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Daily Current Affairs: 4 August 2021

ओलंपिक 2020

लवलिना बोरगोहेन ने जीता कांस्य पदक

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय महिला बॉक्सर लवलिना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक, 2020 में कांस्य पदक जीता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पहली बार ओलिंपिक खेल रहीं 23 साल की भारतीय महिला बॉक्सर लवलिना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल मुकाबला हारने के बावजूद इतिहास लिख दिया।
  • वह ओलंपिक ब्रॉन्ज मैडल जीतने वाली दूसरी महिला बॉक्सर हैं, इससे पहले 2012 में एमसी मेरीकॉम ने ब्रॉन्ज जीता था।
  • 69 KG वेट कैटेगरी लवलिना वर्ल्ड नंबर वन तुर्की की बुसेनाज सुरमेली के खिलाफ सेमीफाइनल में हार गईं।
  • लवलिना ओलिंपिक में भाग लेने वाली असम की पहली महिला खिलाड़ी भी हैं। वे असम के गोलाघाट जिले की रहने वाली हैं।
  • लवलिना बॉक्सिंग में आने से पहले किक बॉक्सिंग करती थीं। वे किक बॉक्सिंग में नेशनल लेवल पर मेडल जीत चुकी हैं।
  • लवलिना ने अपनी जुड़वा बहनों लीचा और लीमा को देखकर किक बॉक्सिंग करना शुरू किया था।

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अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य

यज़ीदी समुदाय के जीवित बच गए लोगों के लिये क़ानून

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र ने चरमपंथी गुट इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत (ISIL) द्वारा बर्बरतापूर्ण ढंग से धार्मिक अल्पसंख्यकों व अन्य समुदायों को निशाना बनाए जाने के सात वर्ष पूरे होने पर एक वक्तव्य जारी किया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यज़ीदी समुदाय के जीवित बच गए लोगों के लिये क़ानून (Yazidi Survivors Law) मार्च में पारित किया गया था।
  • इस क़ानून में आईसिल द्वारा, महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के हनन के मामलों की शिनाख़्त करते हुए, सरकारों से उन्हें मुआवज़ा दिये जाने की मांग की गई है।
  • आईसिल को दाएश के नाम से भी जाना जाता है, और इस गुट ने इराक़ के उत्तरी हिस्से में यज़ीदी समुदाय के विरुद्ध जनसंहार अभियान चलाया था।
  • इस दौरान, हज़ारों लोगों को उनकी पहचान की वजह से अकल्पनीय हिंसा का शिकार बनाया गया। बड़े पैमाने पर यौन हिंसा, सामूहिक हत्याओं, जबरन धर्मान्तरण और अन्य अपराधों के मामले हुए।
  • बहुत से लोग अब भी विस्थापितों के लिये बनाए गए शिविरों में रह रहे हैं या अब भी लापता हैं।

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अफ़्रीकी मूल के लोगों का नया स्थाई फ़ोरम

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सदियों से नस्लवाद, नस्लभेद और दासता से पीड़ित रहे अफ़्रीकी मूल के लोगों के जीवन में बेहतरी लाने पर केन्द्रित एक नए मंच की स्थापना की है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 193 सदस्य देशों वाली यूएन महासभा में हाल ही में एकमत से प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत अफ़्रीकी मूल के लोगों का संयुक्त राष्ट्र स्थाई फ़ोरम स्थापित किया गया है।
  • यह 10 सदस्यों वाला एक परामर्शदाता निकाय है, जो कि जिनेवा स्थित मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के साथ नज़दीकी तौर पर कार्य करेगा। नए फ़ोरम को अफ़्रीकी मूल के लोगों व अन्य पक्षकारों के लिये सलाह-मशविरे की एक व्यवस्था क़रार दिया गया है।
  • बताया गया है कि इसके ज़रिये अफ़्रीकी मूल के लोगों के अधिकारों के पूर्ण सम्मान व उन्हें बढ़ावा दिये जाने के लिये, क़ानूनी रूप से बाध्यकारी एक औज़ार की दिशा में पहला क़दम उठाया गया है।
  • स्थाई फ़ोरम के ढांचे पर, नवम्बर 2014 से विचार-विमर्श हो रहा था, जब यूएन महासभा ने आधिकारिक रूप से ‘अफ़्रीकी मूल के लोगों के अन्तरराष्ट्रीय दशक’ (2015-2024) की शुरुआत की थी।
  • मानवाधिकार परिषद ने कुछ ही दिन पहले, अफ़्रीकी मूल के लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस के कामकाज में व्यवस्थागत नस्लभेद के मामलों की जाँच के लिये विशेषज्ञों का एक पैनल गठित किया था।
  • वर्ष 2020 में अमेरिका में एक पुलिस अधिकारी के हाथों, एक काले व्यक्ति जियॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या हो जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने एक रिपोर्ट पेश की थी जिसके बाद यह क़दम उठाया गया है।
  • मानवाधिकार मामलों की यूएन प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने इस रिपोर्ट में और अन्य सार्वजनिक वक्तव्यों में, अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये गहराती विषमताओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।

यह होगी फोरम की संरचना

  • अफ़्रीकी मूल के लोगों के स्थाई फ़ोरम में, सरकारों द्वारा नामित और फिर जनरल असेम्बली द्वारा निर्वाचित पाँच सदस्य होंगे।
  • पाँच अन्य सदस्यों की नियुक्ति मानवाधिकार परिषद करेगी।

फोरम के कार्य

  • यह फ़ोरम, अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये, आर्थिक, राजनैतिक व सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिये प्रयास करेगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके साथ समान नागरिकों जैसा बर्ताव हो और उनके मानवाधिकारों का पूर्ण रूप से ख़याल रखा जाए।
  • यह फ़ोरम, मानवाधिकार परिषद, महासभा की मुख्य समितियों और उन विभिन्न यूएन संस्थाओं को विशेषज्ञ परामर्श व अनुशंसाएँ पेश करेगा, जो कि नस्लीय भेदभाव से जुड़े मुद्दों पर कार्य कर रही हैं।
  • इसके अतिरिक्त, अन्तरराष्ट्रीय दशक के तहत आयोजित गतिविधियों की प्रगति पर नज़र रखी जाएगी और सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीक़े जुटाए जाएंगे।
  • स्थाई फ़ोरम का पहला सत्र वर्ष 2022 में होगा, जिसके बाद वार्षिक सत्र बारी-बारी से जिनेवा और न्यूयॉर्क में आयोजित कराए जाने की योजना है।

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राष्ट्रीय परिदृश्य

आर्यन घाटी जु़ड़ी नेशनल ग्रिड

चर्चा में क्यों?

  • पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (PGCIL) ने लद्दाख की आर्यन घाटी (कारगिल जिला) में 40 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है।
  • प्रधानमंत्री के विकास कार्यक्रम के तहत, पावर ग्रिड ने लालुंग से दारचिक के बीच लालुंग, दारचिक, सिल्मू, बटालिक, सिनिकसी, हरदास, गारकोन और आसपास के अन्य गांवों को जोड़ा। इस कनेक्शन से कारगिल जिले की आर्यन घाटी (Aryan Valley) के सभी गांव अब 220 केवी श्रीनगर-लेह ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से नेशनल ग्रिड से जुड़ गए हैं।
  • सिंधु नदी की ऊपरी पहुंच में 40-किमी 11 केवी ट्रांसमिशन लाइन राष्ट्रीय सीमा की परिधि पर लालुंग, सिल्मू, बटालिक, दारचिक, हरदास, सिनिकसी और गारकोन गांवों को जोड़ती है।
  • यह रेखा लद्दाख में ग्रामीण विद्युतीकरण का आधार है। केंद्र ने श्रीनगर-लेह लाइन को लेह के उत्तर में नुब्रा घाटी तक विस्तारित करने सहित लद्दाख के दूरदराज के गांवों के लिए 1,310 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
  • पावरग्रिड ने नुब्रा घाटी में लार्गियाब जैसे 20 दूरदराज के गांवों को जोड़ने का काम पूरा कर लिया है। इसके अलावा, कारगिल जिले में वानला से फतोकसर, लमायारू से आतिशे, फोटरसे और सस्पोल क्षेत्र को जोड़ने वाली 150 किलोमीटर की कुल 11-केवी लाइनें बिछाई गई हैं।

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भारत एवं विश्व

गोगरा हाइट्स से सेना हटाएंगे भारत-चीन

चर्चा में क्यों?

  • भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर पिछले साल मई से जारी गतिरोध सुलह की ओर बढ़ता दिख रहा है।
  • दोनों देश गोगरा हाइट्स से अपनी-अपनी सेना हटाने पर सहमत हो गए हैं। मई, 2020 से ही इस क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • दोनों पक्षों में कोर कमांडर लेबल की 12वें दौर की यह बातचीत चीन के हिस्से वाले मोल्डो में हाल ही में सम्पन्न हुई।
  • मीटिंग में पेट्रोलिंग पॉइंट 17A से दोनों देशों की सेनाओं ने हटने का फैसला किया है।
  • गोगरा हाइट्स का पेट्रोलिंग पॉइंट 17A पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के विवादित क्षेत्रों में से एक रहा है।
  • हॉट स्प्रिंग के पेट्रोलिंग पॉइंट (PP-15) और देपसांग समेत बाकी मुद्दों पर भी दोनों देश मीटिंग जारी रखेंगे और बातचीत के जरिए इनका भी हल निकालेंगे।

हॉटलाइन स्थापित

  • सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर किसी तरह की हिंसक झड़पों से बचने और विश्वास तथा सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ाने के लिये भारत और चीन की तरफ से अहम पहल हुई है।
  • जिसके तहत उत्तरी सिक्किम के कोंगरा ला में भारतीय सेना और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के खंबा दजोंग में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच हॉटलाइन स्थापित की गई।

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