Daily Current Affairs 5 September 2020

आर्थिक वाणिज्य परिदृश्य

आरबीआई का ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO)

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुक्त बाजार परिचालन (Open Market Operations) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद और बिक्री आयोजित की।
  • इसके तहत दो चरणों में 20,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री की गई।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • ओपन मार्केट ऑपरेशन के तहत रिजर्व बैंक ने दो चरणों में 27 अगस्त और 3 सितंबर को प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री आयोजित की गई।
  • दोनों चरणों में सरकारी प्रतिभूतियों की 10,000-10,000 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री की गई।
  • रिजर्व बैंक के अनुसार वर्तमान स्थिति तथा नकदी और बाजार परिस्थतियों की समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक ने ओएमओ के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद-बिक्री करने का फैसला किया है।

क्या है ओएमओ?

  • ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सरकारी प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिल की खरीद और बिक्री करता है।
  • आरबीआई देश की अर्थव्यवस्था में नकदी की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए ओपन मार्केट ऑपरेशन करता है।
  • आरबीआई जब अर्थव्यवस्था में नकदी की आपूर्ति बढ़ाना चाहता है तो वह बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदता है।
  • जब उसे अर्थव्यवस्था में नकदी की आपूर्ति घटाने की जरूरत महसूस होती है तो वह बाजार में सरकारी सिक्योरिटी बेचता है।
  • इससे सिस्टम में तरलता (नकदी) घट जाती है।

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पीएमआई में सुधार

चर्चा में क्यों?

  • देश के सर्विस सेक्टर की स्थिति अगस्त 2020 में जुलाई के मुकाबले थोड़ी सुधरी, लेकिन इस सेक्टर में अब भी गिरावट चल रही है क्योंकि कोरानावायरस लॉकडाउन के कारण मांग और कारोबारी परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • हाल ही में जारी सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स यानी PMI जुलाई के 34.2 से बढ़कर अगस्त 2020 में 41.8 पर पहुंच गया।
  • अगस्त की रीडिंग मार्च के बाद सबसे उच्च स्तर पर है। मार्च के बाद ही देश में कोरोनावायरस महामारी ने पांव पसारना शुरू किया था।
  • अगस्त में थोड़े सुधार के बाद भी सर्विस सेक्टर का इंडेक्स लगातार छठे महीने गिरावट के दायरे में बना हुआ है।
  • आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स ( Purchasing Managers Index (PMI) के मुताबिक इंडेक्स जब 50 से नीचे रहता है, तो माना जाता है कि संबंधित सेक्टर गिरावट के दायरे में है।
  • इसके 50 के ऊपर रहने का अर्थ यह होता है कि संबंधित सेक्टर में विकास हो रहा है।

मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 52 पर पहुंचा

  • इस बीच सेवा और मैन्यूफैक्चरिंग दोनों की हालत बताने वाला कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जुलाई के 37.2 से उछलकर अगस्त में 46 पर आ गया।
  • यह लगातार पांचवें महीने गिरावट के दायरे में बना हुआ है।
  • आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 52 पर पहुंच गया, जो जुलाई में 46 पर था।
  • इसका अर्थ यह हुआ कि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर विकास के दायरे में आ गया है।

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भारत एवं विश्व

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रूस यात्रा

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 3 से 5 सितंबर तक 3 दिवसीय रूस दौरे पर रहे।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने रूस की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन (SCO), सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) और स्वतंत्र देशों का राष्ट्रकुल (CIS) सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
  • इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों का शांतिपूर्ण,स्थिर और सुरक्षित क्षेत्र को, जहां विश्व की 40 फीसदी आबादी रहती है, विश्वास और सहयोग के माहौल, गैर-आक्रामकता, अंतर्राष्ट्रीय नियमों और मानदंडों के प्रति सम्मान, एक-दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता और मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है।

AK-203 राइफल भारत में बनाने के लिए समझौते को दिया अंतिम रूप

  • इससे पहले दिन में भारत और रूस ने अत्याधुनिक एके-203 राइफल भारत में बनाने के लिए एक बड़े समझौते को अंतिम रूप दिया।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यहां की यात्रा के दौरान भारत और रूस ने अत्याधुनिक एके-203 रायफल भारत में बनाने के लिए एक बड़े समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।

‘No Arms Supply’ की पॉलिसी जारी रखेगा रूस

  • इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक मे भारत की मांग पर रूस ने वादा किया है कि, वो पाकिस्तान के साथ ‘No Arms Supply’ की पॉलिसी जारी रखेगा। यानी रूस पाकिस्तान को किसी तरह के बड़े हथियार सप्लाई नहीं करेगा।
  • इसके अलावा भारत के सुरक्षा से जुड़े मामलों पर रूस ने पूरे साथ का भरोसा भी दिया। बैठक में रूस ने भारत के मेक इन इंडिया प्रोग्राम का समर्थन किया और अपनी ओर से योगदान की बात भी कही।

स्वतंत्र देशों का राष्ट्रकुल CIS

  • यह संगठन पूर्व सोवियत संघ के घटक गणतंत्रों को एक मंच पर लाता है।
  • स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल (Commonwealth of Independent States–CIS) की स्थापना रूस, बेलारूस और यूक्रेन द्वारा 8 दिसम्बर, 1991 को मिंस्क (बेलारूस) में एक समझौते पर हस्ताक्षर कर हुई।
  • 21 दिसम्बर, 1991 को अल्मा-आटा (वर्तमान अल्माटी) (कजाकस्तान) में हुई बैठक में पूर्व सोवियत संघ के आठ और गणतंत्र-अर्मीनिया, अजरबैजान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मॉल्डोवा, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान, सीआईएस के सदस्य बने।
  • जॉर्जिया ने 1993 में इस संगठन की सदस्यता ग्रहण की।
  • तीन बाल्टिक राज्य- एस्टोनिया, लाटविया और लिथुआनिया, सीआईएस से बाहर रहे।
  • सीआईएस का उद्देश्य पूर्व सोवियत संघ से स्वतंत्र हुए उत्तरवर्ती राज्यों में सरकारी कार्यों और संधि दायित्वों के व्यवस्थित स्थानान्तरण में सहायता पहुंचाना; राष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण में समन्वित नीतियों को प्रोत्साहन देना, तथा; सदस्य देशों में आर्थिक एकता स्थापित करने के लिये कार्य करना है।

सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO)

  • सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (Collective Security Treaty Organization, CSTO) या सामान्य तौर पर कहें तो ताशकंद संधि प्रथम सीआईएस सामूहिक सुरक्षा संधि बनी जिसे ताशकंद शहर में आर्मेनिया, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, रूसी संघ, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा 15 मई, 1992 को हस्ताक्षरित किया गया।
  • इस संधि पर अजरबैजान ने सितंबर 1993 में, जार्जिया ने दिसंबर 1993 में और बेलारूस ने 1993 में हस्ताक्षर किए।
  • संधि 20 अप्रैल, 1994 से प्रभावी हुई। इस संगठन का नाम 7 अक्टूबर, 2002 में ताशकंद में सीएसटीओ किया गया।
  • उज्बेकिस्तान सीएसटीओ में संपूर्ण भागीदार बन गया और मार्च 2008 में इसकी संसद द्वारा सदस्यता की औपचारिक तौर पर पुष्टि कर दी गई।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO)

  • Shanghai Cooperation Organisation (SCO) एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जिसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है।
  • इसकी स्थापना 15 जून, 2001 को शंघाई में हुई थी।
  • वर्ष 2001 में SCO की स्थापना से पूर्व कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान ‘शंघाई-5’ नामक संगठन के सदस्य थे।
  • वर्ष 1996 में ‘शंघाई-5’ का गठन विसैन्यीकरण वार्ता की श्रृंखलाओं से हुआ था, जो चीन के साथ चार पूर्व सोवियत गणराज्यों ने सीमाओं पर स्थिरता के लिये किया था।
  • वर्ष 2001 में उज़्बेकिस्तान के संगठन में प्रवेश के बाद ‘शंघाई-5’ को SCO नाम दिया गया।
  • वर्ष 2017 में भारत तथा पाकिस्तान को इसके सदस्य का दर्जा मिला।
  • वर्तमान में इसके सदस्य देशों में कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।
  • वर्तमान में इसके सदस्य देशों में कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।

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त्रिपुरा-बांग्लादेश  के लिए नया जलमार्ग

चर्चा में क्यों?

  • त्रिपुरा और बांग्लादेश को अंतर-देशीय जलमार्ग से जोड़ने के लिये बांग्लादेश के दाउदकंडी से त्रिपुरा के सोनमुरा तक ट्रायल रन की शुरुआत हो गई है।
  • इस ट्रायल के तहत बांग्लादेश के दाउदकंडी से एक जहाज़ त्रिपुरा के सोनमुरा के लिये रवाना हुआ है, जो कि 93 किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए 5 सितंबर तक भारत पहुचा।
  • इस जलमार्ग के शुरू होने से पूर्वोत्तर के राज्यों को विशेष लाभ मिलेगा और भारत तथा बांग्लादेश के बीच कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी।

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रक्षा-प्रतिरक्षा

इन्द्र नेवी-2020

चर्चा में क्यों?

  • भारत और रूस के बीच ग्यारहवीं बार आयोजित हो रहा द्विवार्षिक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास “इन्द्र नेवी” बंगाल की खाड़ी में 04 से 05 सितंबर 2020 तक चलेगा।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत 2003 में हुई थी। इसने दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों को प्रमाणित किया है।
  • यह नौसेनिक अभ्यास बंगाल की खाड़ी में ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है।
  • यह संयुक्त नौसैनिक अभ्यास नई संभावनाओं, संचालन और भागीदारी के स्तर में वृद्धि के नजरिए से समय के साथ परिपक्व होता गया है।
  • इस अभ्यास का मूल उद्देश्य दोनों नौसेनाओं द्वारा पिछले कई वर्षों में हासिल की गई अंतर-संचालन दक्षता को और मजबूत करना है और साथ ही बहुआयामी समुद्री अभियानों के लिए आपसी समझ और प्रक्रियाओं को विस्तार देना है।
  • इस बार के संयुक्त अभ्यास में समुद्री परिचालन के क्षेत्र में व्यापक और विविध गतिविधियों को शामिल किया गया है।
  • कोविड महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर इस बार यह अभ्यास केवल समुद्री क्षेत्र तक सीमित रखा जाएगा।
  • संयुक्त अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल विध्वंसक रणविजय, स्वदेशी फ्रिगेट सह्याद्री और फ्लीट टैंकर शक्ति करेंगे।
  • रूसी संघ की नौसेना का प्रति​निधित्व व्लादिवोस्तोक में स्थित प्रशांत क्षेत्र के नौसेनिक बेड़े के विध्वंसक एडमिरल विनोग्रादोव, विध्वंसक एडमिरल ट्रिब्यूट्स और फ्लीट टैंकर बोरिस बुटोमा द्वारा किया जाएगा।
  • ऐसा पिछला अभ्यास विशाखापत्तनम में दिसंबर 2018 में आयोजित किया गया था।
  • “इन्द्र नेवी-20”संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रिपूर्ण संबंध और मजबूत होंगे।

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राज्य परिदृश्य

असम धरोहर विधेयक

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में असम विधानसभा ने मानसून सत्र के समापन दिवस पर राज्य की उन मूर्त विरासतों की रक्षा, संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिये एक विधेयक पारित किया है, जो कि वर्तमान में किसी भी राष्ट्रीय या राज्य कानून के तहत शामिल नहीं है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • असम (मूर्त) धरोहर सुरक्षा, संरक्षण, परिरक्षण और रखरखाव विधेयक, 2020 का पारित होना वर्ष 1985 के असम समझौते के खंड 6 को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है।
  • इस विधेयक में संग्रहालय वस्तुओं (Museum Objects) जैसे सिक्के, मूर्तियों, पांडुलिपियों, पुरालेखों या कला और शिल्प कौशल के अन्य कार्य और स्वदेशी लोगों की सभी सांस्कृतिक कलाकृतियों को शामिल किया गया है।
  • यह विधेयक असम की मूर्त विरासत की रक्षा, संरक्षण, रखरखाव और जीर्णोद्धार का प्रयास करता है। अधिनियम में उन सभी धरोहरों को शामिल किया जाएगा जो कम-से-कम 75 वर्ष से अस्तित्त्व में हैं।
  • इस विधेयक के तहत उन धरोहर स्थलों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिन्हें संसद द्वारा राष्ट्रीय महत्त्व के रूप में घोषित किया गया है अथवा जिन्हें असम प्राचीन स्मारक और अभिलेख अधिनियम, 1959 के तहत कवर किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि असम समझौते की धारा-6 में असमिया लोगों की सांस्कृतिक, सामाजिक, भाषायी पहचान और धरोहर के संरक्षण तथा उसे बढ़ावा देने के लिये उचित संवैधानिक, विधायी तथा प्रशासनिक उपाय करने का प्रावधान है।

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चर्चित स्थल

काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व

चर्चा में क्यों?

  • असम सरकार ने काजीरंगा नेशनल पार्क में 3,000 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि शामिल करने को मंज़ूरी दी है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • अतिरिक्त भूमि शामिल होने के साथ ही नेशनल पार्क का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 914 वर्ग किमी हो जाएगा।
  • इससे पहले इस नेशनल पार्क में वर्ष 2016 में 195 वर्ग किमी. भूमि शामिल की गई थी जब नेशनल पार्क और ओरंग नेशनल पार्क से जोड़ा गया था।
  • यह निर्णय बेहतर वन्यजीव संरक्षण और भविष्य में मानव तथा वन्यजीवों के बीच संघर्ष की स्थिति को कम करने की दिशा में पहल करते हुए लिया गया है।

काजीरंगा नेशनल पार्क

  • काजीरंगा नेशनल पार्क असम में स्थित है।
  • नेशनल पार्क में लगभग 250 से अधिक मौसमी जल निकाय हैं, इसके अलावा डिपहोलू नदी (Dipholu River) इसके मध्य से बहती है।
  • काजीरंगा में मुख्य रुप से ‘बड़ी चार’ प्रजातियों- गैंडा , हाथी , रॉयल बंगाल टाइगर और एशियाई जल भैंस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • काजीरंगा नेशनल पार्क विश्व में लुप्तप्राय एक सींग वाले गैंडों का सबसे बड़ा निवास स्थान है।

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केनिचि आयुकावा

चर्चा में क्यों?

  • वाहन उद्योग के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (The Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) के सदस्यों ने मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ केनिचि आयुकावा को अपना नया प्रेसिडेंट चुना है। उनका कार्यकाल दो साल का होगा।
  • यह कमेटी देश के ऑटोमोबाइल उद्योग की शीर्ष नियामक है।
  • आयुकावा 2013 से देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ हैं।
  • सियाम के प्रेसिडेंट पद पर वह राजन वधेरा की जगह लेंगे। वधेरा महिंद्रा एंड महिंद्रा के सीनियर एडवायजर हैं।

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