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Daily Current Affairs: 6 August 2021.

टोक्यो ओलंपिक 2020

रवि दाहिया ने जीता रजत पदक

चर्चा में क्यों?

  • टोक्यो ओलंपिक में रेसलिंग की 57 किलोग्राम वेट कैटेगरी के फाइनल में रवि दाहिया 2 बार के वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव से हार गए।
  • रूस के जावुर युगुऐव को इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मिला जबकि रवि दाहिया को सिल्वर। युगुऐव ने फाइनल में उन्हें 3 पॉइंट से मात दी।
  • रवि ने कुश्ती के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के सनायेव नूरीस्लाम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
  • रवि को ये जीत विक्ट्री बाय फॉल नियम से मिली थी यानी उन्होंने नूरीस्लाम को मुकाबले से ही बाहर कर दिया था।
  • रवि पहलवान सुशील कुमार के बाद कुश्ती के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं।
  • कुश्ती में भारत को अब तक 6 ओलिंपिक मेडल
  • पहलवान सुशील ने भारत के लिए ओलिंपिक में लगातार दो मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया था।
  • सुशील ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज और 2012 लंदन ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था।
  • रवि को मिलाकर भारत ने कुश्ती में 6 मेडल जीते हैं। रवि और सुशील के अलावा योगेश्वर दत्त ने 2012 में ब्रॉन्ज, साक्षी मलिक ने 2016 रियो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीता था।
  • केडी जाधव भारत के लिए ओलिंपिक रेसलिंग में मेडल (ब्रॉन्ज) जीतने वाले पहले रेसलर थे। उन्होंने 1952 हेलसिंकी ओलिंपिक में यह कारनामा किया था।

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पदक से चूकी महिला हॉकी टीम

चर्चा में क्यों?

  • भारत की महिला हॉकी टीम का टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने से रह गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ब्रॉन्ज मेडल मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने भारत को 4-3 से हरा दिया।
  • कड़े मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने शानदार खेल दिखाया और दूसरे क्वार्टर में 3-2 की बढ़त बना ली थी।
  • हालांकि, टीम इस बढ़त को कायम नहीं रख सकी और ब्रिटेन ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में 15 मिनट के अंदर 2 गोल दाग 4-3 से मैच जीत लिया।
  • टीम इंडिया ने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया था।
  • टीम इससे पहले सिर्फ 2 बार ओलिंपिक खेली है। 1980 में टीम टॉप-4 में पहुंची थी। उस वक्त सेमीफाइनल फॉर्मेट नहीं था।
  • वहीं 2012 रियो ओलिंपिक में टीम 12वें स्थान पर रही थी।
  • ब्रिटेन के नाम 1 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज
  • ब्रिटेन ने 2016 रियो ओलिंपिक में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। इससे पहले उसे 1992, 2012 और 2021 (2020 टोक्यो) ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाबी मिली।

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राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का बदला नाम

चर्चा में क्यों/

  • केंद्र सरकार ने खेल से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस फैसला का की घोषणा करते हुए कहा कि ये अवॉर्ड हमारे देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करेगा।

1991-92 में हुई थी राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार की शुरुआत

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भारतीय खेलों का सर्वोच्च पुरस्कार है। सरकार ने 1991-92 में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी।
  • इसे जीतने वाले खिलाड़ी को प्रशस्ति पत्र, अवॉर्ड और 25 लाख रुपए की राशि दी जाती है
  • सबसे पहला खेल रत्न पुरस्कार पहले भारतीय ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद को दिया गया था।
  • अब तक 45 लोगों को ये अवॉर्ड दिया जा चुका है। हाल में क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरालंपियन हाई जम्पर मरियप्पन थंगवेलु, टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा, रेसलर विनेश फोगाट को ये अवॉर्ड दिया गया है।

 

3 हॉकी खिलाड़ियों को मिला खेल रत्न अवॉर्ड

  • हॉकी में अब तक 3 खिलाड़ियों को खेल रत्न अवॉर्ड मिला है। इसमें धनराज पिल्ले (1999/2000), सरदार सिंह (2017) और रानी रामपाल (2020) शामिल है।

 

हॉकी का जादूगर कहे जाते हैं ध्यानचंद

  • मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में हुआ था। भारत में यह दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ध्यानचंद ने सिर्फ 16 साल की उम्र में भारतीय सेना जॉइन कर ली थी।
  • वे ड्यूटी के बाद चांद की रोशनी में हॉकी की प्रैक्टिस करते थे, इसलिए उन्हें ध्यानचंद कहा जाने लगा। उनके खेल की बदौलत ही भारत ने 1928, 1932 और 1936 के ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था।
  • 1928 में एम्सटर्डम ओलिंपिक में उन्होंने सबसे ज्यादा 14 गोल किए। तब एक स्थानीय अखबार ने लिखा, ‘यह हॉकी नहीं, जादू था और ध्यानचंद हॉकी के जादूगर हैं।’ तभी से उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाने लगा।

उत्तराखंड भूकंप अलर्टएप

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-रुड़की (IIT-R) ने हाल ही में “उत्तराखंड भूकंप अलर्ट’ एप लॉन्च किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह भारत का पहला भूकंप-पूर्व चेतावनी (EEW) मोबाइल एप है।
  • यह परियोजना ‘उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ (USDMA) द्वारा प्रायोजित थी।
  • यह भूकंप-पूर्व चेतावनी प्रणाली एक वास्तविक समय भूकंप सूचना प्रणाली है, जो भूकंप की शुरुआत का पता लगा सकती है और चेतावनी जारी कर सकती है।
  • भूकंप की पूर्व चेतावनी प्रणाली का भौतिक आधार भूकंपीय तरंगों की गति है, जो फॉल्ट से तनाव मुक्त होने के बाद प्रसारित होती हैं।
  • पृथ्वी की सतह पर होने वाली कंपन सतही तरंगों के कारण होती है, जो प्राथमिक तरंगों की गति से लगभग आधी गति से यात्रा करती हैं और विद्युत चुंबकीय संकेतों की तुलना में बहुत धीमी होती हैं।
  • भूकंप की चेतावनी जारी करने के साथ-साथ यह एप उन स्थानों को भी रिकॉर्ड करेगा, जहाँ भूकंप के दौरान लोग फँस गए हैं और इस जानकारी को आपदा प्रतिक्रिया बल को भेजेगा

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निधन

पद्मा सचदेव

  • समकालीन डोगरी साहित्य की जननी कही जाने वाली पद्मा सचदेव का हाल ही में 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है।
  • 14 अप्रैल, 1940 को जम्मू-कश्मीर के सांबा ज़िले के पुरमंडल गाँव में जन्मीं पद्मा सचदेव के पहले कविता संग्रह- ‘मेरी कविता मेरे गीत’ (1969) को वर्ष 1971 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह डोगरी भाषा की पहली आधुनिक महिला कवयित्री थीं।
  • इसके अलावा उन्होंने हिंदी भाषा में भी रचनाएँ कीं। वर्ष 2015 में उन्हें अपनी आत्मकथा ‘बूंद बावरी’ के लिये पद्मश्री और सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2019 में उन्हें साहित्य के क्षेत्र में आजीवन उपलब्धि के लिये प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी फैलोशिप भी मिली।
  • लेखिका उमा वासुदेव ने पद्मा सचदेव की आत्मकथा का अंग्रेज़ी में ‘ए ड्रॉप इन द ओशन’ नाम से अनुवाद किया था।
  • वर्ष 2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पद्मा सचदेव को उनकी कविताओं के लिये ‘कबीर सम्मान’ प्रदान किया गया था। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो- जम्मू और ऑल इंडिया रेडियो- मुंबई में भी एनाउंसर काम किया।
  • उनकी कई किताबें प्रकाशित हुईं, जिसमें ‘तवी ते चानहन’ (नदियाँ ‘तवी’ और ‘चिनाब’, 1976), नहेरियान गलियाँ (डार्क लेन, 1982) और उत्तर वाहिनी (1992) प्रमुख हैं।

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