकिन वहां साल पृथ्वी के साल से करीब दोगुना लंबा होता है क्योंकि सूर्य की परिक्रमा करने में मंगल ग्रह को 687 दिन लगते हैं।

………………………………………………………………………..

पुरस्कार/सम्मान

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2020

चर्चा में क्यों?

  • भौतिकी (Physics) के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार की घोषणा  6 अक्टूबर 2020 को कर दी गई।
  • रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ साइंसेज के सेक्रटरी जनरल होरान हैनसन ने पुरस्कार का ऐलान किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • भौतिकी में संयुक्त रूप से रोजर पेनरोज ( Roger Penrose),रेनहार्ड गेंजल (Reinhard Genzel) और एंड्रिया गेज (Andrea Ghez) को संयुक्त रूप से गई रिसर्च के लिए इस साल  का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।
  • रॉजर पेनरोज ने यह बताया था कि ब्लैक होल फॉर्मेशन से जनरल थिअरी ऑफ रिलेटिविटी को प्रिडिक्ट किया जा सकता है।
  • वहीं, रेनहार्ड और ऐंड्रिया ने हमारी गैलेक्सी के केंद्र में मौजूद विशाल द्रव्यमान (supermassive) के कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट की खोज की थी।
  • रॉजर पेनरोज यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं जबकि रेनहार्ड गेंजल जर्मनी की मैक्स प्लांक संस्थान के निदेशक हैं।
  • एंड्रिया गेज अमेरिकी की हैं और युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलेस में प्रोफेसर हैं।

.06_10_2020-nobel_prize_in_physics_2020_20843564.jpg

………………………………………………………………………..

रतन टाटा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

चर्चा में क्यों?

  • इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) ने बिजनेस आइकॉन रतन टाटा को भारत-यूएसए के बिजनेस रिलेशंस में निभाई उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और ग्लोबल लीडरशिप में हासिल की उनकी जीवन भर की उपलब्धि के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया है।
  • इस पुरस्कार की घोषणा IACC के वर्चुअल कार्यक्रम “COVID Crusader Award-2020” के दौरान की गई।
  • यह पहला मौका होगा, जब IACC ने किसी व्यक्ति को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।

………………………………………………………………………..

कृषि, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

सिक्किम की डल्ले खुर्सानी को मिला जीआई टैग

चर्चा में क्यों?

  • सिक्किम की लाल चेरी मिर्च, जिसे स्थानीय रूप से  डल्ले खुर्सानी (Dalle Khursani) के नाम से जाना जाता है, ने केंद्रीय उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार से भौगोलिक संकेत (geographical indication) टैग प्राप्त किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • डले खुर्सानी को दुनियां की सबसे तीखी मिर्चों में से एक माना जाता है।
  • डले खुर्सानी उत्पादों का सबसे बड़ा निर्माता राज्य सरकार के स्वामित्व वाला सिक्किम सुप्रीम है।
  • इस मिर्च को 1,00,000 से 3,50,000 SHU (स्कोविल हीट यूनिट) की सीमा में रखा गया है।
  • स्कोविल पैमाना एक माप है जिसका उपयोग दुनिया भर में मिर्च का तीखापन लगाने के लिए किया जाता है।
  • बता दें, सिक्किम के लिए यह जीआई टैग अर्जित करने वाला तीसरा उत्पाद है. इससे पहले सिक्किम को बड़ी इलायची और दार्जिलिंग चाय जीआई टैग भी मिल चुका है।

Related Posts